लेडिज SP का पारफारमेंस पुरूषों से बेहतरः एक साथ मिली तीन जिलों की कमान, जाबांज महिला आईपीएस को मिली उसी जिले की कमान, जिसमें ट्रेनी रहने के दौरान देश को हिलाने वाली घटना हुई थी

नई दिल्ली, 30 सितंबर 2021। आमतौर पर महिला आईपीएस को फील्ड की कमान सौंपने में परहेज किया जाता है। सूबे के पुलिस प्रमुख नाम के लिए दो-एक आईपीएस को पुलिस अधीक्षक बना देते हैं। वरना, बाकी पुरूष अफसरों को ही एसपी बनाने में विश्वास किया जाता है।
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने पहली बार दिल्ली में तीन जिलों की कमान लेडी आईपीएस अफसरों को सौंप दिया है। तीनों को डीसीपी बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के इतिहास में ये पहली बार हुआ है। बता दें, दिल्ली में पहले से दो जिले में महिला आईपीएस डीसीपी हैं और उनके इलाके में अपेक्षाकृत अपराध कम हुए हैं। समझा जाता है कि इसको देखते दिल्ली में डीसीपी की संख्या पांच कर दी गई।
पुलिस कमिश्नर के आदेश के अनुसार अब 13 में से 5 जिलों की कमान अब महिला डीसीपी के हाथ में होगी। तीन में बेनीता मैरी भी शामिल हैं। वे देश को झकझोंर देने वाले निर्भया गैंग रेप के दौरान उस जिले में ट्रेनी आईपीएस अधिकारी थीं। याने बेनीता मैरी को उसी जिले की कमान सौंपी गई है जहां से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी। जुझारू लेडी ऑफिसर के तौर पर पहचानी जाती हैं।
दूसरी आईपीएस हैं ईशा पाण्डेय। पीसीआर में तैनात ईशा को साउथ ईस्ट जिले की जिम्मेदारी दी गई है। पीसीआर में रहते हुए ईशा ने कई सराहनीय काम किये। वहीं, दिल्ली पीएचक्यू की डीसीपी श्वेता चौहान को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट का डीसीपी बनाया गया है। श्वेता की एक तेज तर्रार महिला अधिकारी के रूप में गिनती होती है।
इन तीन महिला आईपीएस अधिकारियों के अलावा पहले से ही नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की डीसीपी के तौर पर उषा रंगनानी और पूर्वी दिल्ली की डीसीपी प्रियंका कश्यप अपने अपने जिलों को बखूबी संभाल रही हैं। गौरतलब है कि इन दोनों जिलों में पिछले काफी महीनों में कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है। शायद यही वजह है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने इस महिला ब्रिगेड पर पुरुषों से ज्यादा भरोसा जताया है।
