किसानों पर लाठी चार्ज मामले में कोंडागांव पुलिस का ‘मासूमियत’ से भरा दावा – “ कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ है,धक्कामुक्की और भागदौड़ में कुछ को मामूली चोटें..प्रदर्शनकारी और आक्रोशित यात्री थे आमने सामने”

कोंडागांव,19 फ़रवरी 2020।धान मसले पर प्रदर्शन और चक्का जाम कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज मसले पर कोंडागांव पुलिस अधिक्षक की ओर से बगैर हस्ताक्षरित विज्ञप्ति मीडिया को जारी की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया है।
मीडिया रिपोर्ट तस्वीरों के साथ साबित करती हैं लाठीचार्ज हुआ और किसान घायल हुए, बल्कि इसकी जद में मीडिया कर्मी भी आ गए। पर कोंडागांव पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी विज्ञप्ति दावा करती है
“सात घंटे से मार्ग अवरुद्ध होने से यात्रियों और प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद और तनाव बढ़ रहा था, भीड़ अंधेरे का फ़ायदा उठा कर धक्कामुक्की और पथराव कर रही थी। पुलिस बल ने केवल प्रदर्शनकारियों को अलग थलग किया, यदि ऐसा नहीं करते तो प्रदर्शनकारियों और यात्रियों के बीच अप्रिय स्थिति होने की पूर्ण संभावना थी। सही जानकारी के अभाव में लाठीचार्ज करने का समाचार मीडिया और सोशल मीडिया में प्रसारित हो रहा है”
विदित हो कि भाजपा ने इस मसले पर अपना प्रतिनिधि मंडल भेजा है।

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