जानिए: बिहार चुनाव में नेताओं और अभिनेताओं के बेटे-बेटियों का क्‍या है हाल, शत्रुघ्‍न-शरद के बेटा-बेटी पिछड़े…

पटना 10 नवम्बर 2020। बिहार में मतों की गणना में एक तरफ हसनपुर में लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप पीछे हैं तो बिहारीगंज में शरद यादव की बेटी सुभाषिनी राज राव और बांकीपुर में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा के बेटे लव सिन्‍हा भी पीछे चल रहे हैं। आइए एक नज़र डाल लेते हैं बड़े नेताओं के इन नौनिहालों की सीट की ताजा स्थिति पर।

तेजस्वी यादव- राघोपुर सीट पर आगे चल रहे हैं। महागठबंधन की ओर से सीएम कैंडिडेट तेजस्‍वी यादव वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट से दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं। तेजस्‍वी की उम्‍मीदवारी की वजइ से इस सीट पर पूरे देश की नजर है। भाजपा ने यहां से सतीश कुमार को मैदान में उतारा है। 2010 के चुनाव में सतीश, पूर्व सीएम राबड़ी देवी को हरा चुके हैं। एलजेपी ने राकेश रौशन को उतारा है। राकेश की वजह से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। यह इलाका 1995 से राजद का मजबूत गढ़ रहा है। इस सीट से लालू यादव चुनाव जीतते रहे हैं।

तेजप्रताप यादव- लालू यादव-राबड़ी यादव के बड़े बेटे हसनपुर सीट पर पीछे चल रहे हैं। यह सीट समस्‍तीपुर जिले में आती है। तेजप्रताप ने 2015 का चुनाव महुआ से जीता था। इस बार राजद ने उनकी सीट बदल दी। तेजप्रताप के मुकाबले जद यू  के वर्तमान विधायक राजकुमार राय उतरे थे।

सुभाषिनी यादव- शरद यादव की बेटी सुभाषिनी यादव बिहारीगंज सीट पर पीछे चल रही हैं। वह कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रही हैं। उनका मुकाबला जद यू के निरंजन कुमार मेहता से माना जा रहा है। हालांकि, जद यू यहां पर पिछले दो चुनाव से लगातार जीत दर्ज कर रही है। इससे पहले तीन बार राजद का इस सीट पर कब्जा रहा है।

लव सिन्हा- फिल्‍म अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्‍न सिन्‍हा के बेटे लव सिन्‍हा बांकीपुर सीट पर पीछे चल रहे हैं। वह बतौर कांग्रेस उम्मीदवार इस सीट से बिहार के चुनावी रण में उतरे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के तीन बार के विधायक नितिन नवीन और प्लूरल्स पार्टी से उतरीं पुष्पम प्रिया से है। नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा भी यहां से कई बाहर विधायक रह चुके हैं। नितिन इस सीट पर आगे चल रहे हैं। इस सीट पर पूर्व एमएलसी विनोद चौधरी की बेटी पुष्पम प्रिया भी किस्‍मत आजमा रही हैं।

चंद्रिका राय- लालू यादव के समधी चंद्रिका राय परसा की सीट पर पीछे चल रहे हैं। यह सीट सारण जिले में आती है। चंद्रिका राय की वजह से यह सीट काफी हाई प्रोफाइल हो गई है। इस बार यहां काफी कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। चंद्रिका राय को जद यू ने टिकट देकर मैदान में उतारा है। चंद्रिका पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय के बेटे हैं। राजद ने इस सीट से छोटे लाल राय को मैदान में उतारा है। जबकि एलजेपी ने राकेश सिंह को उम्‍मीदवार बनाया है। इस बार चंद्रिका राय के लिए उनकी बेटी और लालू यादव की बहू ऐश्वर्या राय ने भी प्रचार किया।

श्रेयसी सिंह- अंतराष्‍ट्रीय शूटर और भाजपा उम्‍मीदवार श्रेयसी सिंह जमुई सीट पर पीछे चल रही हैं। श्रेयसी के पिता स्वर्गीय दिग्विजय सिंह केंद्रीय मंत्री रहे हैं जबकि उनकी मां पुतुल सिंह सांसद रही हैं। जमुई विधानसभा सीट पहले चरण की हाई प्रोफाइल सीटों में शामिल है। राजद से मौजूदा विधायक विजय प्रकाश और आरएलएसपी से पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह के पुत्र अजय प्रताप यहां से  किस्मत आजमा रहे हैं। विजय प्रकाश के बड़े भाई भाई जय प्रकाश भी केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। अजय प्रताप के पिता भी बिहार में मंत्री रहे हैं।

शुभानंद मुकेश- कांग्रेसी दिग्‍गज सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश कहलगांव सीट पर आगे चल रहे हैं। भागलपुर का कहलगांव सीट कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। सदानंद सिंह यहां से नौ बार से विधायक रह चुके हैं। इस बार वह खुद चुनावी मैदान में नहीं हैं। शुभानंद मुकेश कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक रहे हैं जबकि भाजपा से पवन यादव किस्मत आजमा रहे हैं।

दिव्या प्रकाश-तारापुर सीट पर आगे चल रही हैं। तारापुर विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी का युवा चेहरा दिव्या प्रकाश का भी सियासी भविष्य दांव पर लगा है. यहां से जेडीयू से मेवालाल चौधरी, एलजेपी से मीना देवी, जाप से कर्मवीर कुमार और आरएलएसपी से जितेन्द्र कुमार मैदान में है. हालांकि, यह सीट दिव्या प्रकाश के चुनाव लड़ने के चलते ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरजेडी के दिग्गज नेता जय प्रकाश यादव की बेटी हैं. पहले चरण की सबसे युवा प्रत्याशी दिव्या प्रकाश की तो उम्र केवल 28 साल है और वो चुनावी समर में उतरी हैं. 2015 में यहां से मेवालाल चौधरी विधायक चुने गए थे.

पप्पू सिंह-लालगंज सीट पर पीछे चल रहे हैं। पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार के भतीजे पप्पू सिंह कांग्रेस के टिकट पर लालगंज से मैदान में हैं, जिनके खिलाफ बीजेपी से संजय कुमार सिंह, एलजेपी से राजकुमार शाह और आरएलएसपी के दिनेश कुमार कुशवाहा ताल ठोक रहे हैं. इस सीट के मौजूदा विधायक एलेजेपी के राजकुमार शाह हैं.

ललन यादव-सुल्तानगंज सीट पर पीछे चल रहे हैं। सुल्तानगंज से युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष युवा नेता ललन यादव भी चुनावी मैदान में हैं. ललन की सुल्तानगंज में अच्छी पैठ है जबकि जातीय समीकरण भी इनके पक्ष में दिखाई दे रहा है. जेडीयू से ललित नारायण मंडल, आरएलएसपी से हिमांशु प्रसाद और एलजेपी की नीलम देवी भी मैदान में हैं. इस सीट से मौजूदा विधायक जेडीयू के सुबोध राय थे, जो लगातार दूसरी बार इस सीट पर विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन पार्टी ने इस बार उनका टिकट काट दिया है, लेकिन इस सीट की चर्चा ललन यादव के चलते है.

देवेंद्र कुमार मांझी मखदूमपुर सीट पर पीछे चल रहे हैं। मखदुमपुर सीट से जीतनराम मांझी के दामाद देवेंद्र कुमार मांझी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा से मैदान में हैं. देवेंद्र कुमार के खिलाफ आरजेडी से सतीश दास चुनावी मैदान में उतरे हैं. इसी सीट पर दोनों प्रत्याशी युवा हैं, लेकिन सतीश दास एक साधारण परिवार के साथ-साथ महादलित समुदाय के रविदास समाज से आते हैं. वो आरजेडी के छात्र संगठन से जुड़े रहे हैं, जिसके चलते पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक सुबेदार दास का टिकट काटकर उन्हें मैदान में उतारा है।

 

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