किडनैपिंग अपडेट : 6 साल के शिवांश को झारखंड के खतरनाक किडनैपर्स गैंग को सौंपने की थी प्लानिंग, 25 लाख फिरौती की डिमांड करने वाले थे……फिल्मी स्टाईल में पुलिस ने कार से किडनैपर्स का पीछा कर बच्चे को छुड़ाया…. नौकरी गयी तो रसोईया बन गया किडनैपर

रायगढ़ 21 फरवरी 2021। 6 साल के मासूम शिवांश के किडनैपर्स के इरादे बेहद खतरनाक थे।  अगवा करने के बाद बच्चे को झारखंड के खूंखार किडनैपर्स गैंग के हवाले कर 25 लाख फिरौती वसूली की प्लानिंग थी, लेकिन रास्ते में ही रायगढ़ पुलिस ने अपहर्ताओं को धर दबोचा। 6 साल के बच्चे की 8 घंटे के भीतर किडनैपर्स गैंग से रिहाई पर अब रायगढ़ पुलिस की मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और डीजीपी ने तारीफ की है। किडनैपिंग का मास्टर माइंड खिलावन महंत है, जो पेशे से रसोईया है और शिवांश के घर पर ही खाना बनाने का काम करता था।

18 फरवरी को  शिवांश के पिता राहुल अग्रवाल ने काम नहीं होने का हवाला देकर  रसोईया खिलावन को नौकरी से हटा दिया था। खिलावन का बकाया पैसा भी दे दिया गया। इसके दो दिन बाद 20 फरवरी को खिलावन फिर से राहुल अग्रवाल के घर मोबाइल चार्जर लेने के बहाने से पहुंचा और चिप्स देने के बहाने से 6 साल के शिवांश को लेकर शाम करीब साढे 5 बजे बाइक से फरार हो गया। काफी देर बाद खोजबीन पर भी जब शिवांश का पता नहीं चला तो परिजनों ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करायी।

घटना की सूचना पर एसपी तुरंत खरसिया चौकी पहुंचे वहीं एडिश्नल एसपी अभिषेक वर्मा साइबर टीम के साथ संदेही के संभावित लोकेश की पड़ताल में जुट गये। इसी बीच बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी भी मौके पर पहुंच गये। इसी बीच शातिर आरोपीगण पुलिस की नाकेबंदी के रास्तों को जानते हुए मुख्य मार्ग को छोड़ते हुए पहाड़ी व अंदरूनी रास्तों का प्रयोग करते बम्हनीनडीह- नंदेली- तारापुर अमलीभौना होते हुए रायगढ़ की सीमा पार करने की जानकारी मिली । जबकि खरसिया में संदेही अपने परिचितों को बिहार जाने की बात बताया था ताकि पुलिस बिहार की ओर टीम रवाना करें।  यही नहीं संदेही खिलावन महंत बालक को घर से मोटरसाइकिल में बिठा कर ले गया था। CCTV फुटेज में भी वह बाइक में दिखा परन्तु अपने साथियों के साथ अपनी पूर्व प्लानिंग अनुसार खिलावन महंत पुलिस को चकमा देने बाइक से निकला और रास्ते में बाइक छोड़ अपने दो साथी अमर दास महंत व संजय सिदार (ड्राइवर) जो किराये की अर्टिगा कार के साथ रास्ते में उसका इंतजार कर रहे थे, उनसे मिला । अब तीनों आरोपी बालक को कार में बिठाकर झारखंड रवाना हुये, वे इस घटना में अपने को सुरक्षित रखने झारखंड के पेशेवर अपहरण गिरोह को सौंपने के लिये सम्पर्क कर रहे थे, उसके बाद आरोपियों की योजना  बालक के पिता से 25 लाख रूपये की डिमांड करने की थी ।

इसी बीच आरोपियों के अर्टिगा कार से खूंटी झारखंड की ओर जाने की जानकारी मिली। खरसिया से रवाना हुई 2 इंस्पेक्टरों की टीम इस कार का पीछा कर रही थी । आगे इस टीम द्वारा खूंटी पुलिस को  कार एवं संदेहियों का हुलिया बताकर नाकेबंदी का पाइंट दिया गया जिस पर खूंटी पुलिस द्वारा आरोपियों की कार को  रोका गया और  पीछे-पीछे तभी रायगढ़ पुलिस की टीम पहुंची । जहां आरोपियों के कब्जे से बालक शिवांश को सकुशल बरामद कर खरसिया लाया गया है । आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा 25 लाख फिरौती के लिए बालक का अपहरण करने की बात बताई जा रही है, इस कार्य के लिए वे झारखंड के एक पेशेवर गिरोह के संपर्क मेंथे  ।

अर्टिगा कार CG-13 AE-7025 की तलाशी लेने पर कार अंदर एक प्लास्टिक बोरी, गमछा, एक छोटी शीशी में क्लोरोफॉर्म, रस्सी, बोरी, मिक्चर, बिस्किट, चिप्स, पानी बॉटल मिला है, जिसे जप्त किया गया ।    रायगढ़ पुलिस को मिली सफलता पर डीजीपी श्री डीएम अवस्थी द्वारा बालक को सकुशल बरामद करने वाली टीम के लिये 1 लाख रूपये इनाम की घोषणा की गई हैं । आई जी बिलासपुर ने 10 हजार रुपये इनाम की घोषणा की है। । वहीं माननीय मुख्यमंत्री, गृहमंत्री एवं CMO आफिस द्वारा ट्वीट कर रायगढ़ पुलिस को बधाई दी गई है। 

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