कंगना रनौत ने किसान आंदोलन के चलते एक महीने में गंवा दिए 15 करोड़ के प्रोजेक्ट

मुंबई 6 फरवरी 2021. पूरे देश में नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन को लेकर दो पक्ष नजर आ रहे हैं। एक पक्ष जहां आंदोलन को सही बता रहा है जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। इस पूरे मामले में कंगना रनौत शुरुआत से ही सोशल मीडिया पर अपनी बात रख रही हैं। कंगना का कहना है कि ये आंदोलन किसानों का है ही नहीं, देश के किसानों के नाम पर बड़ी साजिश रची जा रही है। हाल ही में किसान आंदोलन पर अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग के साथ मिया खलीफा ने ट्वीट कर समर्थन दिया था। जिसके बाद से कंगना उनके खिलाफ जमकर बोल रही है।

ऐसे में अब कंगना रनौत ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी से किसान आंदोलन पर वैश्विक समर्थन को लेकर खास बातचीत की। कंगना ने अपनी बातचीत में कहा, ‘वो भारत को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही वह क्रूरता से देश को विभाजित करने की भी कोशिश कर रहे हैं।’ इसके बाद कंगना ने ग्रेटा थनबर्ग का जिक्र करते हुए कहा, ‘ग्रेटा थनबर्ग ने गलती से एक दस्तावेज ट्वीट कर दिया और फिर तुरंत इसे हटा दिया। ऐसा नहीं है कि मैं इस मुद्दे पर अभी बोल रही हूं, जब से यह आंदोलन शुरू हुआ है तब से मैं बोल रही हूं। मैं सीएए को दौरान भी बोली थी, जब आपकी नागरिकता जा ही नहीं हैं तो क्यों लड़ रहे हैं। निश्चित रूप से यह साजिश है। यह अंतरराष्ट्रीय साजिश है।

इंटरव्यू में कंगना रनौत कहती हैं, ‘पिछले एक महीने में करीब- करीब 12 से 15 करोड़ तक के विज्ञापन मैंने गंवा दिए हैं। इंडस्ट्री ने तो मुझे पहले से ही बॉयकॉट किया ही हुआ है। हर दिन मेरे पास समन आ रहे हैं, लेकिन आज मेरे पास सबूत है। ये वो सबूत है जो ग्रेटा ने ट्वीट किया था और फिर डिलीट कर दिया। इसमें कई बातों का साफ- साफ जिक्र है।’

रिहाना के ट्वीट पर कंगना रनौत ने कहा, ‘उसने महामारी के बारे में अभी तक बात नहीं की है, यूएस कैपिटल हिल के दंगे के बारे में बात नहीं की है, लेकिन वह एक दिन उठती है और किसानों के बारे में ट्वीट करती है। उसने कम से कम 100 करोड़ इसके लिए दिए गए होंगे, वो यह पैसा कहां से ला रहे हैं?’

अर्णब से आगे बात करते हुए कंगना ने कहा, ‘ग्रेटा, ये जो बच्ची है। इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। उसका ट्वीट भारत के लिए एक मास्टरस्ट्रोक है, उसे पद्मश्री मिलना चाहिए। इंटेलीजेंस एजेंसियों को ध्यान देना चाहिए। इस दौरान योगा और चाय शब्द का इस्तेमाल किया गया है। शायद यह भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया है।’

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