जुगाड़ का मास्क VIDEO :….मास्क का पड़ा टोटा तो बस्तर में लोगों ने बना डाले देसी मास्क…..कोरोना संकट के बीच इन आदिवासी भाईयों के आईडिया पर लोगों का आया दिल

कांकेर 25 मार्च 2020।इंडिया में वैसे तो आइडिया का कोई जवाब नहीं…जहां सोच की सभी सीमा खत्म हो जाती है, वहां से आइडिया का जन्म होता है….ऐसे में जब देश कोरोना से कांप रहा है… और प्रदेश मास्क और सेनेटाइजर की कमी से जूझ रहा है तो बस्तर में आदिवासियों ने मास्क का नया जुगाड़ ढूंढ निकाला।

छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल कांकेर जिले में आदिवासियों ने कोरोना वायरस की दहशत के बीच अपनी सुरक्षा के लिए साल के पत्तों से देशी मास्क बनाया है…आमाबेडा़ इलाके के भर्रीटोला गांव के आदिवासियों ने प्राकृतिक उपायों से खुद को कोरोना वायरस से बचाने के लिए यह तरीका अपनाया है। आदिवासी परिवारों ने साल पेड़ के पत्तों से एक मास्क बनाया है और कोरोना वायरस से बचने के लिए घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

आदिवासियों का कहना है कि आमाबेड़ा इलाके में कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क नहीं मिल रहा है और यहां से कांकेर शहर आने जाने की सुविधा नहीं है…. इसलिए बस्तर के आदिवासी अंदरूनी इलाकों में देशी मास्क से खुद को सुरक्षा का भरोसा दे रहे हैं।

हालांकि ये देसी मास्क कितना कोरोना प्रूफ है, ये तो मालूम नहीं, लेकिन इस मास्क की चर्चा देशभर में हो रही है। ये बात अलग है कि लोग इस मास्क को लेकर खूब मजाक भी कर रहे हैं, लेकिन कई लोग आदिवासी भाईयों की जागरूकता भी तारीफ कर रहे हैं।

 

 

Spread the love