comscore

जज का मर्डर: ऑटो से टक्कर मारकर हुई जज की हत्या…सीसीटीवी फुटेज से सामने आया VIDEO, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

धनबाद  29 जुलाई 2021. सड़क हादसे में मारे गए धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की माैत की जांच पुलिस ने हत्या के एंगल से शुरू कर दी है। पहले माना जा रहा था कि न्यायाधीश की माैत एक सामान्य दुर्घटना है। लेकिन हादसे का सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद रहस्य गहरा गया है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि ऑटो ने जानबूझकर धक्का मारा है। न्यायाधीश सड़क के एकदम किनारे तेजी से चले जा रहे थे। पीछे से ऑटो धीरे-धीरे उनकी ओर बढ़ता है और धक्का मार निकल जाता है।

इधर इस मामले में घनबाद से सटे गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में ऑटो चालक और उसके दो सहयोगी को गिरिडीह से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह 12 नंबर के रहने वाले हैं। इधर पुलिस ने ऑटो को भी जब्त कर लिया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर धनबाद ले गई है।

6 महीने पहले ही आए थे धनबाद

बता दें कि न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह माह पहले ही धनबाद के न्यायाधीश के रूप पदभार ग्रहण किया था. इसके पूर्व वह बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे. रोज की तरह न्यायाधीश उत्तम मॉर्निंग वॉक करने 5 बजे सुबह अपने आवास से निकले. इसी दौरान रणधीर वर्मा चौक के आगे न्यू जज कॉलोनी मोड़ पर एक ऑटो उन्हें टक्कर मार कर फरार हो गया. सड़क पर तड़पता देख पवन पांडे नामक एक राहगीर ने उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए SNMMCH भेजा, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

गुरुवार को वरिष्ठ वकील और पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के सामने इस मामले को उठाया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की तरफ से सिंह ने शीर्ष न्यायालय से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई करने की अपील की। विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की भी मांग की है।

बुधवार की सुबह जज उत्‍तम आनंद (उम्र 50 वर्ष) को ऑटो ने उस वक्‍त टक्‍कर मार दी थी जब वह मार्निंग वॉक से लौट रहे थे। न्यायाधीश गोल्फ ग्राउंड से टहल कर वापस हीरापुर बिजली ऑफिस के बगल में स्थित अपने क्वार्टर लौट रहे थे। रणधीर वर्मा चौक से चंद कदम की दूरी पर गंगा मेडिकल के सामने हादसा हुआ। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। फुटेज देखने के बाद पुलिस ऑटो चालक की मंशा पर सवाल उठा रही है। शक पैदा होने पर जज के पोस्टमार्टम के लिए डीसी के आदेश पर आनन-फानन में मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था। डॉक्टरों की टीम ने देश शाम न्यायाधीश के शव का पोस्टमार्टम किया। बताया जा रहा है कि सिर में गंभीर चोट के कारण उनके कान से रक्तश्राव हो गया। ब्रेन हेम्ब्रेज से मौत की बात कही जा रही है।

सरकार ने दिए जांच के आदेश 
जज उत्‍तम आनंद की मौत की जांच के आदेश झारखंड सरकार ने दिए हैं। राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री और धनबाद के प्रभारी मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता ने डीसी संदीप कुमार व एसएसपी संजीव कुमार को ट्वीट कर मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि उत्तम आनन्द की मौत की परिस्थितियां संदिग्ध है। सामाजिक संस्थाओं और न्यायिक संस्थाओं ने मौत पर सवाल उठाए हैं। जांच जरूरी है।

जज की पत्नी ने एफआईआर में हत्‍या का लगाया है आरोप
न्यायाधीश उत्तम आनंद की पत्नी कृति सिन्हा ने धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है। दर्ज प्राथमिकी में कृति सिन्हा ने आरोप लगाया कि यह मामला दुर्घटना का नहीं है। वीडियो फुटेज से साफ है कि अज्ञात ऑटो के बीच वाले सीट पर बैठा अज्ञात व्यक्ति जानबूझकर ऑटो चालक के सहयोग से उनके पति के सिर पर वार किया है। जिससे उनकी मौत हो गई।

धनबाद न्यायालय के जिला जज अष्टम उत्तम आनंद तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में जिला जज प्रथम के रूप में 11 अगस्त-2017 से लगभग तीन वर्ष तक पदस्थापित रहे थे। उन्होंने तेनुघाट कोर्ट में सेवा देने के दौरान कई मामलों में सजा सुनाई थी। साथ ही कई रसूखदारों की जमानत याचिका खारिज कर अपनी कर्तव्यनिष्ठता प्रदर्शित की थी। तेनुघाट कोर्ट में लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान उनकी ओर से सुनाई गई सजा की काफी लंबी फेहरिश्त है। उनमें 17 फरवरी-2020 को हत्या का दोषी पाकर जरीडीह थाना अंतर्गत अनंतपुर निवासी शानू मांझी एवं जगन्नाथ मांझी को आजीवन कारावास की सजा सुनाया जाना काफी चर्चा में रहा था। वह दोनों शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ शिवा हेम्ब्रम की हत्या करने के दोषी पाए गए थे। शिवलाल हेम्ब्रम का शव दो नवंबर-2016 को शानू मांझी के कुएं में पाया गया था।

वहीं, जज उत्तम आनंद ने 10 दिसंबर-2019 को डकैती के आरोप में दोषी पाने के बाद पेटरवार थाना क्षेत्र के विनोद कुमार एवं बलभद्र कर्मकार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही, उन दोनों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। उन दोनों को पिछरी बस्ती निवासी व्यवसायी देवी दास के घर में डकैती करने का दोषी पाकर सजा सुनाई थी। 21 फरवरी 2010 को घटित उस भीषण डकैती की घटना में नकद रुपये व कीमती सामान सहित लगभग नौ लाख रुपये की संपत्ति लूट ली गई थी। जबकि जज उत्तम आनंद ने जिन रसूखदारों की जमानत याचिका खारिज की, उनमें दुष्कर्म के आरोपित सीसीएल के स्टाफ आफिसर सिविल ओमप्रकाश सिंह शामिल हैं। जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद ओमप्रकाश सिंह की जेल में रहते हुए ही बीमार पड़ने पर इलाज के क्रम में मौत हो गई थी। साथ ही तेनुघाट की निकटवर्ती चांपी ग्राम में एक महिला को अर्धनग्न कर घुमाए जाने के आरोपितों की जमानत याचिका भी जज उत्तम आनंद खारिज कर काफी चर्चित हुए थे।

Spread the love
error: Content is protected By NPG.NEWS!!