Jewellery designer kaise bane: कम उम्र में ही सोने–चांदी की दुनिया में बनाएं अपना शानदार करियर; जानिए कैसे बनते हैं ज्वैलरी डिजाइनर!
Jewellery designer kaise bane: यदि आप 18–19 साल की उम्र में एक अच्छी कमाई करने वाली स्किल सीखना चाहते है तो वह है आभूषणों को डिजाइन देना। चलिए स्टेप बाय स्टेप जानते हैं कि आप कैसे बन सकते हैं एक ज्वेलरी डिजाइनर।

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Jewellery designer kaise bane: आज के समय में हर इंसान कुछ न कुछ नया करने की कोशिश में लगा हुआ है। इसको लेकर वे अपने कई योजनाओं पर काम करते हैं और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश भी करते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही क्रिएटिव स्किल के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके लिए भविष्य में कभी आर्थिक संकट आने नहीं देगा। हम जिस कला की बात कर रहे हैं वह है ज्वेलरी डिजाइन। जी हां! यह बात तो हर व्यक्ति को पता होती है कि सोने एवं चांदी का मार्केट कितना बड़ा है और यह लगातार बढ़ते ही जा रहा है। यदि आप 18–19 साल की उम्र में एक अच्छी कमाई करने वाली स्किल सीखना चाहते है तो वह है आभूषणों को डिजाइन देना। चलिए स्टेप बाय स्टेप जानते हैं कि आप कैसे बन सकते हैं एक ज्वेलरी डिजाइनर।
क्या होती है ज्वेलरी डिजाइनिंग
यह एक ऐसी कला है जिसमें सोने, चांदी, हीरे व अन्य कीमती पत्थरों को एक सुंदर दिखने वाले आभूषण में बदला जाता है। पत्थरों को आभूषण में बदलने का मतलब सिर्फ यह नहीं होता कि आप इसे हथौड़े से पीट–पीटकर डिजाइन दें बल्कि इसमें किस प्रकार का डिजाइन बनाना है यह भी शामिल होता है। यह पूरी तरह से आपकी रचनात्मक बुद्धि पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार के डिजाइन सोच पाते हैं और उसे कागज पर उतार पाते हैं। एक अच्छे ज्वेलरी डिजाइनर की यह पहचान होती है कि उसे हर प्रकार के रत्नों, मणियों और उनके बाजार मूल्यों का ज्ञान होता है।
ज्वेलरी डिजाइनर बनने के लिए कौनसा कोर्स करें
एक अच्छा ज्वेलरी डिजाइनर बनने के लिए कोई खास शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। बस आप 50 से 55 प्रतिशत लेकर 12वीं पास कर लें। फिर कोई अच्छे से डिजाइनिंग स्कूल जैसे Pearl Academy, IICD Jaipur और IIG में एडमिशन लेकर आप वहां 3 महीने से लेकर 3 साल तक का कोर्स कर सकते है। कोर्स कुछ इस प्रकार से होते है–
1. सर्टिफिकेट कोर्स
यदि आपके पास समय ज्यादा नहीं है और कम समय में आपको ज्वेलरी डिजाइनिंग की शुरुआती नॉलेज चाहिए तो सर्टिफिकेट कोर्स काफी अच्छा रहेगा। इस कोर्स के अंदर आपको रत्नों की पहचान और डिजाइन की समझ अच्छे से हो जाएगी।
2. डिप्लोमा कोर्स
इस कोर्स की अवधि लगभग 1 से 2 वर्ष की होती है। जिसमें ज्वेलरी की पेपर पर स्केचिंग और ड्रॉइंग आदि सिखाया जाता है। साथ ही जेमोलॉजी और रत्नों की फिनिशिंग भी सिखाई जाती है। यदि डिजाइनिंग में आपकी अच्छी रुचि है तो यह कोर्स आपको जरूर करना चाहिए।
3. डिग्री कोर्स
डिग्री कोर्स में छात्रों को ज्वेलरी की डिजाइन और रत्नों की पहचान तो सीखाया ही जाता है लेकिन इसके साथ-साथ आपको बाजार में आभूषणों की मांग को भी समझाया जाता है। यह कोर्स 3 साल की अवधि के लिए होता है जिसमें B.Des,बीएफए इन ज्वेलरी डिजाइन और बीवोक इन ज्वेलरी डिजाइन जैसे कोर्स कराए जाते है। 3 साल के इस कोर्स में आप इंटरनेशनल मार्केट में ज्वेलरी डिमांड को भी समझते है। राइनो और मैट्रिक्स जैसी नई सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी के साथ अपने फैशन को लेकर क्रिएटिविटी को भी निखारते है।
