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झारखंड निकाय चुनाव : उधार बाकी तो चुनाव से छुट्टी, बिना नो ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं लड़ पाएंगे इलेक्शन, पढ़े आयोग का नया फरमान

Jharkhand Nikay Chunav: झारखंड में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बजने से पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने दावेदारों को घेरना शुरू कर दिया हैं

झारखंड निकाय चुनाव : उधार बाकी तो चुनाव से छुट्टी, बिना नो ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं लड़ पाएंगे इलेक्शन, पढ़े आयोग का नया फरमान
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झारखंड निकाय चुनाव : उधार बाकी तो चुनाव से छुट्टी, बिना नो ड्यूज सर्टिफिकेट नहीं लड़ पाएंगे इलेक्शन, पढ़े आयोग का नया फरमान

By Uma Verma

मेदिनीनगर पलामू। Jharkhand Municipal Election Rules : झारखंड में नगर निकाय चुनावों का बिगुल बजने से पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने दावेदारों को घेरना शुरू कर दिया हैं, अब मेदिनीनगर नगर निगम समेत राज्य की तमाम निकायों में वही उम्मीदवार अपनी किस्मत तभी आजमा पाएंगे, जब उनके पास कोई उधारी या बकाया का कोई दाग न हो, आयोग ने साफ तौर से कह दिया है की अगर निकाय का एक रुपया भी आप पर बाकि है, तो चुनाव लड़ना भूल जाइए, मेयर से लेकर वार्ड पार्षद तक, सभी के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 तक के सारे टैक्स और किराए का हिसाब चुकता करना अनिवार्य कर दिया गया है।

Jharkhand Municipal Election Rules : ब्याज के साथ वसूल होगी पाई-पाई

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने सभी DC को इस संबंध में कड़े निर्देश भेज दिए हैं, नए फरमान की सबसे खास बात यह है कि उम्मीदवारों को सिर्फ मूल बकाया ही नहीं भरना होगा, बल्कि उस पर चढ़ा हुआ साधारण ब्याज भी जमा करना पड़ेगा, जब तक संबंधित निकाय से नो ड्यूज प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा, तब तक नामांकन की फाइल आगे नहीं बढ़ पायेगी, आयोग के इस फैसले ने उन दिग्गजों की हवा निकाल दी है जो सालों से होल्डिंग टैक्स या सरकारी दुकानों का किराया दबाकर बैठे हैं

अगर झूठ बोला तो सीधे बाहर

निर्वाचन आयोग ने साफ शब्दों में कह दिया है कि चुनाव में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा, सभी प्रत्याशी को नामांकन के वक्त एक शपथ-पत्र देना होगा, जिसमें यह साबित करना होगा कि उन पर निकाय की कोई देनदारी बाकि नहीं है, अगर जांच के दौरान किसी ने तथ्य छिपाए या गलत जानकारी दी, तो उनका नामांकन पत्र तुरंत रद्द कर दिया जाएगा, अब उम्मीदवार निगम और परिषदों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं ताकि समय रहते अपनी उधारी साफ कर सकें।

आरक्षण होते ही गरमाई सियासत

मेदिनीनगर, बिश्रामपुर, हुसैनाबाद और छतरपुर जैसे इलाकों में जैसे ही सीटों के आरक्षण की स्थिति साफ हुई, वैसे हो सियासी पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया वार्डों से लेकर मेयर की कुर्सी तक के लिए योजनाये बनाये जाने लगी हैं, चुनाव की तारीखों के एलान से पहले ही आयोग के इस टैक्स पेच नियम ने कई रसूखदारों की रातो की नींद उड़ा दी है, अब देखना यह है कि कितने चेहरे इस कसौटी पर खरे उतर पाते हैं और कितने उधारी के चक्कर में चुनावी रेस से बाहर होते हैं

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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