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…जिस IPS को विकास दुबे एनकाउंटर की जांच टीम में किया गया है शामिल….उस DIG के खिलाफ ही चल रही फेक एनकाउंटर की CBI जांच… अब उठ रहे हैं जांच पर सवाल

लखनऊ 12 जुलाई 2020। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में 3 जुलाई को एनकाउंटर  हुआ था। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) के इस केस की जांच के लिए अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस टीम में शामिल डीआईजी जे रवींद्र गौड़ के खिलाफ ही फर्जी एनकाउंटर का आरोप है। इस केस में उनके खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी इस एसआईटी के अध्यक्ष हैं। उनके अलावा डीआईजी जे रवींद्र गौड़  और अपर पुलिस महानिदेशक हरिराम शर्मा इस टीम का हिस्सा हैं।

दवा कारोबारी के एनकाउंटर केस में फंसे जे रवींद्र गौड़

30 जून 2007 को बरेली में एक एनकाउंटर हुआ था। दवा के कारोबारी मुकुल गुप्ता को पुलिस ने मार गिराया था। इस केस में पुलिस का कहना है कि मुकुल अफने साथ पंकज सिंह के साथ एक बैंक लूटने जा रहा था। मुकुल गुप्ता के पिता बृजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाए थे कि पुलिसकर्मियों ने प्रमोशन के चक्कर में उनके बेटे को मार डाला। उन्हीं की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह केस सीबीआई को दे दिया। सीबीआई ने 26 अगस्त 2014 को चार्जशीट फाइल की थी। इसी मामले में जे रवींद्र गौड़ और नौ अन्य पुलिसकर्मी आरोपी हैं।

2015 में हो गई मुकुल गुप्ता के मां-बाप की हत्या

मुकुल गुप्ता के पिता ने अपने बेटे को इंसाफ दिलाने की ठान रखी थी। उन्होंने स्थानीय स्तर से लेकर हाई कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और केस में सीबीआई जांच शुरू हो गई। इसी बीच 2015 में मुकुल के पिता बृजेंद्र गुप्ता और माता शन्नो देवी की हत्या कर दी गई। बदायूं में हुई इस हत्या में धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया। दोनों की हत्या के बाद सीबीआई की जांच के दायरे में वे पुलिस वाले भी आए, जो मुकुल गुप्ता एनकाउंटर केस में शामिल थे।

तीन सदस्यों वाली यह टीम पूरे मामले की जांच करके 31 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में यह जानने की कोशिश की जाएगी कि विकास दुबे के खिलाफ जितने भी मुकदमे चल रहे हैं, उनमें अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? विकास दुबे के साथियों को सजा दिलाने के लिए की गई कार्रवाई क्या पर्याप्त थी? लंबी चौड़ी हिस्ट्रीशीट वाले विकास दुबे की जमानत कैंसल करने के लिए क्या कार्रवाई की गई?

गौरतलब है कि 10 जुलाई को विकास दुबे यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीम के साथ जिस कार से आ रहा था वह कार रास्ते में पलट गई. इसके बाद विकास दुबे ने पुलिस के बंदूक को छीनकर भागने का प्रयास किया और गोलीबारी की. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो विकास दुबे को गोली गई और उसकी मौत हो गई. हालांकि कई लोग विकास दुबे के एनकाउंटर की न्यायिंक जांच की मांग भी कर रहे हैं.

 

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