ये IPS कभी दलित शिक्षक से अभद्रता में हुए थे सस्पेंड …आज बन गए हैं हीरो…जल्दी ही NETFLIX की वेब सीजन में निभाएंगे लीड रोल…

मुंबई 21 फरवरी 2020 उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार में एक दलित शिक्षक से अपने कार्यालय में उठक बैठक कराने के आरोपी रहे आईएएस अफसर अभिषेक सिंह को आखिरकार हीरो बनने का मौका मिल गया। पिछले तीन साल से मुंबई में तमाम फिल्म निर्माताओं के दफ्तरों के चक्कर काटते रहे अभिषेक सिंह की पत्नी दुर्गा शक्ति नागपाल की बायोपिक भी अरसे से फिल्म जगत में चर्चा का विषय रही है। लेकिन, बाजी अभिषेक के हाथ लगी वह जल्द ही  एक मशहूर सीरीज के दूसरे सीजन में अभिनय करते दिखेंगे।

उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह को तब निलंबित किया था जब वह मथुरा में उपजिलाधिकारी पद पर तैनात थे। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक दलित शिक्षक के साथ अमानवीय व्यवहार किया। अभिषेक के पिता भी आईपीएस अधिकारी रहे हैं। बाद में वह प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली आ गए। दिल्ली में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात अभिषेक सिंह ने राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ कई अभियानों का नेतृत्व किया। और, ऐसे ही एक अभियान के दौरान उनकी जान पहचान ईरॉस फिल्म निर्माण कंपनी के अधिकारियों से हुई। ईरॉस ने उन्हें लेकर एक फिल्म की योजना भी बनाई लेकिन मामला सिरे नहीं चढ़ सका।

अभिषेक देश के सबसे प्रसिद्ध युवा आईएएस अधिकारियों में से एक हैं जिन्होंने सभी अविश्वसनीय कामों को अंजाम दिया है। अभिषेक कई प्रशासनिक विभागों में प्रमुख पदों पर रहे हैं। वर्तमान में दिल्ली में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं।

मुकेश ने किया था फोन : उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में उनके अनुकरणीय कार्यों के लिए जाना जाता है। अभिषेक ने राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ कई अभियान चलाए। दिल्ली की लोकप्रिय ऑड-ईवन ट्रैफिक योजना भी उनकी देखरेख में संचालित की गई थी। अभिनय क्षेत्र में उनका आना एक ऐसी खबर है जिस पर वह खुद विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। वह एक बाइकर और एक शौकीन रीडर भी है l एक दिन उनके पास कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का फोन आया। ‘दिल्ली क्राइम सीजन 2’ के मेकर एक युवा आईएएस अधिकारी के रूप में वास्तविक जीवन की कास्टिंग की तलाश में थे, जो ऑनस्क्रीन ब्यूरोक्रेसी को विश्वसनीयता के साथ पेश कर सके, जिसे सीरीज दिखाना चाहती है।

मुकेश कहते हैं– मुझे विश्वास हो गया कि वे भूमिका के साथ न्याय करेंगे। वे एक अधिकारी की भूमिका बेहतरीन ढंग से पेश करेंगे, जिसे कोई एक्टर उतना बेहतर नहीं कर पाता। मैंने अभिषेक को रोल के लिए राजी किया। जब क्रिएटिव टीम ने उन्हें कैमरे पर देखा, तो वे उनका आत्मविश्वास देखकर आश्चर्यचकित हो गए, जबकि उन्हें एक्टिंग का बिलकुल भी अनुभव नहीं रहा है। हमने तुरंत उन्हें फाइनल कर दिया।”

मुकेश ने आगे साझा किया– “मेरा काम सबसे अच्छी प्रतिभा की तलाश करना है, चाहे वह उद्योग के अंदर हो या बाहर। शो को रिलीज़ होने दें, दर्शक और इंडस्ट्री उन्हें स्क्रीन पर देखकर चकित होने वाले  है। मैंने इंडस्ट्री को एक नई प्रतिभा दी है।” अभिषेक ने दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव से अनुमति मांगी, जिन्होंने उन्हें अवसर का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।

‘दिल्ली क्राइम सीज़न 1’  चर्चित शो में से एक है और इसे कहानी, प्रदर्शन और प्रशासनिक दृष्टिकोण के मामले में प्रस्तुत करने के लिए बेहद सराहा गया है। अब जब टीम शो के दूसरे सीज़न के लिए तैयारी कर रही है, तो उन्होंने अभिषेक सिंह में अपना रील लाइफ आईएएस अधिकारी मिल गया है। यह शायद पहली बार है कि इस तरह के एक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी वेब शो में एक्टिंग करेंगे। अधिकारियों के परिवार से ताल्लुक रखने वाले, अभिषेक सिंह के पिता भी भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे, लेकिन उन्हें एक एक्टर के रूप में देखना दिलचस्प होगा।

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