IPS अफसर सस्पेंड… भ्रष्टाचार और देशद्रोह का है आरोप, 1989 बैच के है ऑफिसर… मामले की जांच में जुटी पुलिस…

हैदराबाद 9 फरवरी 2020। आंध्र प्रदेश सरकार ने आइपीएस ऑफिसर एबी वेंकटेश्वर रॉव को भ्रष्टाचार और देशद्रोह के आरोप में निलंबित कर दिया है। यह फैसला वर्तमान डीजीपी द्वारा 7 फरवरी 2020 को जमा की गई रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। यह आरोप तब के हैं, जब एबी वेंकटेश्वर राव राज्य खुफिया सेवा के प्रमुख थे। मुख्य सचिव नीलम साहनी ने पुलिस महानिदेशक गौतम स्वांग की रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश जारी किया। इसमें राव पर सुरक्षा उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया में गंभीर कदाचार के आरोप लगाए गए हैं।

निलंबन पत्र के साथ राज्य सरकार की ओर से उन्हें सूचना दी गई है कि इस अवधि में उनका मुख्यालय विजयवाड़ा में होगा और वह सरकार की इजाजत के बगैर मुख्यालय नहीं छोड़ सकते हैं। 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी को सरकारी अनुमति प्राप्त किए बिना विजयवाड़ा नहीं छोड़ने का निर्देश दिया गया है।

एक गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, पिछली सरकार के दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) के रूप में काम करते हुए राव ने अपने बेटे व अकासम अडवांस्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ चेतन साई कृष्णा को अवैध रूप से महत्वपूर्ण खुफिया और निगरानी अनुबंध देने के लिए इजरायल के रक्षा उपकरण निर्माता आरटी इंफ्लाटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर काम किया।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘यह आरोपी अधिकारी और एक विदेशी रक्षा निर्माण फर्म के बीच एक सीधा सह-संबंध साबित करता है। इस प्रकार नैतिक आचार संहिता और अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के नियम (3) (ए) का प्रत्यक्ष उल्लंघन दिखाता है।’

यह पाया गया कि राव के कृत्य से राज्य और राष्ट्र के प्रति विश्वसनीय सुरक्षा खतरा पैदा हो गया। उन पर खुफिया प्रोटोकॉल और पुलिस की प्रक्रियाओं का विदेशी रक्षा विनिर्माण फर्म के सामने खुलासा करने का आरोप है। तत्कालीन मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के करीबी माने जाने वाले राव को पिछले साल मई में वाईएस जगनमोहन रेड्डी के पद संभालने के बाद खुफिया प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। तब से वह पोस्टिंग के इंतजार में थे।

राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए निलंबन के मुताबिक, एबी वेंकटेश्वर रॉव सरकार की इजाजत के बिना अपना निवास नहीं छोड़ सकते हैं।

Spread the love