IPS को कोरोना : अस्पताल से भागे कोरोना मरीज को पकड़ने वाले IPS अफसर को भी हुआ कोरोना….2017 बैच के IPS ने ही शख्स को किया था गिरफ्तार… पुलिस पर हमला करने का भी था आरोप

भोपाल 26 अप्रैल 2020। कोरोना में थोड़ी सी लापरवाही ना सिर्फ आपकी बल्कि आपके करीब आये लोगों की भी जान की दुश्मन बन सकती है। मामला मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर का है, जहां 2017 बैच के IPS अफसर कोरोना पॉजेटिव पाये गये है। ये अफसर 20 अप्रैल को उस पुलिस टीम को लीड कर रहे थे, जो अस्पताल से फरार हुए एक कोरोना पॉजेटिव मरीज को पकड़ने के लिए बनायी गयी थी। नरसिंहपुर जिले से सटे जबलपुर में एक कोरोना संक्रमित और रासुका के तहत गिरफ्तार जावेद खान अस्पताल से फरार हो गया था। अस्पताल के स्टाफ और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हुए जावेद को पकड़ने के लिए खुद IPS ने मोर्चा संभाला था।

जबलपुर के कलेक्टर भरत यादव ने कहा कि बतौर सीएसपी तैनात यह युवा अधिकारी उस टीम में शामिल थे जो इंदौर से रासुका के तहत गिरफ्तार जावेद खान को दुबारा पकड़ने गई थी. जावेद 19 अप्रैल को जबलपुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भाग गया था. रिपोर्ट सामने आने के बाद जो अधिकारी सीएसपी के संपर्क में आए थे वे क्वारेंटाइन में चले गए हैं.

गत 19 अप्रैल को अस्पताल से भागने के बाद जावेद खान जबलपुर के बाहरी इलाके से एक ट्रक से लिफ्ट लेकर नरसिंहपुर पहुंचा. वहां से उसने मोटरसाइकिल पर इंदौर भागने की कोशिश की लेकिन वहां की पुलिस ने उसकी योजना को नाकाम कर दिया और एक चेक पोस्ट पर उसे गिरफ्तार कर लिया.

जावेद खान को तीन अन्य लोगों के साथ सात अप्रैल को इंदौर में एक कांस्टेबल पर हमला करने के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था. जावेद और एक अन्य आरोपी को जबलपुर की जेल में भेजा गया था, जबकि दो अन्य को सतना. चार में से तीन आरोपी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे. इसके बाद 11 अप्रैल को उसे इलाज के लिए जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था.हालांकि टीम में गए एक उप-निरीक्षक और एक एडीशनल एसपी (एएसपी) की रिपोर्ट निगेटिव आई है. जबलपुर में कोरोना से संक्रमित 43 मरीज़ हैं जिसमें से एक की मौत हो चुकी है.

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