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मैं न होता तो पाकिस्तान में लाशों का ढेर लग जाता : ट्रंप का दावा,ऑपरेशन सिंदूर रुकवाकर बचाई साढ़े 3 करोड़ जानें...

Operation Sindoor : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को रोककर साढ़े 3 करोड़ लोगों की जान बचाई है. ट्रंप के मुताबिक, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने खुद माना कि अगर अमेरिका बीच में न आता तो दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध तय था. हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस क्रेडिट लेने वाले दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज चुनावी बयानबाजी करार दिया है.

मैं न होता तो पाकिस्तान में लाशों का ढेर लग जाता : ट्रंप का दावा,ऑपरेशन सिंदूर रुकवाकर बचाई साढ़े 3 करोड़ जानें...
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मैं न होता तो पाकिस्तान में लाशों का ढेर लग जाता : ट्रंप का दावा,ऑपरेशन सिंदूर रुकवाकर बचाई साढ़े 3 करोड़ जानें...

By Uma Verma

Trump Operation Sindoor Claim : वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों से दुनिया को चौंकाने का कोई मौका नहीं छोड़ते. इस बार उन्होंने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर दावा किया है, ट्रंप का कहना है कि अगर वो बीच में न आते, तो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध तय था और इसमें कम से कम साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जाते.

शहबाज शरीफ के हवाले से किया बड़ा खुलासा

ट्रंप ने अमेरिकी सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे मदद की गुहार लगाई थी. ट्रंप के मुताबिक, शरीफ ने उनसे कहा था, अगर आप दखल नहीं देते, तो आज पाकिस्तान के साढ़े तीन करोड़ लोग जिंदा न होते. ट्रंप ने इस बात को अपनी बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 10 महीनों में भारत-पाक समेत कुल 8 युद्धों को रुकवाया है. उन्होंने दावा किया कि मई 2025 में जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, तब पाकिस्तान पूरी तरह घुटनों पर था और स्थिति परमाणु हमले तक पहुँच गई थी.

भारत ने ट्रंप के क्रेडिट को किया खारिज

दिलचस्प बात यह है कि जहाँ ट्रंप अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, वहीं भारत ने उनके इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर से जब पूछा गया कि इस युद्ध के दौरान अमेरिका कहाँ था, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में चुटकी लेते हुए कहा, यूएस, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में ही था. भारत का साफ कहना है कि युद्धविराम किसी तीसरे देश के दबाव में नहीं, बल्कि पाकिस्तान की गुजारिश पर हुआ था. भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के DGMO ने खुद हॉटलाइन पर भारतीय सेना से संपर्क कर युद्ध रोकने की भीख मांगी थी.

इतिहास का सबसे बड़ा सेल्फ-क्रेडिट

ट्रंप ने केवल भारत-पाक ही नहीं, बल्कि इजराइल-ईरान और रूस-यूक्रेन जैसे संघर्षों को भी सुलझाने का दावा किया है. हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर उनके आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं. ट्रंप ने दावा किया कि इस संघर्ष में 11 महंगे जेट्स गिरे थे, लेकिन वे यह बताना भूल गए कि ये जेट्स किसके थे. जानकारों का मानना है कि ट्रंप इन दावों के जरिए अपनी शांतिदूत वाली छवि चमकाना चाहते हैं, जबकि जमीन पर हकीकत यह थी कि भारतीय सेना के पराक्रम के आगे पाकिस्तान के पास सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था.

क्या हैं ऑपरेशन सिंदूर

ऑपरेशन सिंदूर भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुआ वह चार दिवसीय भीषण सैन्य संघर्ष था, जिसने पूरी दुनिया में हडकंप मचा दिया था. दरअसल, भारत ने अपनी सीमा पर पाकिस्तान की ओर से होने वाली घुसपैठ और उकसावे के जवाब में यह आक्रामक सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसमें ब्रह्मोस जैसी घातक मिसाइलों और आधुनिक युद्धक विमानों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ. इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान की डिफेंस लाइन को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था, जिससे घबराकर पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इसे रुकवाने का श्रेय लेते हैं, लेकिन हकीकत में यह भारत की उस सैन्य ताकत का प्रदर्शन था जिसने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था.

हमेशा विवादों में रहते हैं ट्रंप

साल 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, तब तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसा सुझाव दिया जिसने मेडिकल जगत की नींद उड़ा दी थी. ट्रंप ने सरेआम वैज्ञानिकों के सामने यह कह दिया था कि अगर कीटाणुनाशक सतह पर मौजूद वायरस को एक मिनट में मार सकता है, तो क्या हम इंसान के शरीर के अंदर इसका इंजेक्शन नहीं लगा सकते. उन्होंने तर्क दिया था कि यह फेफड़ों की सफाई कर देगा. इस बयान के आते ही न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के डॉक्टर सड़कों पर उतर आए थे और लोगों से अपील करनी पड़ी थी कि वे ऐसा कुछ भी न करें, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है.

इस विवादित बयान के बाद ट्रंप की चौतरफा किरकिरी हुई थी, यहाँ तक कि कीटाणुनाशक बनाने वाली कंपनियों को भी चेतावनी जारी करनी पड़ी थी कि उनका प्रोडक्ट सफाई के लिए है, शरीर में डालने के लिए नहीं. जब बवाल बढ़ा और मीडिया ने उन्हें घेरना शुरू किया, तो ट्रंप ने बड़ी ही सफाई से अपना पल्ला झाड़ लिया. उन्होंने दावा किया कि वे कोई सलाह नहीं दे रहे थे, बल्कि केवल पत्रकारों के साथ मजाक कर रहे थे.

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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