Begin typing your search above and press return to search.

Jeffrey Epstein Files Shock: एपस्टीन फाइलों में नया खुलासा, लड़कियों को जबरन कराया प्रेग्नेंट, सेक्स के दौरान महिलाओं की मौत, गला घोंटा, फार्म हाउस में दफनाये शव!

अमेरिका में जारी एपस्टीन फाइल्स के नए फेज में बेहद गंभीर और झकझोर देने वाले आरोप सामने आए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी दस्तावेज़ों में दावा किया गया है कि यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के नेटवर्क में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं...

Jeffrey Epstein Files Shock: एपस्टीन फाइलों में नया खुलासा, लड़कियों को जबरन कराया प्रेग्नेंट, सेक्स के दौरान महिलाओं की मौत, गला घोंटा, फार्म हाउस में दफनाये शव!
X
By Ragib Asim

नई दिल्ली 6 फरवरी 2026: अमेरिका में जारी एपस्टीन फाइल्स के नए फेज में बेहद गंभीर और झकझोर देने वाले आरोप सामने आए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी दस्तावेज़ों में दावा किया गया है कि यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के नेटवर्क में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के साथ एक्सट्रेमेली बर्बरीक व्यवहार किया गया जिसमें जबरन गर्भधारण, यौन हिंसा और मौत के आरोप शामिल हैं। ये फाइलें अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के दौरान दिसंबर 2025 से सार्वजनिक की जा रही हैं।

जबरन गर्भधारण और मौत के आरोप

नई फाइलों के मुताबिक एक ईमेल में दावा किया गया है कि न्यू मैक्सिको स्थित एपस्टीन के फार्महाउस 'जोरो रैंच' में लड़कियों को लंबे समय तक बंद रखा गया और उनसे जबरन गर्भधारण कराया गया।

एक नाबालिग पीड़िता ने खुद को 'ह्यूमन इन्क्यूबेटर' (मानव मशीन) की तरह इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। दस्तावेज़ों में यह भी दावा है कि जन्म के बाद बच्चों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला और वे गायब हो गए।

एक अन्य फाइल के अनुसार दो विदेशी महिलाओं की मौत यौन संबंधों के दौरान गला घोंटे जाने से हुई। आरोप है कि बाद में एपस्टीन के एक कर्मचारी ने इन शवों को जोरो रैंच में दफना दिया था। इन घटनाओं में एपस्टीन की करीबी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल की भूमिका का भी ज़िक्र है।


क्रिप्टोकरेंसी और संदिग्ध लेनदेन

दस्तावेज़ों में यह भी सामने आया है कि एपस्टीन से जुड़े कुछ सौदे ट्रेडिशनल बैंकिंग सिस्टम के बजाय बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किए जाते थे। इससे जांच एजेंसियों के लिए ट्रांजैक्शन ट्रेस करना और मुश्किल हो गया है।

पीड़ितों की पहचान उजागर, विभाग ने मानी गलती

हालांकि न्याय विभाग ने दावा किया था कि पीड़ितों की पहचान छिपाई जाएगी लेकिन कई फाइलों में नाबालिग पीड़ितों के नाम, तस्वीरें और फोन नंबर सार्वजनिक हो गए। विभाग ने इसे प्रोसीज़रल चूक मानते हुए गलती स्वीकार की है।

लालच के जाल- कैसे फंसाया जाता था?

जारी दस्तावेज़ों के अनुसार 1994 से 1997 के बीच मैक्सवेल ने कई नाबालिग लड़कियों को एपस्टीन के लिए तैयार किया। इसकी रणनीति में पहले दोस्ती करना, परिवार और स्कूल की जानकारी लेना, फिर शॉपिंग या फिल्म दिखाने जैसे बहाने शामिल थे। इसके बाद पीड़ितों को मसाज के लिए मजबूर किया जाता और यौन शोषण को सामान्य बताने की कोशिश की जाती। कई मामलों में एपस्टीन पैसे ऑफर करता था और मैक्सवेल पीड़ितों को यह स्वीकार करने के लिए उकसाती थीं जिससे वे खुद को कर्ज़दार महसूस करें।


बड़ी हस्तियों के नाम शामिल

नई फाइलों में दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियों के नाम सामने आए हैं जिनमें इलॉन मस्क, बिल गेट्स, प्रिंस एंड्रयू और अन्य शामिल हैं। हालांकि सरकारी एजेंसियों ने कहा है कि किसी दस्तावेज़ में नाम आने का मतलब अपराध सिद्ध होना नहीं है।

ब्रिटेन में भी सियासी भूचाल

एपस्टीन विवाद की आग ब्रिटेन तक पहुंच रही है। फाइलों में पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन की तस्वीर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है जबकि विपक्ष इस्तीफे की मांग कर रहा है।

क्या है एपस्टीन केस?

यह मामला 2005 में फ्लोरिडा में पहली शिकायत से शुरू हुआ था। 2019 में एपस्टीन को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे से पहले ही जेल में उसकी मौत हो गई जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। गिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story