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इराक और पाकिस्तान के बाद ईरान में भी फेल हो गया चीनी डिफेंस सिस्टम, क्यों हुआ ऑपरेशन सिंदूर जैसा हाल

अमेरिका,इजराइल और ईरान के बीच भीषण जंग छिड़ गई है। अमेरिका और इजराइल सेना ईरान की सरजमीन पर भीषण बमबारी कर रही है। चारों तरफ तबाही का मंजर है।

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By Radhakishan Sharma

अमेरिका,इजरायलऔर ईरान के बीच भीषण जंग छिड़ गई है। अमेरिका और इजराइल सेना ईरान की सरजमीन पर भीषण बमबारी कर रही है। चारों तरफ तबाही का मंजर है। ईरान ने भी युद्ध को लेकर कमतर तैयार नहीं की है। चीन से एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम की पहले से ही प्रमुख सैन्य ठिकानों के अलावा सामरिक महत्व के अन्य प्रमुख जगहों पर एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात कर दिया गया था। अमेरिकी और इजराइली बमबारी और ड्रोन को रोकने और उसे नेस्तनाबूत करने में सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है। ईरानी डिफेंस सिस्टम के नाकाम होने का मतलब चीने के सैन्य हथियार एक बार फिर कबाड़ साबित हुए हैं।

दरअसल अमेरिकी और इजराइल हमलों से बचने के लिए ईरान ने चीन का एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम HQ-1B तैनात किया था। चीन का यह एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिका और इस्राइली मिसाइलों को ना तो रोक पाया और ना ही जमीनदोज कर पाया। जानकारी के अनुसार ईरान ने यह एयर डिफेंस सिस्टम बीते वर्ष जून में चीन से खरीदा था। चीन ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम की पहली खेप की डिलीवरी जनवरी 2026 में की थी। यहां यह बताना भी लाजिमी है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में तैनात चीनी हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम भी फेल हो गए थे।

यूएसए और इजराइल ने ईरान के टॉप लीडरशीप को खत्म करने हमले के लिए दिन का वक्त क्यों चूना

ईरान की सेना और लीडरशीप यह मानकर चल रही थी कि इस्राइल हमेशा की तरह रात के अंधेरे में हमला करेगा। दिन में ईरान की सेना और खुफिया एजेंसी को हमले की उम्मीद नहीं थी। मोसाद को यह इनुपट मिला था कि 28 फरवरी की सुबह 8:15 बजे खामेनेई और टॉप मिलिट्री कमांडर रणनीतिक मीटिंग करने वाले हैं। ऐसे संवेदनशील मौके पर टॉप लीडरशीप एक साथ एक ही जगह पर बहुत कम मिलते हैं। पुख्ता इनपुट के आधार पर अमेरिका और इस्राइल ने दिन के वक्त हमला करने की योजना बनाई।

ऑपरेशन के लिए खुफिया एजेंसियों की क्या तैयारी की थी?

युद्ध से पहले से ही यूएसए और इजराइल की खुफिया एजेंसी लगातार निगरानी कर रही थी। एजेंसियों ने घंटों जासूसी की, पुख्ता इनपुट जुटाए। बताया जाता है, जून 2025 के युद्ध के दौरान, अमेरिका ने ईरान के शीर्ष अधिकारियों के बातचीत करने और दबाव में संवाद करने के तरीकों को डिकोड कर लिया था। इससे ट्रैक करना आसान हो गया।

ईरान के टॉप लीडरशीप को खत्म करने में कितना समय लगा?

खुफिया एजेंसियों के पुख्ता इनपुट के बाद अमेरिका और इस्राइल ने हमले को अंजाम दिया। महज 30 सेकंड के भीतर ईरान के टॉप लीडरशीप को मौत के घाट उतार दिया गया। 30 सेकंड में अमेरिकी और इस्राइली सेना ने खामनेई के ठिकाने पर 30 बम बरसाए और पूरे इलाके को जमीनदोज कर दिया।

हमले में मारे गए ईरान के टॉप लीडरशीप

अली खामेनेई सुप्रीम लीडर (मारे गए)

अली लारीजानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव

अली शमखानी राष्ट्रीय रक्षा परिषद के प्रमुख

मोहम्मद पाकपुर IRGC कमांडर-इन-चीफ

अमीर नासिरजादेह रक्षा मंत्री

याह्या रहीम सफावी, वरिष्ठ सहायक

माजिद खादेमी आईआरजीसी के खुफिया प्रमुख

गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई न्यायपालिका के प्रमुख (मारे गए)

अली असगर हेजाजी वरिष्ठ सहायक

इस्माइल कानी IRGC सीनियर कमांडर

मोहम्मद-अली मोवाहेदी ईरान के असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के प्रमुख

मोहम्मद बगेर गालिबफ संसद अध्यक्ष

अमीर हतामी कमांडर सेना प्रमुख

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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