जाँच शुरुः पापुनि की पुस्तकें दूसरे प्रेस में छपने का मसलें में लीपापोती की कोशिशें? चेयरमैन बोले…जाँच प्रतिवेदन के आधार पर होगी कार्यवाही

रायपुर, 6 जुलाई 2021। पाठ्यपुस्तक निगम की किताबों की छपाई के मसले पर एनपीजी न्यूज में आई खबर और शिकायत के तथ्यों की जाँच के लिए जाँच समिति ने जाँच शुरु कर दी है। भाजपा की ओर से वीडियो जारी कर यह आरोप लगाया गया था कि पापुनि की किताबें दीगर प्रिंटंग प्रेस से प्रकाशित हो रही हैं जबकि उन किताबों पर प्रकाशक का नाम कुछ और है। भाजपा की ओर से बीरगांव की मेयर अंबिका यदु साथियों के साथ मीनल पब्लिकेशन पहुँची थी, इस टीम में गौरीशंकर श्रीवास भी थे। भाजपा ने आरोप लगाया था कि प्रोग्रेसिव प्रिंटिंग प्रेस को टेंडर मिला था, जबकि मीनल पब्लिकेशन छाप रहा था। भाजपा की ओर से यह भी आरोप लगाया गया था कि प्रोग्रेसिव की पॉवर लोडिंग क्षमता ही नही है। और न ही उसके पास काम करने वाले लोगों की टीम है। पापुनि ने निरीक्षण में इस प्रिंटिंग प्रेस को पापुनि के काम के अयोग्य माना था। लेकिन, बाद में सरकारी पेपर उसी प्रिटिंग प्रेस में पहुंच गया।
बताते हैं, बीजेपी टीम के प्रिटिंग प्रेस पर छापे के बाद पापुनि में हड़कंप मच गया। सूत्रों का कहना है कि बिना पापुनि के प्रेशर के भला कोई प्रिंटिंग प्रेस अपना काम किसी और प्रिंटिंग प्रेस को क्यों देगा। इसमें लिखवाया जा रहा है कि सरकारी कागज इसलिए संबंधित प्रेस में मिला, क्योंकि वहां कागज रखने के लिए जगह किराये पर लिया गया था।
जाँच समिति को मीनल पब्लिकेशन ने नोटिस के जवाब में बताया है कि प्रोग्रेसिव ऑफ़सेट को कुछ हिस्सा किराए पर दिया गया है। जाँच समिति ने प्रोग्रेसिव ऑफ़सेट की विद्युत क्षमता को लेकर बिजली विभाग के उरला डिवीज़न को पत्र भेजकर विद्युत क्षमता और लोड को लेकर प्रतिवेदन मंगाया है।
उधर, पापुनि अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा…
“मैंने पहले भी कहा था..आरोप लगे हैं तो जाँच होगी.. जाँच शुरु हो चुकी है.. हर बिंदु पर जाँच टीम तथ्य और निष्कर्ष निकाल रही है, यह वरिष्ठ अधिकारियों की टीम है.. जाँच दल की रिपोर्ट के बाद आगामी कार्यवाही होगी”
