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आंकड़ों में देखें छत्तीसगढ़ में अपराधों की वास्तविक स्थिति, पुलिस अधिकारियों का दावा…पिछले कुछ सालों का तुलनात्मक अध्ययन करें तो आंकड़े राहत भरे, मगर कुछ लोगों में अपराध बढ़ने का भ्रम फैलाया जा रहा

रायपुर,17 सितंबर 2021। अपराध नियंत्रण को लेकर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने जो कड़ाई की है, उसके नतीजे उत्साहवर्धक हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट से सरकार उत्साहित है। विशेषकर बीते सालों से तुलनात्मक अध्ययन करें तो आंकडे राहत भरे हैं। ये अलग बात है कि एनसीआरबी द्वारा 2020 के अपराधों के आंकड़ों के जारी किये […]

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आंकड़ों में देखें छत्तीसगढ़ में अपराधों की वास्तविक स्थिति, पुलिस अधिकारियों का दावा…पिछले कुछ सालों का तुलनात्मक अध्ययन करें तो आंकड़े राहत भरे, मगर कुछ लोगों में अपराध बढ़ने का भ्रम फैलाया जा रहा
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रायपुर,17 सितंबर 2021। अपराध नियंत्रण को लेकर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने जो कड़ाई की है, उसके नतीजे उत्साहवर्धक हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट से सरकार उत्साहित है। विशेषकर बीते सालों से तुलनात्मक अध्ययन करें तो आंकडे राहत भरे हैं। ये अलग बात है कि एनसीआरबी द्वारा 2020 के अपराधों के आंकड़ों के जारी किये जाने के बाद कतिपय लोगों द्वारा यह प्रतिपादित करने का प्रयास किया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में अपराधों का ग्राफ काफी बढ़ गया है। पुलिस मुख्यालय के सीनियर अफसरों का का मानना है कि आंकड़ों में देखें तो इस बारे में लोगों में भ्रामक धारणा फैलाई जा रही है।

हाल ही में एनसीआरबी द्वारा 2020 के अपराधों के आंकड़ों के जारी किये जाने के बाद कतिपय लोगों द्वारा यह प्रतिपादित करने का प्रयास किया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में अपराधों का ग्राफ काफी बढ़ गया है वस्तुतः यह एक भ्रामक धारणा फैलाई जा रही है। देश के प्रमुख 20 बड़े राज्यों में छत्तीसगढ़ की स्थिति का अध्ययन एवं प्रति एक लाख जनसंख्या पर औसतन अपराध आंकड़ों का विश्लेषण किये जाने पर यह स्पष्ट है कि प्रदेश में सभी प्रकार के अपराधों में कमी बेशी का ट्रेंड विगत वर्षों में एक समान बना हुआ है तथा किसी भी अपराध में ऐसी भीषण वृद्धि नहीं हुई है जैसा कि प्रचारित किया जा रहा है।

बल्कि कई मामलों में छत्तीसगढ़ की स्थिति में अपेक्षाकृत सुधार आया है। एक विशेष बात यह है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने आम जनता की हर शिकायत को पूरी गंभीरता से लिया है तथा हर उस मामले को पंजीबद्ध करके विवेचना में लिया है जिसमें भी उस अपराध के पूर्ण तत्व पाये गये। इसलिये कुछ ऐसे मामले जिन्हें पूर्व में नजर अंदाज कर दिया जाता था, उन पर भी अपराध दर्ज किये जाने से कुछ अपराधों में आंशिक रूप से वृद्धि हुई है।

Murder (Sec.302 IPC)
Rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 Uttar Pradesh 4324 4018 3806 3779
2 Bihar 2803 2934 3138 3150
3 Maharashtra 2103 2199 2142 2163
4 Madhya Pradesh 1908 1879 1795 2101
5 West Bengal 2001 1933 1933 1948
6 Rajasthan 1473 1508 1659 1719
7 Tamil Nadu 1560 1569 1745 1661
8 Jharkhand 1487 1712 1626 1592
9 Odisha 1267 1378 1356 1470
10 Karnataka 1384 1334 1314 1331
11 Haryana 1046 1104 1137 1143
12 Assam 1144 1241 1235 1131
13 Gujarat 970 1072 993 982
14 Chhattisgarh 919 917 913 972
15 Andhra Pradesh 1054 935 870 853
16 Telangana 805 786 839 802
17 Punjab 659 684 679 757
18 Kerala 305 292 323 306
19 Uttarakhand 181 211 199 160
20 Himachal Pradesh 99 99 70 91

हत्या
छत्तीसगढ़ सन 2017 में देश के प्रमख 20 राज्यों में हत्या के मामले में 15 वें स्थान पर था वहीं 2018 में भी छत्तीसगढ़ 15 वें स्थान पर था।
2019 में छत्तीसगढ़ 14 वें स्थान पर आया जबकि इस वर्ष में हत्या के अपराधों में कमी आयी।
2020 में भी छत्तीसगढ़ इन 20 राज्यों में 14 वें स्थान पर ही रहा है।
हत्या के मामले में भाजपा शासित उ.प्र. पहले स्थान पर रहा है बिहार, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात जैसे भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ से कहीं ऊपर रहते आये हैं।
अगर जनसंख्या के अनुपात में देखा जाये तो छत्तीसगढ़ की अनुमानित 3 करोड़ जनसंख्या में प्रति लाख आबादी में 2017 तथा 2018 में 3.1 तथा 2019 में 3 तथा 2020 में 3.2 हत्या की घटनायें हुई हैं।
इसका अर्थ है कि प्रदेश में हत्या के आंकड़ों का ट्रेंड औसतन 3 प्रति लाख है।

हत्या का प्रयास

Attempt to Commit Murder (Sec. 307 IPC)
Rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 West Bengal 11710 12062 12062 12725
2 Bihar 9586 7196 7462 11784
3 Uttar Pradesh 4939 4834 4596 4210
4 Odisha 3064 3070 3569 4135
5 Maharashtra 2744 3162 3003 3251
6 Jharkhand 1187 1901 1920 2833
7 Karnataka 2719 2638 2569 2568
8 Tamil Nadu 2460 2571 2478 2548
9 Rajasthan 1588 1659 1905 2062
10 Madhya Pradesh 1895 1785 1750 1857
11 Assam 1050 1443 1366 1316
12 Andhra Pradesh 1840 1827 1536 1298
13 Telangana 1045 1143 1326 1240
14 Haryana 948 984 923 1002
15 Punjab 789 824 840 961
16 Gujarat 1049 1276 910 933
17 Chhattisgarh 655 685 617 720
18 Kerala 583 672 729 610
19 Uttarakhand 196 163 161 186
20 Himachal Pradesh 69 58 54 70

हत्या का प्रयास
हत्या के प्रयास के मामले में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख 20 राज्यों में 2017, 2018 एवं 2020 में 17 वें स्थान पर रहा जबकि 2019 में 18 वें स्थान पर रहा था। पश्चिम बंगाल लगातार इस मामले में सबसे आगे रहा वहीं भाजपा शासित/समर्थित राज्यों बिहार, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात छत्तीसगढ़ से कहीं ऊपर रहते आये हैं।
अगर जनसंख्या के अनुपात में देखा जाये तो छत्तीसगढ़ की अनुमानित 3 करोड़ जनसंख्या में प्रति लाख आबादी में 2017 में 2.2, सन 2018 में 2.3, 2019 में 2.1 तथा 2020 में 2.4 हत्या के प्रयास की घटनायें हुई हैं।
इसका अर्थ है कि प्रदेश में हत्या के आंकड़ों का ट्रेंड औसतन 2.2 प्रति लाख है।

बलात्कार

Rape (Sec. 376 IPC)
Rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 Rajasthan 3305 4335 5997 5310
2 Uttar Pradesh 4246 3946 3065 2769
3 Madhya Pradesh 5562 5433 2485 2339
4 Maharashtra 1933 2142 2299 2061
5 Assam 1772 1648 1773 1657
6 Haryana 1099 1296 1480 1373
7 Jharkhand 914 1090 1416 1321
8 Odisha 2070 918 1382 1211
9 Chhattisgarh 1908 2091 1036 1210
10 West Bengal 1084 1069 1069 1128
11 Andhra Pradesh 988 971 1086 1095
12 Bihar 605 651 730 806
13 Telangana 552 606 873 764
14 Kerala 2003 1945 2023 637
15 Karnataka 546 492 505 504
16 Punjab 530 831 1002 502
17 Uttarakhand 374 561 526 487
18 Gujarat 477 553 528 486
19 Tamil Nadu 283 331 362 389
20 Himachal Pradesh 249 344 359 331
Chattisgarh rank 7 5 12 9

बलात्कार
भाजपा के शासनकाल में सन 2017 में छत्तीसगढ़ बलात्कार के मामले में देश के प्रमुख 20 राज्यों में 7 वें स्थान पर और 2018 में 5 वें स्थान पर था। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही 2019 में छत्तीसगढ़ इन 20 प्रमुख राज्यों में 12 वें स्थान पर रहा, वहीं सन 2020 में 9 वें स्थान पर रहा, ध्यान देने योग्य बात ये है कि भाजपा के शासनकाल की तुलना में काफी बलात्कार की घटनायें हुई हैं।
अगर जनसंख्या के अनुपात में देखा जाये तो छत्तीसगढ़ की अनुमानित 3 करोड़ जनसंख्या में प्रति लाख आबादी में 2017 में 6.4, सन 2018 में 7, 2019 में 3.5 तथा 2020 में 4 बलात्कार के अपराध दर्ज हुए हैं। जो यह बताता है कि कांग्रेस के शासनकाल में बलात्कार के ट्रेंड में उल्लेखनीय गिरावट आयी है।
इसका अर्थ है कि प्रदेश में भाजपा के शासनकाल में बलात्कार का ट्रेंड औसतन 6.5 प्रति लाख था वहीं कांग्रेस के शासनकाल में औसतन 3.5 प्रति लाख का ट्रेंड दिखा है।

बलात्कार का प्रयास

Attempt to Commit Rape (Sec. 376 r/w 511 IPC)
rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 Rajasthan 550 620 1019 965
2 West Bengal 1225 944 944 872
3 Assam 378 527 400 485
4 Uttar Pradesh 601 661 358 251
5 Haryana 145 176 194 215
6 Jharkhand 168 251 234 188
7 Odisha 151 156 151 144
8 Andhra Pradesh 175 191 177 141
9 Chhattisgarh 19 27 9 118
10 Bihar 317 110 110 69
11 Kerala 57 58 51 59
12 Punjab 79 79 109 53
13 Madhya Pradesh 61 73 39 35
14 Telangana 38 38 42 35
15 Tamil Nadu 11 13 8 15
16 Uttarakhand 19 19 21 12
17 Karnataka 12 10 12 11
18 Gujarat 14 4 1 3
19 Himachal Pradesh 8 11 5 3
20 Maharashtra 9 4 4 3
Chattisgarh rank 14 14 16 9

बलात्कार का प्रयास
भाजपा के शासनकाल में सन 2017 तथा 2018 में छत्तीसगढ़ बलात्कार के प्रयास के मामले में देश के प्रमुख 20 राज्यों में 14 वें स्थान पर था। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही 2019 में छत्तीसगढ़ इन 20 प्रमुख राज्यों में 16 वें स्थान पर चला गया था वहीं सन 2020 में 9 वें स्थान पर रहा।
अगर जनसंख्या के अनुपात में देखा जाये तो छत्तीसगढ़ की अनुमानित 3 करोड़ जनसंख्या में प्रति लाख आबादी में 2017 में 0.01, सन 2018 में 0.01, 2019 में 0.001 तथा सन 2020 में 0.04 बलात्कार के प्रयास के अपराध दर्ज हुए हैं।
ध्यान देने योग्य बात ये है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद महिलाओं के बलात्कार एवं बलात्कार के प्रयास के मामलों में किसी भी प्रकार से असंवेदनशीलता नहीं बरती गई, बल्कि हर घटना पर अपराध दर्ज करने को प्राथमिकता दी गई। पुलिस द्वारा चुप्पी तोड़ जैसा अभियान चलाकर महिलाओं को प्रेरित किया गया कि यदि उनके साथ कुछ गलत करने का प्रयास भी हुआ है तो वे बिना डरे अपनी शिकायत दर्ज करायंे पुलिस अवश्य कार्यवाही करेगी।

अपहरण एवं व्यपहरण

Kidnapping and Abduction (Secs. 363-369 IPC)*
Rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 Uttar Pradesh 19921 21711 16590 12913
2 West Bengal 5205 5191 5191 9309
3 Maharashtra 10324 11443 11755 8103
4 Bihar 8479 9935 10707 7889
5 Madhya Pradesh 7807 8596 9812 7320
6 Assam 7857 8966 9432 6934
7 Rajasthan 5216 5809 8058 6234
8 Odisha 3349 3972 4748 4179
9 Haryana 4401 5015 4023 2949
10 Karnataka 3005 3027 3080 2253
11 Telangana 1560 1810 2127 2056
12 Chhattisgarh 2109 2443 2638 2008
13 Jharkhand 1577 1741 1814 1564
14 Punjab 1386 1599 1798 1399
15 Gujarat 2094 1996 1813 1198
16 Uttarakhand 800 1177 967 768
17 Tamil Nadu 1027 1097 898 765
18 Andhra Pradesh 1018 1055 902 737
19 Himachal Pradesh 339 475 455 343
20 Kerala 293 297 386 307
Chhattisgarh Rank 11 11 11 12

अपहरण एवं व्यपहरण
सन 2017, 2018 तथा 2019 में अपहरण व्यपहरण के मामले में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख 20 राज्यों में लगातार 11 वें क्रम पर ही बना रहा। 2020 में स्थिति में सुधार करते हुए 12 वें क्रम पर आया है।
अगर जनसंख्या के अनुपात में देखा जाये तो छत्तीसगढ़ की अनुमानित 3 करोड़ जनसंख्या में प्रति लाख आबादी में 2017 में 7, सन 2018 में 8.1, 2019 में 8.8 तथा 2020 में 6.7अपहरण व्यवपरण के अपराध दर्ज हुए हैं। जो यह बताता है कि कांग्रेस के शासनकाल में इन मामलों के औसत ट्रेंड में उल्लेखनीय गिरावट आयी है।

बलवा तथा सार्वजनिक शांति भंग

Rioting (Secs. 147-151 & 153A IPC)**
rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 Bihar 11698 10276 7262 9422
2 Maharashtra 7743 9473 7518 9157
3 Uttar Pradesh 8990 8908 5714 6126
4 Karnataka 5377 4747 4107 4553
5 Kerala 4689 4236 3514 3520
6 Jharkhand 1791 1782 2207 2707
7 Haryana 2408 2683 2268 2467
8 Tamil Nadu 1935 2240 1722 2122
9 Odisha 2407 2123 1993 2059
10 Madhya Pradesh 1741 1347 1110 1240
11 Gujarat 1740 1898 1353 1083
12 Chhattisgarh 664 665 615 1019
13 West Bengal 2067 1728 1728 933
14 Assam 1246 1158 1033 829
15 Telangana 542 643 715 771
16 Uttarakhand 622 549 521 676
17 Andhra Pradesh 510 561 492 431
18 Himachal Pradesh 338 404 372 410
19 Rajasthan 345 392 392 342
20 Punjab 1 0 0 0
Chhattisgarh Rank 14 14 15 12

बलवा एवं सार्वजनिक शांति भंग
सन 2017 तथा 2018 में बलवा के लगभग बराबर प्रकरण दर्ज हुए जिसमें प्रमुख राज्यों में 14 वाॅं स्थान रहा, वहीं कांग्रेस की सरकार आने पर 2019 में प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ इस मामले में 15 वें स्थान पर रहा। पिछले वर्ष राज्य में एक ओर कोरोना की त्रासदी चल रही थी वहीं दूसरी ओर भाजपा अपने क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थों के लिये जनता को आंदोलन एवं शांति भंग हेतु दुष्प्रेरित कर रही थी। प्रदेश में शांति भंग को सरकार ने पूरी गंभीरता से लेते हुए सभी मामलों में प्रकरण दर्ज करके विवेचना की है। सार्वजनिक शांति व्यवस्था बनाये रखना सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि एक जिम्मेदार विपक्ष की भी जवाबदारी होती है लेकिन इसका प्रदेश में अभी तक अभाव देखा गया है।

लूट

Robbery (Secs. 392 to 394 IPC)
Rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 Maharashtra 6451 7430 7763 5054
2 Odisha 2048 2125 2492 2162
3 Tamil Nadu 1841 2295 2444 2023
4 Bihar 1594 1731 2398 1902
5 Uttar Pradesh 4089 3218 2241 1633
6 Assam 1092 1501 1944 1577
7 Karnataka 2152 2024 1865 1354
8 Rajasthan 972 1022 1421 1155
9 Madhya Pradesh 1581 1361 1290 994
10 Haryana 572 502 620 657
11 Jharkhand 526 557 666 652
12 Kerala 807 867 741 610
13 Gujarat 1277 1483 1035 498
14 Chhattisgarh 356 420 439 458
15 Telangana 790 576 505 349
16 West Bengal 369 291 291 318
17 Andhra Pradesh 340 252 310 237
18 Uttarakhand 253 180 175 128
19 Punjab 122 131 91 102
20 Himachal Pradesh 8 9 12 8
Chhattisgarh Rank 16 15 15 14

लूट
सन 2017 में छत्तीसगढ़ लूट के मामले मेें देश के इन प्रमुख 20 राज्यों में 16 वें स्थान पर था जो 2018 में आंशिक वृद्धि के साथ 15 वें स्थान पर रहा वहीं 2019 में अपराधों की संख्या में आंशिक वृद्धि के बाद भी इन 20 राज्यों में 15 वें स्थान पर रहा। सन 2020 में छत्तीसगढ़ 14 वें स्थान पर है। पुलिस द्वारा हर उस मामले में लूट का प्रकरण दर्ज करने में कोई कोताही नहीं की जा रही है जिसमें लूट के सारे तत्व मौजूद हों। यही वजह है कि लूट के अपराध में थोड़ी सी वृद्धि देखी गई है।
अगर जनसंख्या के आंकड़ों को देखें तो छत्तीसगढ़ की अनुमानित 3 करोड़ जनसंख्या में प्रति लाख आबादी में 2017 में 1.19, सन 2018 में 1.40, 2019 में 1.46 तथा 2020 में 1.53 लूट के अपराध दर्ज हुए हैं। जो यह बताता है कि लूट की घटनाओं में वार्षिक वृद्धि का एक औसत ट्रेंड भाजपा के शासनकाल से लगातार बना हुआ है।

डकैती

Dacoity (Secs. 395 to 398 IPC)
Rank State/UT 2017 2018 2019 2020
1 Maharashtra 652 769 615 473
2 Odisha 462 480 401 307
3 Bihar 326 280 391 222
4 Assam 157 156 198 198
5 Karnataka 304 246 226 194
6 Haryana 196 194 153 151
7 Gujarat 306 334 208 138
8 Tamil Nadu 97 100 113 128
9 Uttar Pradesh 263 144 124 120
10 Jharkhand 179 152 134 119
11 Chhattisgarh 70 84 50 85
12 Rajasthan 47 75 107 76
13 Kerala 63 71 87 69
14 Madhya Pradesh 98 91 85 65
15 West Bengal 68 56 56 53
16 Andhra Pradesh 58 51 40 39
17 Punjab 27 47 25 39
18 Telangana 73 52 45 32
19 Uttarakhand 16 10 18 6
20 Himachal Pradesh 3 1 1 2
Chhattisgarh Rank 13 12 15 11

डकैती
सन 2017 में छत्तीसगढ़ डकैती के मामले मेें देश के इन प्रमुख 20 राज्यों में 13 वें स्थान पर था जो 2018 में आंशिक वृद्धि के साथ 12 वें स्थान पर रहा वहीं 2019 में अपराधों की संख्या में आंशिक कमी के बाद 15 वें स्थान पर रहा। सन 2020 में छत्तीसगढ़ 11 वें स्थान पर है।
अगर जनसंख्या के आंकड़ों को देखें तो छत्तीसगढ़ की अनुमानित 3 करोड़ जनसंख्या में प्रति लाख आबादी में 2017 में 0.23, सन 2018 में 0.28, 2019 में 0.17 तथा 2020 में 0.28 डकैती के अपराध दर्ज हुए हैं। जो यह बताता है कि लूट की घटनाओं में वार्षिक वृद्धि का एक औसत ट्रेंड भाजपा के शासनकाल से लगातार बना हुआ है जिसमें कांग्रेस के शासनकाल में एक बार गिरावट भी देखी गई है।

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