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प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने दिया लक्ष्य – “हर हारा प्रत्याशी, उस क्षेत्र में वायदों को पूरा कराने और जनता के बीच जनता का सवाल उठाएगा.. वादा चाहे सरकार का हो या विधायक का.. पूरा नही तो सड़क पर उतरो”

प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने दिया लक्ष्य – “हर हारा प्रत्याशी, उस क्षेत्र में वायदों को पूरा कराने और जनता के बीच जनता का सवाल उठाएगा.. वादा चाहे सरकार का हो या विधायक का.. पूरा नही तो सड़क पर उतरो”
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By NPG News

रायपुर,8 दिसंबर 2020। भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पूरंदेश्वरी ने दो दिन की मैराथन बैठक ली है, और भीतरखाने ख़बर है कि इस बैठक के नतीजे ज़मीन पर बेहद जल्द नजर आ जाएँगे। जिस तेवर के साथ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नवीन ने संवाद किया, सूना.. और फिर जो निर्देशों को जारी किया है,उसके बाद अगर भीतरखाने यह क़यास है कि भाजपा पूरे दम से बूथ स्तर तक जाएगी और विधानसभा चुनाव के बाद से अचेतावस्था में पड़ी भाजपा देवतुल्य कार्यकर्ता को साध कर सदन से सड़क गुंजायमान कर देगी तो शायद गलत नही होगा।
बहुत विस्तार में ना भी जाएँ तो यह लिखना सही होगा कि प्रभारी डी पूरंदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नवीन ने कुशाभाउ ठाकरे परिसर में दो दिनों के अनवरत संवाद के दौरान पूर्व से मिली रिपोर्ट और अद्यतन स्थिति का निर्मम मूल्यांकन किया है।
कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए डी पूरंदेश्वरी ने तीखे स्वर में कहा –
“सूनिए.. सभी को काम करना होगा”
यह बात तब हुई थी जबकि काम कैसे करें को लेकर विमर्श चल रहा था और अपेक्षितों से विचार लिए जा रहे थे।
बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता तक पहुँचने और सीधे संवाद की मंशा बहुत स्पष्ट रुप से बता दी गई। सह प्रभारी नितिन नवीन ने कहा –
“हर कार्यकर्ता अमूल्य है, उसे नाराज कर या उपेक्षित कर कोई यह ना सोचे कि वह बड़ा या कि प्रभावी हो जाएगा.. केवल मंडल नही बल्कि बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता से हम मिलेंगे, उनके साथ बैठेंगे और उन्हीं से समझेंगे कि वे हमसे कैसा काम चाहते हैं, वही हमारे मार्गदर्शक होंगे”
बैठकों के दौरान विधानसभा में करारी हार के बाद लोकसभा में जीत के आँकड़ो ने भी ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री मोदी की लहर वाले इस लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जितनी सीटो पर जीत दर्ज की विधानसभा के हिसाब से वे करीब साठ विधानसभा सीटे होती हैं, इस पर समीक्षा करते हुए ही डी पुरंदेश्वरी ने निर्देश दिया –
“आप हारे, पर पार्टी का चेहरा बतौर प्रत्याशी आप ही थे, यह आपकी जवाबदेही है कि जीतने वाले विधायक और राज्य में सत्ता में मौजुद कांग्रेस सरकार के वायदों को पूरा कराने उन्हे घेरे.. जमकर आवाज उठाएँ.. सदन से सड़क तक सवाल करिए..चुनाव के वक़्त जनता से किए वायदे इतने आकर्षक थे कि उन्हे वोट दे दिया गया पर वो आकर्षक वायदे पूरे नही हुए तो इसे मूद्दा कौन बनाएगा.. चूँकि आप प्रत्याशी थे तो यह जवाबदेही आपकी है..”

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