सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी की स्थिति मे कहीं भी होगा ईलाज….आईएमए को सीईओ राज्य नोडल एजेंसी ने आमंत्रित किया बैठक के लिए

*  किसी भी परिस्थिति में गर्भवती माता व बच्चे का स्वास्थ्य सर्वोपरी
* मरीज व उनके परिजनों को मद्द करेंगे अस्पताल में मौजूद आयुष्मान मित्र

 

रायपुर 13 फरवरी 2020 सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी को लेकर बनी भ्रम की स्थिति को दूर करने मुख्य कार्यपालन अधिकारी  नीरज बंसोड़ ने इंडियन मेडिकल एसोसियेशन के अध्यक्ष डाॅ. महेश सिंहा को सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी के मामलों में उनके अभिमत के लिए आमंत्रित किया है। रेफरल पर्ची न होने की स्थिति में भी ईलाज जारी रहेंगा और पर्ची दिलाने में आयुष्मान मित्र व कियोस्क आॅपरेटर भी मरीज व उनके परिजनों की मद्द करेंगे।
सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी के प्रकरणों में रेफरल पर्ची न मिल पाने और मरीज के निजी अनुबंधित अस्पतालों से छुट्टी लेकर चले जाने की स्थिति में भी डीजीआरसी के माध्यम से समीक्षा की जाएगीं।
अकारण सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी रोकना लक्ष्य
रेफरल पर्ची को सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी में रखने का शासन का उद्देश्य अकारण सीजेरियन डिलवरी को रोकना है। अकारण सीजेरियन डिलवरी के माामले बड़े पैमाने पर सामने आते रहें है। इस पर लगाम लगनी आवश्यक हो चली है। यह मामला भी समय-समय पर उठता रहा है।
जिला स्तर पर भी आईएमए से होगी चर्चा
प्रदेश स्तर में सीईओ राज्य नोडल एजेंसी आईएमए के साथ चर्चा करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक जिलों में आईएमए के पदाधिकारियों से वहाॅ के स्थानीय अधिकारी विचार-विमर्श करेंगे। इसमें आने वाले सार्थक सुझावों पर अमल किया जाएगा।
लगातार होगी समीक्षा
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने डाॅ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना को लेकर लागातार समीक्षा करने की बात कही हैं। उन्होनें राज्य नोडल एजेंसी में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को आदेशित किया हुआ है कि योजना की लगातार समीक्षा हो और आ रही दिक्कतों को तत्काल दूर किया जाए।
सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी की सुविधा 58 में
प्रदेश के 58 अस्पताल (प्रथम रेफरल यूनिट) में सीजेरियन/आपातकालीन डिलवरी की सुविधा उपलब्ध है। इस स्थिति में निजी अनुबंधित चिकित्सालयों की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता हैं। राज्य शासन इनके सहयोग के माध्यम से ही योजना संचालित करना चाहता है।

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