…अगर YES बैंक में है आपका खाता….तो आपके लिए बेहद बुरी खबर……. रिजर्व बैंक ने लगायी पैसे निकालने पर नयी शर्त….देश भर में मचा कोहराम… ATM के बाहर लंबी-लंबी कतार…..इलाज व खाने-खिलाने तक के लिए नहीं निकल पा रहे हैं पैसे….

नयी दिल्ली 6 मार्च 2020। आपका एकाउंट अगर यस बैंक में है, तो आपके लिए ये बेहद बुरी खबर है। यस बैंक बुरे दौर से गुजर रहा है। कर्ज के संकट में फंसे Yes Bank पर शिकंजा कसते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने ग्राहकों के महीने में 50,000 रुपये तक निकालने की सीमा तय कर दी है। इसके अलावा अपना प्रशासक नियुक्त कर दिया है। रिजर्व बैंक की ओर से Yes Bank पर लगाई गई पाबंदियां 3 अप्रैल, 2020 तक लागू रहेगीं। तब तक कोई भी ग्राहक अपने सेविंग्स, करंट और अन्य अकाउंट से 50,000 रुपये से अधिक नहीं निकाल सकता। हालांकि मेडिकल इमरजेंसी, शादी और एजुकेशन फीस जैसी जरूरतों ते लिए छूट है और ग्राहक 5 लाख रुपये तक निकाल सकते हैं।

एनएसई ने यस बैंक के फ्यूचर और ऑप्शन सौदों पर रोक लगा दी है.इसकी वजह से देश भर के यस बैंक ग्राहकों में डर कायम हो गया है और गुरुवार रात कई शहरों में यस बैंक के एटीएम में ग्राहकों की कतारें देखी गईं. हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक के बोर्ड ने संकटग्रस्त यस बैंक में निवेश के लिए सैद्धांतिक रूप से (in principle) मंजूरी दे दी है. यानी अगर सबकुछ ठीक रहा तो आर्थिक संकट में फंसे यस बैंक में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI की हिस्‍सेदारी होगी. गुरुवार को ऐसी खबर आने के बाद यस बैंक के शेयर करीब 26 फीसदी की उछाल के साथ 37 रुपये पर पहुंच गए थे.इस दौरान पैसे निकालने की हड़बड़ी में कई जगहों पर हालात बेकाबू दिखे, जिसके बाद एटीएम के बाहर पुलिस तैनात की गई. इस बीच, यस बैंक संकट पर केंद्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खाताधारकों को भरोसा दिया है कि उनका पैसा डूबने नहीं दिया जाएगा.

यस बैंक से धन निकासी की समय सीमा तय होने की जानकारी होते ही गुरुवार रात ही बैंक की एटीएम से पैसा निकालने वालों की कतार लग गई। रात 12 बजे तक पैसा निकालने वालों की कतार लगी रही। आधी रात के बाद बैंक ने अपना सर्वर ब्लॉक कर दिया तो न पैसे जमा हो रहे थे और न ही निकल रहे थे। बैंक ने एनईएफटी सेवा भी बंद कर दी। इससे कोई पैसा किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर भी नहीं कर सकता है।आरबीआई ने देर शाम जारी बयान में कहा कि यस बैंक के निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया गया है।

ऐसा नहीं है कि आप किसी भी स्थिति में 50 हजार रुपए से अधिक नहीं निकाल सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ परिस्थितियां तय की हैं, जिनमें आप 50 हजार रुपए से अधिक भी निकाल सकते हैं। बैंक ने साफ किया है कि अगर आपको कोई मेडिकल इमरजेंसी है या आपको अधिक एजुकेशन की फीस देनी है या फिर आपके घर में शादी है, तो आप 5 लाख रुपए निकाल सकते हैं।

कुछ ऐसे भी मामले होंगे, जिनमें 5 मार्च को भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आदेश से पहले ही अधिक राशि का ड्राफ्ट या पे ऑर्डर जारी कर दिया गया होगा। कुछ लोग इस कनफ्यूजन में हैं कि क्या अब उन्हें भी पूरी राशि का भुगतान नहीं हो पाएगा और सिर्फ 50 हजार रुपए ही मिलेंगे? यहां आपको बता दें कि जो भी ड्राफ्ट या पे ऑर्डर भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश से पहले जारी किए जा चुके हैं, उनकी पूरी राशि का भुगतान होगा।

वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक को डूबने से बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने आगे बढ़कर कुछ अहम कदम उठाए हैं, जिनमें ये भी शामिल है कि एसबीआई और एलआईसी यस बैंक में 49 फीसदी की हिस्सेदारी लेंगे। खबर है कि दोनों 24.5 फीसदी की हिस्सेदारी लेंगे। कोशिश है कि कैसे भी कर के यस बैंक को बचाया जा सके, ताकि ग्राहकों के हितों की रक्षा हो सके। बता दें कि जब से ये खबर आई है कि भारतीय स्टेट बैंक वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक में हिस्सेदारी लेगा, तब से यस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक दोनों के ही शेयर गिर रहे हैं।

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