IAS का सुझाव- लॉकडाउन में 2 घंटे के लिए खोले जाएं शराब के ठेके!.. नहीं तो कहीं ड्रग न लेने लग जाएं शराबी

चंडीगढ़ 7 अप्रैल 2020. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन पर रखा गया है। इस दौरान प्रशासन द्वारा लोगों सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए अपने-अपने घरों में रहने की सलाह दी जा रही है।लॉकडाउन में राशन, दवा और दूध जैसी आवश्यक चीजों को छोड़कर सबकुछ प्रतिबंधित किया गया है. जरूरी चीजें जैसे दवा, राशन, सब्जी, दूध जैसी दुकानों को छोड़कर सभी व्यवसायिक गतिविधियां ठप हैं. इस बीच एक आईएएस ने सरकार को बेहद अजीबोगरीब सुझाव दिया है. चंडीगढ़ के आईएएस मनोज परीदा ने कहा है कि उन्हें एक डॉक्टर ने सुझाव दिया है कि 2 घंटे के लिए शराब की दुकानें खोली जाएं, क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि शराब की लत के शिकार लोग ड्रग लेने लग जाएं.

आईएएस मनोज परीदा चंडीगढ़ में बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हैं. वे चंडीगढ़ के प्रशासक बी पी बदनोर के प्रशासनिक एडवाइजर हैं. ट्विटर पर उन्होंने आम जनता से पूछा है कि एक डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी है कि कहीं शराब की लत के शिकार लोग ड्रग एडिक्ट ना बन जाएं या फिर डिप्रेशन में ना चले जाएं तो ऐसे लोगों के लिए दिन में 2 घंटे शराब के ठेके चंडीगढ़ में खोले जाएं या नहीं ? कृपया आप लोग अपनी सलाह दें.

अधिकारी द्वारा यह ट्वीट किए जाने के बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और हर तरफ इस बारे में चर्चा की जा रही है. वहीँ इस बारे में मनोचिकित्सकों और डॉक्टरों का कहना है कि शराब न मिलने की वजह से इसके आदी लोगों को मानसिक समस्याएं हो सकती हैं. दिल्ली के डॉक्टर वेंकट कृष्णन का कहना है जो लोग रोज शराब पीते हैं उन्हें समस्या हो सकती है, जब उन्हें शराब ना मिले तो कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं.

बता दें कि मनोचिकित्सकों और डॉक्टरों का कहना है कि शराब न मिलने की वजह से इसके आदी लोगों को मानसिक समस्याएं हो सकती हैं. दिल्ली के डॉक्टर वेंकट कृष्णन का कहना है जो लोग रोज शराब पीते हैं उन्हें समस्या हो सकती है, जब उन्हें शराब ना मिले तो कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं.

डॉक्टर वेंकट कृष्णन का कहना है, “ऐसी समस्याओं के लक्षण शराब ना मिलने के दो से तीन दिन बाद ही नजर आते हैं, ऐसे लोगों को घबराहट हो सकती है, पसीना आ सकता है, दिल की धड़कन तेज हो सकती है. ऐसे लोगों के अंदर गुस्सा ज्यादा आता है या चिड़चिड़ापन हो जाता है. शराब की लत वाले ऐसे मरीज शराब ना मिलने पर या तो बिल्कुल चुप हो जाते हैं या मारपीट भी करने लगते हैं. उन्होंने कहा कि अगर ऐसे लक्षण किसी के अंदर हैं तो उसकी अनदेखी न करें बल्कि तुरंत किसी डॉक्टर के पास ले जाएं.

 

Spread the love