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‘मैं एक IAS अफसर हूं…’, IAS रणबीर शर्मा के बारे में लिखकर इस महिला कलेक्टर ने वाहवाही लूट ली…. ट्वीट जमकर हो रहा है वायरल

दुमका 25 मई 2021। सूरजपुर कलेक्टर पद से हटने के बाद भी थप्पड़ कांड IAS रणबीर शर्मा का पीछा छोड़ता नहीं दिख रहा है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और आक्रोश के बीच अब  झारखंड की एक महिला आईएएस व दुमका कलेक्टर ने पूरे मामले पर टिप्पणी की है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से कुछ ऐसी बात कही, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।झारखंड के दुमका जिले की कलेक्टर और IAS अफसर राजेश्वरी बी. ने इस मामले में दो ट्वीट किए।

झारखंड की IAS अफसर राजेश्वरी बी ने अपने ट्वीट में लिखा- मैं एक आईएएस अधिकारी हूं. रणबीर शर्मा, पूर्व कलेक्टर सूरजपुर मेरा प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. पावर मिलने से कमजोर लोग बेकाबू हो सकते हैं, सभी नहीं. राजेश्वरी बी ने लिखा कि ऑफिसर के तौर पर हमें एक उदाहरण पेश करना होता है जिसे पूरा करने में वह ऑफिसर (रणबीर शर्मा) साफ तौर से फेल रहे.

हालांकि, छत्तीसगढ़ में जो हुआ, वह अधिकारियों की ओर से जनता के साथ बदसलूकी की इकलौती घटना नहीं है. ऐसी घटनाएं अन्य राज्यों और शहरों से भी सामने आती रही हैं. इस पर झारखंड के दुमका में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात राजेश्वरी बी ने कहा कि आज जनता के पास अपनी बात कहने के लिए सोशल मीडिया का प्लेटफार्म है. यह जनता को काफी ताकत देता है.

महिला IAS राजेश्वरी बी ने ट्वीट में लिखा- ‘मैं एक आईएएस अधिकारी हूं. रणबीर शर्मा, पूर्व कलेक्टर सूरजपुर मेरा प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. कोई भी अकेले सेवा का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है. जैसा कि मैंने पहले की पोस्ट में कहा है कि अच्छे और बुरे हर पेशे, समुदाय और समाज में होते हैं. ताकत कमजोरों को ही नशा दे सकती है…सब को नहीं..’

राजेश्वरी ने एक अन्य ट्वीट में कहा-‘यह कहकर मैं अधिकारी का बचाव नहीं कर रही हूं, बल्कि उस सेवा का बचाव कर रही हूं, जो हर दिन लाखों युवाओं को प्रेरित करती है. सरकार उसके घिनौने व्यवहार के लिए उस पर कोई भी कार्रवाई करने के लिए सक्षम है. अधिकारी के रूप में हमें एक उदाहरण पेश करता होता है जिसमें वह स्पष्ट रूप से विफल रहे.’आईएएस राजेश्वरी बी ने कहा कि सोशल मीडिया का शुक्रिया कि ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. जो लोग इंटरनेट से कनेक्टेड हैं, उनकी आवाज इससे उठ सकती है. हाल ही में त्रिपुरा में भी ऐसा हुआ था. सूरजपुर वाले केस में जो हुआ, वह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है. पहले के वक्त में शायद लोगों को ऐसी स्थिति में डर लगता था, उनके पास बोलने के लिए प्लेटफॉर्म नहीं था. आज सोशल मीडिया जनता को काफी एम्पॉवर करता है. जैसे ये चीजें हाइलाइट हो रही हैं, उससे और भी लोग सीखें और ऐसी घटना रुके.

राजेश्वरी ने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल पूछा है कि ऐसे अफसरों का चयन कैसे कर लिया जाता है, इसका जवाब ये है कि ऐसा कोई एग्जाम नहीं है, जिससे किसी व्यक्ति की अंदर की अच्छाई या बुराई को पहचाना जा सके.

जब कोई एग्जाम या इंटरव्यू होता है, तो हर कोई खुद को एक अच्छे व्यक्तित्व के रूप में दर्शाता है. ये कोई एक या दो दिन का काम नहीं है, आजकल तो 21 साल के युवा इस सेवा में आ रहे हैं, तो उनके सामने तो लंबा करियर है. इतने लंबे समय के करियर में गुस्सा न आए, ऐसा नहीं हो सकता, लेकिन गुस्से को कैसे मैनेज करते हैं, यह महत्वपूर्ण है.

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