CG के 45 आईएएस पर लंबित शिकायती प्रकरणों पर याचिका पर हाईकोर्ट की टिप्पणी- “याचिकाकर्ता अभिलेख पर तथ्य दे, अन्यथा याचिका अपरिपक्व”

बिलासपुर,8 सितंबर 2021।छत्तीसगढ़ कैडर में पदस्थ 45 IAS अधिकारियों के ख़िलाफ़ लंबित शिकायतों के जाँच के मसले पर जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस प्रशांत मिश्रा, जस्टिस एन के चंद्रवंशी ने याचिका कर्ता से कहा है
”याचिकाकर्ता ने उन आरोपों के संबंध में अभिलेख पर तथ्य प्रस्तुत नहीं किए हैं,जिनके संबंध में उत्तरवादीगण द्वारा यह निर्णय लिया जाना है कि 45 भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध जांच की जावे अथवा नही.. याचिकाकर्ता ऐसे दस्तावेज/तथ्य प्रस्तुत करें अन्यथा याचिका अपरिपक्व होगी”
दरअसल याचिकाकर्ता राजकुमार मिश्र लंबे अरसे से उन अधिकारियों पर कार्यवाही की जानकारी लेना चाह रहे हैं जिनके विरुध्द जाँच लंबित है। आरटीआई कार्यकर्ता के रुप में पहचाने जाने वाले चिरमिरी निवासी राजकुमार मिश्र का पक्ष है कि उन्होंने इस मसले को लेकर कई आवेदन लगाए लेकिन कभी कुछ हुआ नही।
राजकुमार मिश्र ने बताया
”इस याचिका में यह आग्रह है कि उच्च न्यायालय अभिलेख मँगा ले, लेकिन कोर्ट ने मुझे ही आदेशित कर दिया है कि अभिलेख प्रस्तुत करें, मैं फिर प्रयास करुंगा कि अभिलेख मुझे दिए जाएँ ताकि उच्च न्यायालय के इस निर्देश के अनुरुप क्रियान्वयन हो सके”
याचिका में जिन आईएएस के नाम हैं उन नामों की जानकारी विधानसभा में बीते 16 दिसंबर 2015 को सरकार ने ही दी थी जबकि तत्कालीन विधायक देवजी भाई पटेल ने यह जानकारी माँगी थी कि किन किन IAS के ख़िलाफ़ शिकायत लंबित है, जिसके जवाब में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने जवाब में 45 IAS के ख़िलाफ़ जाँच लंबित होने की जानकारी दी थी।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि, इन शिकायतों को दशक से अधिक का वक्त बीत गया है, लेकिन यही निर्णय नहीं हो पाया कि जाँच करनी है या नहीं करनी है।
जनहित याचिका में उन अधिकारियों की शिकायत पर निष्पक्ष जाँच की माँग की गई है।
