हैलो! मैं रायपुर जिला प्रशासन से बोल रहा हूं…..कोरोना काल में ये एक फोन कॉल कर रहा है लोगों के लिए संजीवनी का काम……इस कॉल सेंटर की पूरी कहानी देखिये NPG की टीम के साथ

रायपुर 24 सितंबर 2020। हैलो मैं रायपुर जिला प्रशासन से बोल रहा हूं! उम्मीद है आप स्वस्थ्य होंगे, आपके परिवार में किसी को कोई कोरोना का लक्षण तो नहीं…...कोरोना संकट में आपके फोन पर आयी ये आवाज सुकून भी देती है और साहस भी। 1 मिनट से भी कम वक्त की इस बातचीत में आपसे सवाल भी होते हैं, आपकी समस्याओं का समाधान भी होता है और फिर सुझाव भी मिलते हैं। कॉल के आखिर में ये दो बोल, “आप घबराईये मत सर/मैडम जिला प्रशासन आपके साथ है, किसी भी तरह की परेशानी पर आप हमें तुरंत कॉल करें”...सुनकर कोरोना से जंग लड़ने की ताकत भी बढ़ जाती है और ये अहसास भी होता है कि पूरा प्रशासन आपके साथ इस लड़ाई में खड़ा है।

कोरोना काल में संजीवनी का अहसास कराने वाला कॉल आता कहां से है? किस तरह की वहां व्यवस्थाएं है? और एक कॉल पर मिनटों में कमांड से लेकर एक्शन टीम हरकत में कैसे आती है ?  रात के 12 बजे हो या फिर सुबह के 4…आपके एक कॉल पर कैसे पूरी जिला प्रशासन की टीम मुस्तैद कैसे रहती है? इसका जायजा लेने के लिए NPG की रिपोर्टर मृणालिनी शर्मा  उस कॉल सेंटर में पहुंची, जहां ये पूरा कमांड एंड कॉल सेंटर चलता है। हमने इस दौरान कॉल सेंटर के इंचार्ज व जिला पंचायत सीईओ IAS गौरव कुमार सिंह से बातचीत भी की और उनसे कॉल सेंटर की गतिविधियों को समझने की कोशिश की।

दरअसल ये कॉल सेंटर एक तरह का कमांड और एक्शन सेंटर हैं। जहां ना सिर्फ आमलोगों से फोन कॉल पर उनका हालचाल पूछा जाता है, बल्कि उनका हौसला भी बढ़ाया जाता है, और उनकी परेशानियों को तत्काल दूर करने की कोशिश भी की जाती है। IAS गौरव ने हमारी टीम को बताया कि कॉल सेंटर से ना सिर्फ सामान्य लोगों को बल्कि उन लोगों को भी कॉल किया जाता है, जो होम आइसोलेशन में हैं या फिर कोविड सेंटर में भर्ती हैं। कॉलर उनसे उनके नियमित क्रियाकलाप और तबीयत के बारे में तो जानकारी लेता ही है,  परेशानी बताने पर तत्काल उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैय्या करायी जाती है।

IAS गौरव बताते हैं कि हर दिन औसत 5000 से ज्यादा लोगों को इस कॉल सेंटर के जरिये कॉल जाता है। इस कॉल सेंटर से आये कॉल की शुरूआत तो सामान्य बातचीत से होती है, लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति कोरोना से संबंधित अपनी समस्याओं को बताता है, कॉल कर रहा एक्यूकेटिव उस कॉल को या फिर संबंधित व्यक्ति के नंबर को अलग विंग को ट्रांसफर कर देता है, जिसके बाद संबंधित व्यक्ति को उनकी परेशानी के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की कवायद शुरू होती है।

कमाल की बात ये है कि कॉल सेंटर 24ंX7 पर काम तो करता ही है, अफसरों की मानिटरिंग भी लगातार होती है। आज के वक्त में जब कोरोना की वजह से लोगों के मन में इस बात का डर बैठ गया कि वो इस संकट के बीच मुश्किलों में फंसा है, उसे मदद मिलेगी या नहीं ?…उस दौरान एक फोन कॉल पर जब ये आवाज आती है…”सर, घबराईये मत, पूरी जिला प्रशासन की टीम आपके साथ है, किसी भी तरह की कोई परेशानी पर आप हमें तुरंत कॉल करें”…तो आत्मविश्वास भी मजबूत हो जाता है और प्रशासन के प्रति आदर भी बढ़ जाता है।

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