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Symptoms Of Heart Failure In Infant : शिशु का भी हो सकता है हार्ट फेल, मांएं पहचाने इन लक्षणों को

Symptoms Of Heart Failure In Infant: यह काफी शॉकिंग लेकिन दुखद सत्य है कि शिशुओं को भी हार्ट फेल हो सकता है। आइए जानते हैं शिशु में हार्ट फेल होने के संकेत कैसे होते हैं।

Symptoms Of Heart Failure In Infant : शिशु का भी हो सकता है हार्ट फेल, मांएं पहचाने इन लक्षणों को
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Divya Singh

Symptoms Of Heart Failure In Infant: यह काफी शॉकिंग लेकिन दुखद सत्य है कि शिशुओं को भी हार्ट फेल हो सकता है। शिशु बोलना भी नहीं जानते इसलिये उनके लिऐ अपनी तकलीफ को जता पाना असंभव है। इसलिए इसका एक ही रास्ता है कि पैरंट्स और खास करना माँ उन लक्षणों को नोटिस कर सकें जो शिशु में हार्ट फेल्योर के संकेत हो सकते हैं। आइए जानते हैं शिशु में हार्ट फेल होने के संकेत कैसे होते हैं।

शिशुओं में जन्मजात होती हैं समस्याएं

कुछ शिशुओं में जन्मजात रूप से ही दिल से जुड़ी समस्याएं होती है। किसी के हार्ट में छेद हो सकता है, किसी के साथ वॉल्व की समस्या हो सकती है, कई बार चैंबर ठीक से नहीं बने होते तो कभी-कभी नलियां इधर-उधर जुड़ी हुई होती हैं। इसी तरह के कुछ और समस्याएं भी शिशुओं में कमज़ोर हार्ट का कारण बनती हैं और समय से पता ना चल सके तो शैशवावस्था में ही हार्ट फेल हो सकता है। क्योंकि बच्चा सिर्फ रो सकता है इसलिए शिशु में हार्ट से संबंधित परेशानी को पकड़ना पालकों के लिए बेहद जरूरी है।

शिशु में हार्ट डिसीज़ और हार्ट फेल के प्रारंभिक लक्षण

1. शिशु दूध ठीक से न पी पाए

अगर बच्चा भूखा है, रो रहा है और मां उसे दूध पिलाने लगे लेकिन बच्चा जरा सा दूध पी के ही थक जाए और सो जाए तो यह एक प्रमुख लक्षण है जो यदि बार-बार सामने आ रहा है तो माँ को पहचानना चाहिए कि बच्चा दिल का मरीज हो सकता है।

2. सांस लेने में बहुत ज़ोर लगाना

शिशु की हार्टबीट हमेशा तेज रहती है। लेकिन यदि बच्चे को सांस लेने में इतना जोर लगाना पड़ रहा है कि उसकी सारी मसल्स इतनी खिंच रही हैं कि उसकी पूरी पसलियां दिख रही है तो यह एक संकेत है कि बच्चों को हार्ट में कुछ दिक्कत है।

3. शिशु का वजन न बढ़े

अगर ठीक-ठाक मात्रा में दूध पीने और छह माह से ऊपर के बच्चे में लाइट फूड लेने के बाद भी बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है तो आपको डॉक्टर से चेकअप जरूर करवाना चाहिए क्योंकि यह भी हार्ट की कमजोरी का संकेत हो सकता है और हार्ट फेल का कारण बन सकता है।

4. माथे पर पसीना आना

शिशु को सांस लेने में इतनी तकलीफ हो रही है कि उसके माथे पर पसीना आ रहा है तो तुरंत सचेत हो जाइए और डॉक्टर से परामर्श कीजिए क्योंकि यह हार्ट फेल का संकेत हो सकता है।

5. छाती पर करंट महसूस होना

अगर आप शिशु की छाती पर हाथ रखें और हर हार्ट बीट के साथ आपको एक करंट जैसा(सर-सर की आवाज जैसा) महसूस हो तो यह वाल्व से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसके लिए यथाशीघ्र डॉक्टर से शिशु का चेकअप करवाएं।

6. शरीर का नीला पड़ना

अगर बच्चे का शरीर बार-बार नीला पड़ जाता है, वह ब्रीथलेस हो जाता है तो यह भी हार्ट फेल्योर का संकेत हो सकता है। मेडिकल की भाषा में इसे राइट टू लेफ्ट शेंटिंग की वजह से ऐसा होना बताते हैं।

7. बच्चे का बारबार झुक कर बैठना

अगर शिशु बार-बार अपने दोनों हाथ सिकोड़कर स्क्वेट जैसी मुद्रा में बैठ या लेट रहा है तो भी इस पोजीशन को नोट करें क्योंकि ऐसा करने पर शिशु को सांस लेने में सुविधा महसूस होती है इसलिए वह ऐसा करता है। यानी कि उसे हार्ट में कुछ ना कुछ दिक्कत है और आपको डॉक्टर से चेक करना चाहिए।

8.दौड़ने-भागने में दिक्कत

वहीं अगर बच्चा तीन-चार साल का हो गया है और उसे अपने बराबर के बच्चों के साथ दौड़ने-भागने के खेलों में दिक्कत आ रही है, वह थक जा रहा है और बैठ जा रहा है तो यह भी एक इंपॉर्टेंट संकेत है कि बच्चों के हार्ट में दिक्कत है और उसे हार्ट फेल की नौबत आ सकती है।

Divya Singh

दिव्या सिंह। समाजशास्त्र में एमफिल करने के बाद दैनिक भास्कर पत्रकारिता अकादमी, भोपाल से पत्रकारिता की शिक्षा ग्रहण की। दैनिक भास्कर एवं जनसत्ता के साथ विभिन्न प्रकाशन संस्थानों में कार्य का अनुभव। देश के कई समाचार पत्रों में स्वतंत्र लेखन। कहानी और कविताएं लिखने का शौक है। विगत डेढ़ साल से NPG न्यूज में कार्यरत।

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