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प्रजनन पथ संक्रमण रोकने कार्यशाला का आयोजन: शुभारंभ सत्र में शामिल हुईं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, धरसींवा विधायक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष...

प्रजनन पथ संक्रमण रोकने कार्यशाला का आयोजन: शुभारंभ सत्र में शामिल हुईं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, धरसींवा विधायक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष...
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रायपुर। प्रजनन पथ संक्रमण की रोकथाम हेतु सेनेटरी पैड के उपयोग एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता हेतु कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, धरसींवा विधायक अनीता योगेन्द्र शर्मा, जिला पंचायत रायपुर की अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा विशेष रूप से सम्मिलित हुईं। रायपुर स्मार्ट सिटी लि. और महिला स्वास्थ्य व स्वच्छता कार्यक्रम से जुड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था बाला ट्रिपल ई केयर ने मिलकर इस दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित कर रही है। इसके जरिए 150 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जा रहे है, जो 30 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित भी करेंगी। बाला ग्रुप द्वारा इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 92 हजार सेनेटरी नेपकिन पैड निःशुल्क वितरित किया जा रहा है।


जिला पंचायत के अंतर्गत संचालित सेरीखेड़ी के कल्पतरू मल्टी यूटिलिटी सेंटर में आयोजित इस कार्यशाला के शुभारंभ के अवसर पर अपने उद्बोधन में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अग्रणी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अपनाकर रोग मुक्त समाज के निर्माण में महिलाएं अपना योगदान दें, इसके लिए जरूरी है कि उन तक उपयोगी जानकारी पहुंचे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर के तौर पर प्रशिक्षित महिलाएं समाज को दिशा देने का कार्य करेंगी।


विधायक अनीता योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को हमेशा अपनी प्राथमिकता में शामिल करें, पोषक व पर्याप्त भोजन अपने आहार में शामिल करें एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए जरूरी बातों को कभी भी नजर-अंदाज न करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर सभी महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी एवं उत्तम स्वास्थ्य के लिए सभी की प्रेरणा बनेंगी।


जिला पंचायत अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा ने महिलाओं के लिए विशेष कार्यशाला के आयोजन के लिए रायपुर नगर निगम, जिला पंचायत की टीम की सराहना करते हुए कहा कि प्रजनन पथ संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता सभी के लिए जरूरी है। महिलाएं सशक्त होकर रोग के संबंध में खुलकर जानकारी प्राप्त करें, इससे मास्टर ट्रेनर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।


इस अवसर पर बाला प्रोजेक्ट की को-फाउंडर सौम्या डाबरीवाल ने बाला किट के पुनः उपयोगी होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था भारत सहित 4 देशों में अपनी सेवाएं दे रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 तक 1 करोड़ महिलाओं के प्रशिक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाला प्रोजेक्ट द्वारा वर्ष 2017 से शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक पाँच हज़ार वर्कशॉप आयोजित किया गया है, जिसके तहत लगभग साढ़े चार लाख महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 तक 1 करोड़ महिलाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य इस टीम ने निर्धारित किया है। टीम ने अब तक 12.75 लाख पुनः उपयोग में लाए जाने वाले इस सेनिटरी पेड का वितरण किया है। भारत के 26 राज्यों सहित नेपाल, घाना और तंजानिया में भी इस मिशन पर यह संस्था काम कर रही है ।

कार्यशाला में नगर निगम के अपर आयुक्त अभिषेक अग्रवाल, रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के महाप्रबंधक जनसंपर्क आशीष मिश्रा, नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति पाणिग्राही, मिशन मैनेजर सीमा शुक्ला, सुषमा मिश्रा, सीमा चतुर्वेदी, सरिता सिन्हा, बाला ग्रुप की आराधना राय गुप्ता, स्मृति जुगरान, शुभोजीत बख्शी, ऐश्वर्या राय सहित शहरी व ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं शामिल थी।

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