Neem Benefits: यूं ही नहीं फार्मेसी कहलाता नीम का पेड़, इसका हर हिस्सा है काम का, जानिए कमाल के फायदे...

Neem Benefits: आसानी से बढ़ने वाला,आसानी से मिलने वाला नीम का पेड़ अपनी कड़वाहट में कितनी मिठास छुपाए है, ये सिर्फ इसके फायदे जानने वाले ही बता सकते हैं। इसके खास गुणों के कारण इसे 'वंडर ट्री' और 'विलेज फार्मेसी' जैसे नाम तक दिए गए हैं। क्योंकि गांवों में आज भी यह हर मर्ज की दवा है। यह दातौन (दंत मंजन) भी है और खेत में कीटनाशक भी। यह घाव भी भर देती है तो चिकन पाॅक्स (छोटी माता) जैसी अनेक स्किन डिसीज़ से भी राहत दिलाती है। अनाज में कीड़े लगने से बचाती है और ब्लड शुगर भी कम करती है। कुल मिलाकर इसके अनेक फायदे हैं। चलिए खास फायदे आपको बताते हैं। जान लेंगे तो छोटी-मोटी कई समस्याओं का समाधान आस -पड़ोस में लगे नीम के पेड़ की बदौलत खुद ही कर लेंगे।
दातौन के आगे महंगे टूथपेस्ट हैं फेल
आजकल मार्केट में कितने तरह के टूथपेस्ट हैं और कितने तरह के दावे। फिर भी दातौन (नीम की टहनी ) करने वाले गांव के इंसान के लोहे जैसे दांतों के सामने शहरी लोगों के दांत फेल हैं। दातौन प्लाक जमने से लेकर कैविटी तक से बचाव करती है। सांसों में ताजगी भरती है। बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोकती है। मसूड़ों को मजबूत बनाती है।
स्किन स्पेशलिस्ट है नीम
स्किन के लिए नीम के फायदे दुनिया मानती है। हमारे यहां तो पीढ़ियों से स्किन इंफेक्शन होने पर दादी-नानी नीम की पत्तियां उबालकर तैयार किए गए पानी से नहाने की सलाह देती आई हैं। और अब दुनियाभर में नीम के कैप्सूल खाए जा रहे हैं ताकि रक्त शुद्ध हो और स्किन बेहतर। नीम का पानी या पत्तियों का पेस्ट अथवा तेल या फिर फेस वाॅश, जो भी आप इस्तेमाल करें, मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है। यह स्किन पर हुए किसी तरह के संक्रमण को ठीक करता है। यह स्किन पिगमैंटेशन को भी हल्का करता है। स्किन को हाइड्रेट रखता है और उसकी चमक को बरकरार रखता है। इसलिए आज इसका इस्तेमाल अनेकों ब्यूटी प्रोडक्ट और हर्बल सप्लीमेंट में किया जा रहा है।
बालों का झड़ना रोके, बनाए लंबा-घना
घने और खूबसूरत बाल सभी की चाहत होते हैं। लेकिन बालों का झड़ना आज की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। यह स्कैल्प पर किसी तरह के संक्रमण के कारण या अन्य वजहों से भी हो सकता है। नीम के तेल से मसाज कर या इसकी पत्तियों का हेयर पैक लगा कर आप सिर की त्वचा में रक्त प्रवाह को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे बालों के रोमों को पोषण मिलता है, जिससे बालों का विकास होता है। वे कम झड़ते हैं। बाल घने और मोटे होते हैं। साथ ही इसकी पत्तियों के उबले पानी के एंटीफंगल और जीवाणुरोधी गुणों के कारण इससे सिर धोने से डैंड्रफ और त्वचा के संक्रमण से राहत मिलती है।
इम्यूनिटी बढ़ाती हैं नीम की पत्तियां
नीम के कसैलेपन को भूलकर अगर आप रोजाना सुबह 5 से 7 नीम की पत्तियां चबा कर खा लें तो आप की इम्यूनिटी बहुत स्ट्राॅन्ग हो जाएगी और आप पर बीमारियां आसानी से शिकंजा नहीं कस पाएंगी। दरअसल नीम फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है जो आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
बीपी, डायबिटीज की घरेलू दवा है नीम
नीम घर का वैद्य है। यह घर-घर में मौजूद बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियों की घरेलू दवा है। नीम में ऐसे कंपाउंड्स होते हैं जो इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करके ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह बीपी को भी रेग्यूलेट करते हैं।
अनाज को कीड़ों से बचाती हैं नीम की पत्तियां
सभी लोग घर में दाल-चावल जैसी चीज़ें स्टोर करके रखते हैं। अगर आप ज्यादा मात्रा में थोड़ी अधिक अवधि के लिए इन्हें स्टोर करें तो कई बार इनमें घुन और कीड़े लग जाते हैं। जिन्हें साफ करना लगभग असंभव होता है। इसलिये पुराने जमाने से अनाज के डब्बों में नीम की सूखी पत्तियां रखने का चलन रहा है। ऐसा करने से अनाज का कीड़ों से बचाव होता है।
मच्छरों से बचा सकती है नीम
अगर आप अपने शरीर पर नीम का तेल मल लें तो बिना माॅस्कीटो रिपेलेंट के भी आपका मच्छरों से बचाव हो जाएगा। साथ ही आप इससे घरेलू कीटनाशक भी बना सकते हैं। नीम की पत्तियों के पानी और सिरके के घोल को मच्छरों की एंट्री और उनके पनपने वाली जगहों पर छिड़कने से मच्छरों के हमले से बचाव होता है। नीम के सेवन से मलेरिया का बुखार भी जल्दी उतरता है।
पेट की समस्याओं से छुटकारा
नीम की नाजुक पत्तियों के सेवन से पेट की अनेक समस्याओं से निजात मिल सकती है।ये पत्तियां न केवल कब्ज से बल्कि पेट के अल्सर से भी बचाव करती हैं।नीम की पत्तियां पेट में हानिकारक बैक्टीरिया के विकास को नियंत्रित करती हैं। साथ ही इनमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पेट की सूजन से जुड़ी बीमारियों को ठीक करते हैं।
फेफड़ों को रखे स्वस्थ
अपने एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के ही चलते नीम श्वसन तंत्र की सूजन को कम करती हैं जिससे सांस लेने की परेशानी कम होती है। नीम बलगम को ढीला कर बाहर निकालने में मदद करती है।
बाॅडी को डिटाॅक्सिफाय करती है नीम
नीम की पत्तियों का सेवन करने से शरीर में मौजूद हानिकारक पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। यानि यह शरीर को डिटाॅक्सिफाय करती है।
घाव भरने में मददगार
गांवों में आज भी नीम की पत्तियों के पेस्ट का इस्तेमाल घाव को भरने के लिए किया जाता है। कोई घाव जल्द न भर रहा हो तो ग्रामीण इसी पेस्ट पर भरोसा करते हैं। अपने एंटीसैप्टिक गुणों के चलते यह घाव को पूरी तरह ठीक करने में मददगार है।
जोड़ों के दर्द से राहत
जोड़ों के दर्द से राहत के लिये नीम का तेल बेहद फायदेमंद है। इसकी मालिश से जोड़ों की जड़ता और कठोरता कम होती है और उनमें लचीलापन आता है।
खेतों में भी विश्वसनीय कीटनाशक है नीम
खेती - किसानी में भी कीटों और रोगों के हमले से फसल की बहुत बर्बादी होती है। खेतों में भी बतौर कीटनाशक नीम से बने प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही यूरिया में भी इसे शामिल किया जाने लगा है जो मिट्टी को बेहतर और उपजाऊ बनाता है।

दिव्या सिंह। समाजशास्त्र में एमफिल करने के बाद दैनिक भास्कर पत्रकारिता अकादमी, भोपाल से पत्रकारिता की शिक्षा ग्रहण की। दैनिक भास्कर एवं जनसत्ता के साथ विभिन्न प्रकाशन संस्थानों में कार्य का अनुभव। देश के कई समाचार पत्रों में स्वतंत्र लेखन। कहानी और कविताएं लिखने का शौक है। विगत डेढ़ साल से NPG न्यूज में कार्यरत।
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