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Magnesium Deficiency In New Moms: नवजात की मां की डाइट में हो पर्याप्त मैग्नीशियम, वरना हो सकते हैं भयंकर परिणाम, जाने परेशानियां और मैग्नीशियम के सोर्स

Magnesium Deficiency In New Moms: नई माँ की डाइट में मैग्नीशियम की पूर्ति का पर्याप्त ध्यान रखना जरूरी है। जानिए नई मां को मैग्नीशियम की कमी से कौन सी समस्याएं होती हैं और उनके खाने में कौन सी चीजें शामिल की जाएं।

Magnesium Deficiency In New Moms: नवजात की मां की डाइट में हो पर्याप्त मैग्नीशियम, वरना हो सकते हैं भयंकर परिणाम, जाने परेशानियां और मैग्नीशियम के सोर्स
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Divya Singh

Magnesium Deficiency In New Moms: ये सुनकर शायद आपको भरोसा ना हो लेकिन डॉक्टरों के पास ऐसे-ऐसे केस आते हैं जब नई मां बताती है कि उसके मन में अपने नवजात शिशु को लेकर कैसे-कैसे भयंकर विचार आ जाते हैं। वह इतनी स्ट्रेस में होती है कि कभी-कभी उसे लगता है क्या इसे बालकनी से पटक दूं? क्या इसे वाॅशिंग मशीन में डाल दूं? और भी न जाने क्या-क्या। यह सब भले ही हमें सुनकर अच्छा ना लगे लेकिन नई मां के साथ ऐसा हो सकता है और इसकी वजह है नई मां में मैग्नीशियम की कमी। इसलिए नई माँ की डाइट में मैग्नीशियम की पूर्ति का पर्याप्त ध्यान रखना जरूरी है। जानिए नई मां को मैग्नीशियम की कमी से कौन सी समस्याएं होती हैं और उनके खाने में कौन सी चीजें शामिल की जाएं।

स्ट्रैस

डिलीवरी के बाद नई मां के शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाने से उनको हद से ज्यादा स्ट्रेस बना रहता है। शिशु की संभाल बेहद कठिन है। उसपर मैग्नीशियम की कमी से मस्तिष्क की नसों को भी आराम नहीं मिलता और मन में निराशाजनक और कई बार हिंसक विचार तक आने लगते हैं। इसलिए मां और शिशु दोनों स्वस्थ और सुरक्षित रहें इसके लिए मां की डाइट में मैग्नीशियम से भरपूर चीजें और सप्लीमेंट्स ऐड करें।

थकान और कमज़ोरी

डिलीवरी के बाद जबरदस्त थकान और कमजोरी होती है और रिकवरी में काफी समय लग जाता है। ऐसे में मैग्नीशियम रिकवरी में मदद करता है। मैग्नीशियम की कमी से थकान और कमजोरी हावी रहती है। इस पर बच्चा रो-रो कर परेशान भी करता है। जिससे मां के लिए स्थिति को संभालना बहुत कठिन हो जाता है।

नींद की कमी

शिशु की परवरिश में ना दिन में चैन रहता है और न रात को सुकून। ऐसे में कई बार नई मां को महज 2 घंटे की अच्छी नींद भी नहीं मिल पाती। और कभी सोने का मौका मिल ही जाए तो नींद ना आए, फिर कैसा हो। मैग्नीशियम की कमी होने पर नींद में भी कमी आ जाती है। इसलिए भी नई माँ की डाइट में पर्याप्त मैग्नीशियम होना जरूरी है।

हार्मोनल असंतुलन

मैग्नीशियम की कमी से हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है जिससे माँ में चिड़चिड़ापन बढ़ता है और उसके मन में गलत विचार आ सकते हैं। इसलिये माँ की डाइट में मैग्नीशियम की भरपाई पर ध्यान दें।

हाई बीपी

मैग्नीशियम की कमी से ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने पर इंसान का गुस्सा भी बढ़ जाता है। नई मां के इस बढ़े हुए गुस्से का शिकार नवजात ना हो, इसके लिए भी नई मां की डाइट में मैग्नीशियम की पर्याप्त पूर्ति जरूरी है।

मैग्नीशियम के सोर्स

नई माँ की डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, पंपकिन सीड्स,चिया सीड्स, बादाम, काजू आदि ड्राई फ्रूट्स, फलियां, दालें और साबुत अनाज, सोया प्रोडक्ट्स और डार्क चाॅकलेट जैसी चीज़ें ज़रूर शामिल करें । इसके अलावा आप डॉक्टर की सलाह पर मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स ले सकते हैं।

Divya Singh

दिव्या सिंह। समाजशास्त्र में एमफिल करने के बाद दैनिक भास्कर पत्रकारिता अकादमी, भोपाल से पत्रकारिता की शिक्षा ग्रहण की। दैनिक भास्कर एवं जनसत्ता के साथ विभिन्न प्रकाशन संस्थानों में कार्य का अनुभव। देश के कई समाचार पत्रों में स्वतंत्र लेखन। कहानी और कविताएं लिखने का शौक है। विगत डेढ़ साल से NPG न्यूज में कार्यरत।

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