क्या होता है Cardiac Arrest? जिसके कारण गायिका Asha Bhosle का हुआ निधन, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके....

क्या होता है Cardiac Arrest? जिसके कारण गायिका Asha Bhosle का हुआ निधन, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके....
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Cardiac Arrest \ Singer Asha Bhosle

Cardiac Arrest Ke Bachav Aur Lakshan: बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनका निधन हो गया है. ऐसे में जानें क्या है कार्डियक अरेस्ट और शरीर में किस तरह के लक्षण दिखते हैं और कब आपको सावधान हो जाना चाहिए?...

Kya Hai Cardiac Arrest Aur Lakshan, Bachav Ke Upay: बॉलीवुड की दिग्गज गायिका और सुरों की मल्लिका आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 साल की उम्र में निधन हो गया है. यह दुखद खबर उनके बेटे आनंद भोसले ने दी है. उनके मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, आशा भोसले की मृत्यु कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है. यह कार्डियक अरेस्ट एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आखिर यह क्या होता है और इसके लक्षण क्या हैं और कब आपको सावधान हो जाना चाहिए? तो आइए जानते है...

कार्डियक अरेस्ट क्या होता है (Cardiac Arrest Kya Hota Hai)

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को अक्सर लोग एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बहुत बड़ा अंदर है. हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है, वही कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है, यह दिल के अंदरूनी इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी के कारण होता है. इसमें मरीज को संभलने का मौका बहुत कम मिलता है.

कार्डियक अरेस्ट आने से पहले के लक्षण (Cardiac Arrest Ke Lakshan)

कार्डियक अरेस्ट अचानक आता है, लेकिन आने से पहले कुछ संकेत देता है जिन्हें हमें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, नहीं तो यहां आपके लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकता है.

जैसे:- अचानक बेहोश होना, सांस रुक जाना, सीने में दर्द या तकलीफ, सांस फूलना, कमजोरी और दिल की धड़कन का तेज या फिर फड़फड़ाते हुए या अनियमित महसूस करना. शामिल हैं, हालांकि कई मामलों में यह बिना किसी चेतावनी के भी हो सकता है.

क्या कारण है कार्डियक अरेस्ट का बढ़ाना? (Cardiac Arrest Ke Karan)

बढ़ती उम्र के साथ दिल की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं. इसके अलावा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और तनाव भी कार्डियक अरेस्ट के बड़े कारण हैं. खराब जीवनशैली और शारीरिक सक्रियता की कमी भी बुजुर्गों में इस खतरे को बढ़ा रही है.

दिल की इन 4 बिमारियों से होता है कार्डियक अरेस्ट (Dil Ki Bimariyon Se Cardiac Arrest)

1. अगर दिल की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल और दूसरी चीज़ें जमा होने से रुकावट आ जाए, जिससे दिल तक खून का बहाव कम हो जाए, तो अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है.

2. अगर हार्ट अटैक आता है जो अक्सर गंभीर कोरोनरी आर्टरी डिजीज की वजह से होता है, तो इससे वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन और कार्डियक अरेस्ट शुरू हो सकता है. इसके अलावा हार्ट अटैक की वजह से दिल में घाव के निशान (स्कार टिश्यू-Scar Tissue) रह सकते हैं. ये निशान दिल की धड़कन में बदलाव ला सकते हैं.

3. दिल के वाल्वों में रिसाव या उनका सिकुड़ना दिल की मांसपेशियों के खिंचने या मोटा होने का कारण बन सकता है. जब कोई वाल्व कसा हुआ या लीक कर रहा हो, तो उससे पड़ने वाले दबाव की वजह से दिल के चैंबर बड़े या कमज़ोर हो जाते हैं, ऐसे में अनियमित धड़कन होने का खतरा बढ़ जाता है.

4. जन्म से मौजूद दिल की बीमारी को (जन्मजात हृदय रोग-Congenital Heart Defect) कहते हैं. बच्चों या किशोरों में कार्डियक अरेस्ट अक्सर दिल की किसी ऐसी बीमारी की वजह से होता है जो उन्हें जन्म से ही होती है. जिन वयस्कों ने जन्मजात हृदय दोष के लिए सर्जरी करवाई है, उन्हें भी अचानक कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा ज़्यादा होता है.

कार्डियक अरेस्ट के बचाव (Cardiac Arrest Ke Bachav)

अगर आपको कार्डियक अरेस्ट से बचना है तो आप दिल की सेहत का ख्याल सबसे ज्यादा रखें.

जैसे:- स्वस्थ भोजन करें, सक्रिय रहें और नियमित व्यायाम करें, धूम्रपान न करें, और न ही तंबाकू का सेवन करें, नियमित रूप से जाँच करवाएँ दिल की बीमारी के लिए स्क्रीनिंग करवाएँ और ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें.

कार्डियक अरेस्ट आने से CPR से बचाई जा सकती है जान (CPR Se Cardiac Arrest Aane Se Jaan Bach Sakati Hai)

अगर आपके सामने किसी को कार्डियक अरेस्ट आए, तो उसे (सीपीआर-Cardiopulmonary Resuscitation) करें, और व्यक्ति की छाती पर बीचों-बीच दोनों हाथों से जोर से और तेजी से दबाएं. इससे दिल को कृत्रिम रूप से धकाने में मदद मिलती है और जान बचने की संभावना बढ़ जाती है, लगभग 100 से 120 बार प्रति मिनट, इन दबावों को (कम्प्रेशन-Compression) कहते हैं.

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