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Genital Warts ka ilaj: घरेलू उपाय, इलाज और बचाव की पूरी गाइड हिंदी में

Genital Warts ka ilaj: क्या आपके जननांग क्षेत्र या गुदा के आसपास छोटे-छोटे मांसल उभार नज़र आ रहे हैं? हो सकता है कि आप जननांग मस्सों (Genital Warts) से पीड़ित हों। यह एक आम यौन संचारित संक्रमण (STI) है, जो मुख्यतः मानव पेपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है।

Genital Warts ka ilaj: घरेलू उपाय, इलाज और बचाव की पूरी गाइड हिंदी में
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By Ragib Asim

Genital Warts ka ilaj: क्या आपके जननांग क्षेत्र या गुदा के आसपास छोटे-छोटे मांसल उभार नज़र आ रहे हैं? हो सकता है कि आप जननांग मस्सों (Genital Warts) से पीड़ित हों। यह एक आम यौन संचारित संक्रमण (STI) है, जो मुख्यतः मानव पेपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है। विशेष रूप से HPV के टाइप 6 और 11 इसके पीछे मुख्य रूप से ज़िम्मेदार होते हैं। यह लेख आपको बताएगा जननांग मस्सों के कारण, लक्षण, निवारण, और सबसे असरदार घरेलू इलाज, जो बिना दवा के राहत देने में मदद कर सकते हैं।

जननांग मस्से क्या हैं?

जननांग मस्से छोटे मांसल, भूरे या गुलाबी रंग के उभार होते हैं जो आमतौर पर जननांगों, गुदा क्षेत्र, योनि, लिंग या गर्भाशय ग्रीवा पर नज़र आते हैं। ये मस्से अकेले भी हो सकते हैं और गुच्छों में भी। इनका आकार पिन की नोंक जितना छोटा या मटर जितना बड़ा हो सकता है।

जननांग मस्सों के लक्षण

  • •जननांग या गुदा क्षेत्र में छोटे-छोटे उभार
  • •खुजली, जलन या असहजता
  • •सेक्स करते समय दर्द या खून आना
  • •कभी-कभी गंध या बदबूदार डिस्चार्ज
  • जननांग मस्से होने के कारण
  • •एचपीवी संक्रमण: 90% मामलों में इसका कारण HPV वायरस होता है।
  • •असुरक्षित यौन संबंध: बिना कंडोम के सेक्स करना।
  • •कई यौन साथी: एक से अधिक पार्टनर होने से जोखिम बढ़ता है।
  • •कमजोर इम्यून सिस्टम: HIV/AIDS, कैंसर या इम्यून सप्रेसेंट दवाओं से।
  • •गर्भावस्था: हार्मोनल बदलाव मस्सों के उभरने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
  • •सीधा संपर्क: त्वचा से त्वचा का संपर्क भी कारण हो सकता है।
  • घरेलू उपाय: जननांग मस्सों से छुटकारा पाने के आसान तरीके

ध्यान दें: इन उपायों का इस्तेमाल शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें, विशेषकर यदि मस्से फैल रहे हों या दर्दनाक हों।

1. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

इसमें मौजूद एसिटिक एसिड मस्सों के ऊतकों को धीरे-धीरे खत्म करता है।

कैसे उपयोग करें:

  • •एक रुई को सिरके में डुबोएं, मस्से पर रखें और बैंडेज से कवर करें।
  • •2-3 घंटे बाद हटा लें और गर्म पानी से धो लें।
  • •रोज़ दो बार दोहराएं।

2. लहसुन (Garlic)

एंटीवायरल गुणों से भरपूर लहसुन वायरस को कमजोर करता है।

कैसे उपयोग करें:

  • •लहसुन की कलियों का पेस्ट बनाकर मस्से पर लगाएं।
  • •पट्टी बांधकर 2-3 घंटे तक रखें, फिर धो लें।
  • •दिन में दो बार करें।

3. एलोवेरा (Aloe Vera)

त्वचा को आराम देने और सूजन कम करने में असरदार।

कैसे उपयोग करें:

  • •एलोवेरा जेल मस्से पर लगाकर रातभर छोड़ें।
  • •अगली सुबह धो लें।
  • •रोज़ाना प्रयोग करें।

4. टी ट्री ऑयल (Tea Tree Oil)

प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और एंटीवायरल।

कैसे उपयोग करें:

  • •4-5 बूंदें जैतून या नारियल तेल में मिलाएं।
  • •मस्सों पर लगाएं और 1-2 घंटे बाद धो लें।
  • •सीधा लगाना त्वचा को जला सकता है, Dilute करके या किसी अन्य तेल के साथ मिलकर ही इस्तेमाल करें।

5. अरंडी का तेल (Castor Oil)

रिसिनोलिक एसिड के कारण मस्सों को कम करने में मददगार।

कैसे उपयोग करें:

  • •रुई को तेल में डुबोकर मस्से पर लगाएं और टेप से कवर करें।
  • •रातभर रखें और सुबह धो लें।

6. केले का छिलका (Banana Peel)

छिलके में मौजूद एंजाइम्स मस्से को नष्ट करते हैं।

कैसे उपयोग करें:

  • •छिलका काटें, मस्से पर रखें और रातभर के लिए बांध दें।
  • •रोज़ दोहराएं।

7. प्याज़ और नमक का मिश्रण (Onion + Salt)

वायरस को मारने वाले एंटीमाइक्रोबियल गुण।

कैसे उपयोग करें:

  • •प्याज़ काटकर नमक मिलाएं, रातभर रखें और रस निकालें।
  • •रस को मस्से पर लगाएं और 1 घंटे बाद धो लें।

8. बेकिंग सोडा (Baking Soda)

त्वचा की सफाई और सूजन में राहत।

कैसे उपयोग करें:

  • •बेकिंग सोडा और अरंडी तेल का पेस्ट बनाकर लगाएं।
  • •कुछ घंटे बाद धो लें।
  • •दिन में दो बार करें।

9. अंजीर के पत्ते (Fig Leaves)

दूधिया रस में मौजूद फिकेन एंजाइम मस्सों को रोकता है।

कैसे उपयोग करें:

  • •रस निकालकर रुई से लगाएं, कुछ घंटे बाद धो लें।
  • •रोज़ाना दोहराएं।

10. ओटमील स्नान (Oatmeal Bath)

खुजली और जलन से राहत देता है।

कैसे उपयोग करें:

  • •एक कप ओटमील को गर्म पानी में मिलाकर 15 मिनट स्नान करें।
  • •सप्ताह में 2-3 बार करें।

जननांग मस्सों से बचाव के उपाय

  • •HPV वैक्सीन लगवाएं (Gardasil या Cervarix)।
  • •सुरक्षित यौन संबंध बनाए रखें।
  • •कंडोम का सही इस्तेमाल करें।
  • •स्वच्छता बनाए रखें – रोज़ाना साफ-सुथरे कॉटन अंडरगार्मेंट्स पहनें।
  • •तौलिया और अंडरवियर साझा न करें
  • •प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करें – हरी सब्ज़ियां, फल और पर्याप्त नींद।

यहां जननांग मस्सों को हटाने के विभिन्न तरीके बताए गए हैं। हो सकता है कि आपको पूरी तरह से ठीक होने के लिए कई बार उपचार करवाना पड़े। इलाज के दौरान, आपको यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए।

जननांग मस्सों के इलाज के लिए निम्नलिखित तरीकों में से किसी एक का उपयोग कर सकता है:

इलेक्ट्रोकॉटरी (Electrocautery):

इस प्रक्रिया में विद्युत करंट की मदद से मस्सों को जला कर हटा दिया जाता है।

फ्रीज़िंग (Cryotherapy):

इसमें डॉक्टर तरल नाइट्रोजन (liquid nitrogen) लगाते हैं, जिससे मस्सों को जमा कर नष्ट कर दिया जाता है।

लेज़र उपचार (Laser Treatment):

इस तकनीक में लेज़र लाइट की मदद से मस्सों के अंदर की रक्त वाहिकाओं को नष्ट कर दिया जाता है, जिससे मस्सों तक खून पहुंचना बंद हो जाता है और वे खत्म हो जाते हैं।

लूप इलेक्ट्रोसर्जिकल एक्सिशन प्रोसीजर (LEEP):

LEEP प्रक्रिया में एक इलेक्ट्रिक चार्ज वाली पतली वायर लूप की मदद से मस्सों को काटकर हटा दिया जाता है। यह विधि आमतौर पर सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) पर मौजूद मस्सों को हटाने के लिए उपयोग की जाती है।

टॉपिकल (त्वचा पर लगाने वाली) दवा:

इसमें एक विशेष केमिकल क्रीम या घोल सप्ताह में एक बार कई हफ्तों तक मस्सों पर लगाया जाता है। यह केमिकल मस्सों के नीचे फफोले बना देता है जिससे खून की सप्लाई बंद हो जाती है और मस्से सूख जाते हैं। कुछ मामलों में यह दवा डॉक्टर खुद क्लिनिक में लगाते हैं, जबकि कुछ क्रीम डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब की जाती हैं जिन्हें आप घर पर लगा सकते हैं।

सर्जरी (Surgery):

अगर मस्से बहुत बड़े हैं या किसी और इलाज से ठीक नहीं हो रहे हैं तो डॉक्टर उन्हें शल्य क्रिया (सर्जरी) द्वारा काटकर हटा सकते हैं।

जननांग मस्सों को हटाने का इलाज आपको HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) से पूरी तरह ठीक नहीं करता। भले ही आपके मस्से हटा दिए गए हों और अब कोई लक्षण न दिख रहे हों, फिर भी आप HPV वायरस को दूसरों तक फैला सकते हैं।

जननांग मस्से असहज और शर्मनाक ज़रूर हो सकते हैं, लेकिन इलाज और बचाव संभव है। यदि आप शुरुआती चरण में हैं तो ऊपर बताए गए घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। परंतु लक्षण गंभीर हों तो चिकित्सा पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, Channel One, NewsTrack, Special Coverage, Jan Shakti, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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