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COPD Disease: गर्भावस्था में सीओपीडी, जानें कैसे रखें अपनी सेहत और बच्चे की सेहत का ख्याल

COPD Disease: गर्भावस्था एक संवेदनशील समय होता है, जब महिलाओं को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें से एक है क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), जो एक फेफड़ों की बीमारी है और इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।

COPD Disease: गर्भावस्था में सीओपीडी, जानें कैसे रखें अपनी सेहत और बच्चे की सेहत का ख्याल
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By Ragib Asim

COPD Disease: गर्भावस्था एक संवेदनशील समय होता है, जब महिलाओं को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें से एक है क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), जो एक फेफड़ों की बीमारी है और इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान सीओपीडी से पीड़ित महिलाओं की सेहत के साथ-साथ उनके बच्चे की सेहत पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, सही देखभाल और उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस समस्या से कैसे निपटा जा सकता है।

1. एक्सरसाइज करें

सीओपीडी से बचाव के लिए पर्स्ड-लिप ब्रीदिंग और डायाफ्रामेटिक ब्रीदिंग जैसी सांस से जुड़ी एक्सरसाइज फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं। ये एक्सरसाइज श्वसन तंत्र को आराम देती हैं और डिस्पेनिया (सांस लेने में कठिनाई) को कंट्रोल करती हैं। गर्भावस्था में महिलाएं किसी एक्सपर्ट की देखरेख में इन एक्सरसाइज को कर सकती हैं। इसके अलावा, योग भी फेफड़ों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

2. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं

गर्भावस्था में एक हेल्दी डाइट का सेवन बहुत महत्वपूर्ण है। एक संतुलित आहार फेफड़ों को सक्रिय बनाए रखता है और COPD के विकास को रोकता है। शारीरिक गतिविधि के माध्यम से फेफड़ों और मांसपेशियों की ताकत को बनाए रखा जा सकता है, जिससे महिला का शरीर फिट रहता है और प्रसव के लिए तैयार होता है।

3. समय-समय पर मेडिकल टेस्ट करवाएं

गर्भावस्था में यह बेहद जरूरी है कि महिलाएं नियमित रूप से अपने डॉक्टर से चेकअप कराएं और आवश्यक मेडिकल टेस्ट करवाएं। इससे उन्हें यह पता चलता रहेगा कि उनका स्वास्थ्य सही है या नहीं और यह भी सुनिश्चित किया जा सकता है कि उनके फेफड़े ठीक से काम कर रहे हैं।

4. सीओपीडी के लक्षणों पर ध्यान दें

गर्भावस्था के दौरान सीओपीडी को नियंत्रित करने के लिए अपने लक्षणों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे- खांसी, घरघराहट, सांस लेने में कठिनाई, थकावट, सीने में जकड़न और सांस फूलना। इन लक्षणों पर ध्यान देने से आप किसी संभावित समस्या का पहले से पता लगा सकती हैं और उसे समय रहते कंट्रोल कर सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान सीओपीडी जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए उपयुक्त देखभाल और स्वस्थ आदतें अपनाना बेहद जरूरी है। इन उपायों से महिलाओं को अपने और अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखने में मदद मिल सकती है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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