छाती की हड्डी काटे बिना बायपास सर्जरी...अमेरिका एवं जर्मनी जैसे देशों में होता है इस तकनीक का उपयोगद्ध: डाॅ. अनुज कुमार अपोलो हाॅस्पिटल्स

रायपुर 29 अक्टूबर 2021. अपोलो हाॅस्पिटल्स बिलासपुर में मिनिमलि इनवेसिव तकनीक द्वारा किये गये सुरक्षित जटिल हार्ट ऑपरेशन इन दिनों काफी चर्चा में है। मिनिमलि इनवेसिव कार्डियक सर्जरी एक न्यूनतम जोखिम वाली सर्जरी है, पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में इस पद्धति के कई लाभ है।
वरिष्ठ हृदय शल्य चिकित्सक डाॅ. अनुज कुमार अपोलो हाॅस्पिटल बिलासपुर द्वारा इस अनूठी सर्जरी को सफलतापूर्वक किया गया है। हृदय शल्य चिकित्सा की यह एक आधुनिक पद्धति है जिसमें पारंपरिक पद्धति के समान छाती की हड्डियो को काटने की एवं छाती को लगभग 10 इंच पूरा खोलने की आवश्यकता नहीं होती। सिर्फ 7 से 8 सेमी के छोटे चीरे के माध्यम से संपूर्ण शल्य चिकित्सा संपन्न की जाती है। डाॅ अनुज ने बताया की इसक अनेक फायदे है जैसे कम से कम रक्त की हानि, जान की न्यूनतम जोखिम, न्यूनतम संक्रमण की संभावना, लगभग दर्द रहित प्रकिया एवं न्यूनतम भर्ती दिनों की संख्या आदि। महिला मरीजों के लिये यह तकनीक अत्यधि उपयोगी है क्योंकि सामान्य सर्जरी से बनने वाले निषान की तुलना में अत्यधिक छोटा निशान बनता है जो सामान्य तौर पर दिखाई नही देगा।
मरीजो को जब पता चला की उनकी ओपन हार्ट सर्जरी होने वाली है तो उन्हें काफी डर लग रहा था लेकिन जब डाॅ अनुज कुमार ने उन्हें इस नवीन तकनीक के बारे में बताया तो उन्हें काफी राहत महसूस हुई, इसके बाद मरीजों की सफलतापूर्वक सर्जरी संपन्न हुई। ज्ञात हो डाॅ अनुज कुमार अत्याधुनिक अनुभवी एवं कुशल हृदय, छाती एवं नसों के सर्जन है। इन्होंने देश के कई अन्य कई प्रतिष्ठित अस्पतालों जैसे फोर्टिस एस्कोर्ट नई दिल्ली, बी.एल.कपूर अस्पताल दिल्ली, अमृता अस्पताल केरल, पारस अस्पताल पटना में अपनी सेवाएं दे चुके है। ये उच्च जोखिम वाले हृदय शल्य क्रिया एवं अत्याधुनिक हार्ट सर्जरी प्रणाली में दक्ष है। साथ ही देष के कई हृदय प्रत्यारोपण सर्जरी में भी शामिल रहें है।
आज उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि हृदय षल्य चिकित्सा की यह नवीनतम तकनीक हृदय रोगीयों के लिये किसी वरदान से कम नहीं है। डाॅ अनुज नियमित रूप से बेंटल, एण्डो वासकुलर सर्जरी, लेजर द्वारा वेरीकोस वेन सर्जरी जैसे नवीनतम पद्धति द्वारा ऑपरेशन को अंजाम दे रहे है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओडीसा व छग सुधीर दिग्गीकर ने इसे अंचल के लिये महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया क्योंकि इस पद्धति से छोटे से चिरे से हार्ट की सर्जरी संभव है जिससे मरीजों का मे व्याप्त हार्ट सर्जरी के लिए झिझक एवं भय दूर होगी। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे तकनीकी उन्नयन हेतु अपोलो ग्रुप का सहयोग सदा उपलब्ध रहेगा और अंचल के मरीजों को नवीनतम तकनीक से उपचार प्रदाय किया जायेगा।
अपोलो हाॅस्पिटल बिलासपुर के संस्था प्रमुख डाॅ मनोज नागपाल ने डाॅ अनुज कुमार एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होने बताया की अपोलो हाॅस्पिटल बिलासपुर राज्य के मरीजो एवं यहां के नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा एवं अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध रहा है, इसी कड़ी में न्यूनतम जोखिम वाली हार्ट की बायपास सर्जरी जो कि बिना छाती खोले की जाती है, एक मील का पत्थर साबित होगी। दूरबीन पद्धति से हाॅर्ट का बायपास प्रशंसनीय उपलब्धि है। इस सफल सर्जरी में वरिष्ठ काॅर्डियालाॅजिस्ट डाॅ राजिव लोचन भांजा, डाॅ रवि एवं पूरी टीम का सहयोग रहा।
