हाथरस गैंगरेप या ऑनर किलिंग ?….आरोपियों के पत्र में गैंगरेप मर्डर की अलग ही थ्योरी सामने आयी…..मां और भाई पर पर लगा बेटी की हत्या का आरोप… पढ़िये ये रिपोर्ट

 हाथरस 8 अक्टूबर 2020। हाथरस गैंगरेप और मर्डर केस का सस्पेंस गहराता जा रहा है। मामला अब गैंगरेप और मर्डर से आगे ऑनर किलिंग के मामले में उलझता जा रहा है। मामले में पेचिदगी उस चिट्ठी के बाद और बढ़ गयी है, जिसमें जेल में बंद चार आरोपियों ने चिट्ठी भेजकर खुद को बेकसूर बताया है। जेल में बंद आरोपियों ने चिट्ठी में पूरे घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि ये मामला हत्या और गैंगरेप का नहीं, बल्कि ऑनर किलिंग का है, जिसमें पीड़िता की मां और भाई पर मारने का आरोप लगा है। खबर ये भी आयी है कि दोनों परिवारों के बीच पुराना विवाद भी है। इस वजह से कई मामलों में दोनों परिवार में कई दफा झगड़ा भी हुआ है।

इधर पीड़िता के परिजनों का कहना है कि आरोपी सजा से बचने के लिए इस तरह का दांव चल रहे हैं। जेल में बंद चार आरोपी संदीप, रवि, लवकुश और रामू की तरफ से एसपी को एक चिट्ठी भेजी गई है। इस चिट्ठी में आरोपियों ने दावा किया है उनपर लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं और उन्हें गलत ढंग से जेल में बंद किया गया है। मुख्य आरोपी संदीप ने दावा किया है कि उसकी पीड़िता से दोस्ती थी लेकिन पीड़िता के परिवार को यह दोस्ती पसंद नहीं थी।

चिट्ठी में उस सुबह की पूरी घटना का भी जिक्र है, जिस दिन पीड़िता से गैंगरेप और मारपीट की बात सामने आयी थी। आरोपी संदीप ने पत्र में लिखा है कि खेत में पीड़िता से उसकी मुलाकात हुई थी, लेकिन पास में भाई और मां रहने की वजह से वो वहां से तुरंत चला गया। जिसके कुछ देर बाद ही लड़की के साथ मारपीट की खबरें सामने आयी गयी । वो गंभीर रूप से चोटिल थी, लेकिन उलटे उस पर आरोप लगाया गया कि मारपीट गैंगरेप के दौरान की गयी है, जबकि ऐसी कुछ बात ही नहीं हुई। आरोपियों ने किसी भी तरह के गलत काम से इंकार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स  के मुताबिक आरोपी संदीप के पिता ने भी इस मामले में बेटे को बेकसूर बताया था। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया था कि उनके बेटे और पीड़िता के बीच फोन पर बात होती थी। इस मामले में लड़की के परिवार की शिकायत के बाद उन्होंने अपने बेटे को पीटा भी था, लेकिन दोनों फिर भी बातें करते रहे और मिलते रहे।

हाथरस केस एक अन्य आरोपी रामू के पिता राकेश ने मीडिया में कहा था कि उनके बेटे को इस मामले में बीजेपी सांसद राजवीर दिलेर और उनकी बेटी मंजू दिलेर ने फंसवाया है। इसकी वजह यह है कि दूसरा पक्ष वाल्मीकि जाति का है और सांसद भी इसी बिरादरी के हैं जबकि वे लोग ठाकुर हैं। उन्होंने कहा था, ‘अगर मेरा बेटा दोषी है तो उसे सरेआम गोली मार दी जाए।’ इससे पहले कॉल डिटेल रेकॉर्ड (CDR) से मामले में ट्विस्ट आया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि मुख्य आरोपी संदीप और पीड़िता के परिवार के बीच 5 महीने में 100 कॉल हुई थीं। इस पर पीड़िता के परिवार का कहना है कि वे लोग आरोपी के संपर्क में नहीं थे। परिवार ने कथित कॉल डीटेल रेकॉर्ड की सत्यता पर भी सवाल खड़े कर दिए। पीड़िता के बड़े भाई ने कहा कि पुलिस मेरी बहन का चरित्र हनन करने में जुटी हुई है। यूपी पुलिस हमें फंसाने की कोशिश कर रही है क्योंकि हम गरीब हैं।

 

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