हैनी ट्रैप: कभी फेसबुक तो कभी टिकटॉक नहीं तो पर्ची फेंककर फंसाती थी ये हसीना… युवती के पास मिले पांच मोबाइल, फोन में छिपे राज खुलने के बाद..

मेरठ 25 दिसंबर 2020. मेरठ की नौचंदी पुलिस ने हनी ट्रैप में फंसाने वाले गैंग को पकड़ा है. पुलिस ने इस मामले में युवती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. इस गैंग के अन्य तीन लोगों की तलाश में पुलिस लगातार जुटी हुई है. बताया गया कि साइबर सेल और मेरठ पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार मुलजिमों ने एक दर्जन से भी ज्यादा वारदात करने की बात स्वीकार की है.

आरोपित कई फौजी और अन्य लोगों को निशाना बना चुके हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि फेसबुक और टिकटॉक से नंबर लेकर लोगों को फंसाती थी। नहीं तो आसान तरीका इनका पर्ची फेंककर लोगों को फंसाना था। इस संबंध में लंबी लिस्‍ट सामने आई है।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह अब तक दो फौजियों को निशाना बना चुके हैं। इनके अलावा वह दो दर्जन लोगों को ठग चुके हैं। सभी शिकार शहर के बाहर के होते थे। उनके पास से मिले मोबाइल भी पुलिस खंगाल रही है। आरती जब भी कहीं बाहर निकलती थी तो उसके पास अपना मोबाइल नंबर लिखी कई पर्ची होती थी। जब कोई उसे देखता या फिर उसे लगता यह फंस सकता है, तो वह उसके पास नंबर की पर्ची फेंक देती थी। हालांकि पुलिस ने अब उस नंबर को बंद करा दिया है।

दोनों ने बताया कि फेसबुक से भी काफी नंबर उन्होंने लिए थे। काफी लोगों से बातचीत चल रही थी। इसके अलावा टिकटाक के जरिये भी उन्होंने लोगों को फंसाया था। माल में भी वह घूमने के लिए जाते थे। युवकों पर उनका ज्यादा ध्यान रहता था। पर्ची फेंककर फंसाते थे। कई लोगों के बारे में पुलिस को जानकारी लगी है। सभी से संपर्क साधा जा रहा है, कहीं वह भी तो गिरोह का शिकार नहीं हो गए।

फौजियों से भी ली जा सकती है जानकारी
हनी ट्रैप के शिकार फौजियों से भी सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर सकती हैं। पुलिस का दावा है कि दो फौजियों से ठगा गया सामान आरोपियों के पास से बरामद हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां उन फौजियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं, जो इनके शिकार हुए हैं।

एसएसपी -अजय कुमार साहनी,  यह मामला बहुत गंभीर है। पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों भी जांच कर रही हैं। सुरक्षा में सेंधमारी का कोई भी इनपुट बरामद मोबाइलों में मिला तो दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा।

ऐसे हुआ था खुलासा

फिरोजपुर में तैनात एक फौजी ने दो दिन पहले नौचंदी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया था कि टिकटाक के जरिये उसकी बातचीत एक लड़की से हुई थी। उसने गत 12 दिसंबर को मिलने के लिए उसे गढ़ रोड स्थित एक होटल में बुलाया था। आरती ने उसकी घड़ी, चेन और अंगूठी आदि उतरवाकर नहाने के लिए भेज दिया। इसके बाद सामान समेटा और बाथरूम का दरवाजा बंद कर भाग गई। फोन भी नहीं उठा रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मेडिकल थाना क्षेत्र के मयूर विहार निवासी अंकुर और जागृति विहार में किराये पर रहने वाली लड़की मूल निवासी जनपद मुजफ्फरनगर के थाना रामराज के जलालपुर गांव को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक चेन, पांच मोबाइल, आइ कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड और तीन पर्स मिले हैं।

युवती और अंकुर निजी कंपनियों में नौकरी करते थे। लाकडाउन की शुरुआत में ही दोनों की नौकरी छूट गई। इसके बाद अंकुर ने कुटी चौराहे पर कंप्यूटर की दुकान खोल ली। आरती भी साथ में काम करने लगी। इसके बाद दोनों ने ठगी की योजना बनाई। टिकटाक के जरिये आरती सात माह से फौजी के संपर्क में थी।

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