हल्बा जाति प्रमाण पत्र मसला.. हाईकोर्ट ने हाईपॉवर कमेटी को अंतिम आदेश जारी करने पर लगाई रोक.. जवाब देने के भी निर्देश

बिलासपुर,23 नवंबर 2020। उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति को हल्बी जाति के दो प्रमाण पत्रों के मसले पर अंतिम आदेश जारी करने से हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।हाईकोर्ट ने इस मसले पर दायर दो याचिकाओं में राज्य सरकार से जवाब भी तलब किया है।
भिलाई स्टील प्लांट में कार्यरत दो भाईयों जिनके प्रदीप कुमार बारापात्रे और देवेंद्र बारापात्रे हैं ने खुद को हल्बी आदिवासी बताया था। उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने विजलेंस रिपोर्ट के आधार पर उक्त दोनों भाईयों से जवाब माँगा था।
दोनों ही व्यक्तियों ने पृथक दो याचिकाएँ लगाई और अंतरिम राहत की माँग की। याचिका WP(C)2710/20 और WP(C)2712/20 में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय ने तर्क रेखा। याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि हाईपॉवर कमेटी ने जिस विजलेंस रिपोर्ट के आधार पर शो कॉज जारी किया है,वह रिपोर्ट नियम 20 के प्रावधानों का पालन नही करती है। हाईकोर्ट को यह बताया गया कि, विजलेंस शाखा ने पृथक से कोई जाँच नही करते हुए केवल यह लिखा कि, उपरोक्त दोनों ही भाईयों के बड़े भाई की जाति की जाँच की जा चुकी है और वे हल्बी नही पाए गए इसलिए उस आधार पर ये दोनों भाई भी उपरोक्त श्रेणी के नही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि, यह रिपोर्ट प्रावधानों की अवहेलना है, यदि जाँच की जाती तो संभावना थी कि वे बेहतर और पुष्ट तरीक़े से अपने समर्थन में साक्ष्य दे पाते जो कि कतिपय कारणों से उनके बड़े भाई नही दे पाए।
जस्टिस गौतम भादुड़ी की कोर्ट में इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान यह आग्रह किया गया कि,हाईपॉवर कमेटी यदि अंतिम आदेश जारी कर देगी तो याचिकाकर्ताओं की नौकरी ही खत्म हो जाएगी, जबकि याचिकाकर्ता नियमों की अवहेलना कर बनाई गई विजलेंस की जाँच रिपोर्ट को चुनौती दे रहे हैं।
हाईकोर्ट ने इस पर राज्य सरकार को इस याचिका में उद्भूत प्रश्नों का छ हफ़्तों में जवाब देने का समय देते हुए निर्देशित किया है कि, आगामी सुनवाई तक उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति इन दोनों प्रकरणों में कोई अंतिम आदेश जारी ना करे।

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