गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गुरुपद संभव राम ने भक्तों को दिए आशीर्वचन, वीडियो देखिए उन्होंने क्या संदेश दिया
पड़ाव (वाराणसी) 23 जुलाई 2021। गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने अपने शिष्यों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचन में कहा— कोरोना काल में भक्त अपने घर पर ही सुरक्षित रहकर गुरू को याद करें और पूजन अर्चन करें। सभी लोग अपने […]

पड़ाव (वाराणसी) 23 जुलाई 2021। गुरुपूर्णिमा की पूर्व संध्या पर श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद औघड़ गुरुपद संभव राम जी ने अपने शिष्यों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचन में कहा—
कोरोना काल में भक्त अपने घर पर ही सुरक्षित रहकर गुरू को याद करें और पूजन अर्चन करें। सभी लोग अपने स्वास्थ्य का ध्यान दें और मिलावट के खानपान से बचे। कोरोना से लड़ने के लिए हमारी प्रतिरोधक क्षमता ही काम आ रही है। आज के समय में पूरे विश्व मे उथल पुथल मची हुई है.. ऐसे प्रतिकूल समय में आपलोग अपने आप के अनूकूल रहें .. अपने समाज के अनूकूल रहें जिससे कि ये मानवता बची रहे।
मिलावट पर कड़े कानून की वकालत करते हुए गुरुपद बाबा जी ने कहा कि मिलावट हो रही है खान पान में… हर एक तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं जिसमें केमिकल वगैरह से दूषित किया जा रहा है अन्न-जल को.. उससे हमारे स्वास्थ्य पर वैसे ही बुरा असर पड़ रहा है… बीमारी से लड़ने के लिए हमारी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होनी चाहिए.. लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा होता दिखाई दे नहीं रहा है.. फिर भी हमारे देश में लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बहुत है.. उसके बावजूद जो हमको खाद्य सामग्री उपलब्ध हो रही है वो बहुत ही दूषित है.. उसको भी हम सोच समझ कर लें.. और इसपर एक कठोर कानून भी बनना चाहिए.. कानून है लेकिन उसके आड़े आ जाता है भ्रष्टाचार।
मैं आपसे यहीं कहूंगा कि आप अपने आप पर… अपने ईश्वर पर.. अपने जो गुरूजन की वाणियों पर .. उन्होंने क्या कहा है. क्या समझाया है… उस पर विशेष आपलोग ध्यान दें……. अपने जीवन को सार्थक बनाएंगेI परिस्थितियां जैसी भी आएँ… हमें भयभीत नहीं होना है… जब हम भयभीत नहीं होंगे.. हमारी स्थिरता रहेगी.. तब हम बहुत से निर्णय लेने में सक्षम होंगे… मैं आपसे यही निवेदन करूंगा कि हमारे जो संत-महात्मा औघड़-अघोरेश्वर लोग जो हमें बता चुके हैं कि हमें कैसे रहना है.. क्या करना है उसी तरह से अपना जीवन यापन करें तो हमारा उद्धार हो सकता है।
प्रकृति से हो रही छेड़छाड़ पर गुरुपद बाबा ने कहा कि, पेड़ों का काटा जाना भी हमारे लिए नुकसानदायक है.. कई एकड़ों जंगल को काट दिया जा रहा है विकास के नाम पर जंगलों का विनाश हो रहा है… उसको लगाने का प्रयत्न भी नहीं कर रहे हैं.. इसका खामियाजा हम मौसम के रूप में झेल रहे हैं.. कहीं अतिवर्षा. कहीं सूखा..ऐसा ना हो कहीं बहुत देर हो जाए .. लोगों को अपनी मदद करनी होगी औऱ हो सके तो दूसरों की भी मदद करें.. ज्यादा प्रभाव शासकों और प्रशासकों का पड़ता है हमारे समाज पर.. उनके अच्छे चरित्र हों,, उनके अच्छे व्यवहार हों,.. कभी कभी कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं तो वो लें.. लेकिन लोगों की परेशानिया कैसे कम हो ये भी सोचें।
गुरुपूर्णिमा के तीन दिवसीय कार्यक्रम में शनिवार को सुबह प्रभात फेरी और ध्वजारोहण के साथ शुरू होगा। इसके बाद आश्रम में रह रहे भक्त गुरुदर्शन एवं पूजा पाठ करेंगे। शाम पांच बजे पारिवारिक गोष्ठि का आयोजन किया जाएगा।
रविवार सुबह सफल योनि पाठ के बाद 61वां वार्षिक अधिवेशन होगा जिसमें संस्था के पदाधिकारी शामिल होंगे। शाम को पारिवारिक विचार गोष्ठि के आयोजन के बाद गुरुपूर्णिमा महोत्सव का समापन किया जाएगा।
