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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ऑनलाइन इंट्रेंस एग्जाम कराने वाला देश का पहला विवि बना गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, 16000 विद्यार्थी हुए शामिल, कुलपति चक्रवाल बोले…छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को आईटी में अग्रणी साबित किया

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ऑनलाइन इंट्रेंस एग्जाम कराने वाला देश का पहला विवि बना गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, 16000 विद्यार्थी हुए शामिल, कुलपति चक्रवाल बोले…छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को आईटी में अग्रणी साबित किया
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By NPG News

बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2021। गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जहां स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध के स्तर पर ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में 16 हजार विद्यार्थी शरीक हुए, जो कि एक कीर्तिमान हैं। इस परीक्षा की खास बात ये रही कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस याने एई की निगरानी में विद्यार्थियों ने एग्जाम दिया। एई के तहत विद्यार्थी भले ही घर बैठे एग्जाम दिए मगर इस तकनीक से विवि प्रशासन के वो राडार में रहे। सफलतापूर्वक परीक्षा संपन्न होने पर कुलपति प्रो0 आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा है कि इंट्रेंस एग्जाम में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को सूचना तकनीक में अग्रणी साबित किया है।
विवि के अफसरों का कहना है, कोविड-19 के संक्रमणकाल से बचाव एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए समस्त अभ्यर्थियों को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस आधारित प्रॉक्टर्ड ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा अपने घर पर या सुविधाजनक स्थान रहकर मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटाप इत्यादि के माध्यम से अवसर प्रदान दिया गया। साथ विश्वविद्यालय द्वारा समस्त जानकारियां छात्रों के सुलभ संदर्भ हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गईं है जिसका अवलोकन छात्र किसी भी स्थान पर रहकर कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के तीन दशकों से ज्यादा के इतिहास में पहली बार 16 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने अपने स्थान पर रखकर ऑनलाइन माध्यम से परीक्षा का सफलतापूर्वक दिया।
उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन माध्यम से आयोजित हुई इस प्रवेश परीक्षा में छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय छात्रों ने बढ़कर हिस्सा लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को सूचना तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी साबित किया। सूचना तकनीकी के प्रति छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी का यह रुझान सराहनीय होने के साथ पूरे देश के लिए प्रेरणा साबित होगा। ऑनलाइन परीक्षा में उपस्थिति मानक ने 90 फीसदी के स्तर को हासिल कर इसके आयोजन के मूल उद्देश्य को पूर्ण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
प्रवेश परीक्षा में विभिन्न स्तरीय प्रक्रिया अपनाई गई है जिसमें छात्रों की सुलभता एवं हितों को सर्वाेपरि रखते हुए पूर्ण पारदर्शिता का ध्यान रखा गया है। इसके अंतर्गत परीक्षा परिणाम की घोषणा से प्रारंभ होकर दस्तावेजों के अपडेशन, सत्यापन के पश्चात प्रावीण्य सूची जारी करना जिसमें भारत सरकार के समस्त आरक्षण के नियमों का पालन शामिल है किया जाएगा। इस प्रक्रिया के उपरांत छात्र ऑनलाइन माध्यम से शुल्क जमा कर सकेंगे। इसका आशय है कि अभ्यार्थियों को कोविड-19 के दौर में किसी भी अन्य स्थान पर जाने की आवश्यकता नहीं है ऑनलाइन माध्यम से समस्त कार्यों का संपादन कर सकेंगे।

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