GOOD NEWS: 15 हजार से कम सैलरी वालों का तीन महीने का EPF सरकार देगी…TDS और TCS दरों में भी 25 फीसदी की कटौती होगी…

नई दिल्ली 13 मई 2020 । 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के रोडमैप को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वह बता रही हैं कि 20 लाख करोड़ का इस्तेमाल किन-किन क्षेत्रों में किया जाएगा और इन्हें कितनी राशि दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा। बता दें कोरोना संकट से बेपटरी हुई देश की अर्थव्यव्स्था को पटरी पर लाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ की स्कीम लाई जा रही है। डिस्कॉम को कैश फ्लो की दिक्कत हो रही है, उनके लिए 90 हजार करोड़ की सहायता तय की गई है। एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा। आंशिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा। इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ की स्कीम लाई जा रही है। डिस्कॉम को कैश फ्लो की दिक्कत हो रही है, उनके लिए 90 हजार करोड़ की सहायता तय की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ईपीएफ के लिए दी गई सहायता अगले तीन माह के लिए बढ़ाई जा रही है, जो पहले मार्च, अप्रैल, मई तक दी गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा 15 हजार से कम सैलरी वालों को सरकारी सहायता, सैलरी का 24 फीसदी सरकार पीएफ में जमा करेगी। टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। जिन कर्मचारियों का 24% ईपीएफ अंशदान सरकार नहीं भर रही है यानी जिनकी सैलरी 15 हजार से ज्यादा है, उनके मामले में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के लिए पीएफ में योगदान का प्रतिशत घटाकर 12 से 10 प्रतिशत किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन अगले तीन महीनों के लिए घटाया जा रहा है, ये नियोक्ताओं के लिए किया गया है। सरकारी और पीएसयू को 12 प्रतिशत ही देना होगा। पीएसयू पीएफ का 12 फीसदी ही देंगे लेकिन कर्मचारियों को 10 प्रतिशत पीएफ देना होगा।
सरकारी बैंकों में फंसे हुए पैसे को अगले 45 दिनों में निकलवाया जाएगा। 200 करोड़ से कम वाले काम में ग्लोबल टेंडर नहीं होगा जिसका फायदा एमएसएमई को मिलेगा।
ज्यादा निवेश वाली कंपनियों को एमएसएमई के दायरे में ही रखा जाएगा। पहले सिर्फ निवेश के आधार पर तय किया जाता था। अब टर्नओवर के आधार पर भी एमएसएमई की परिभाषा तय की जाएगी। माइक्रो यूनिट में 25 हजार का निवेश तक माना जाता था अब एक करोड़ के निवेश करने वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट होंगी। अब ये निवेश 1 करोड़ तक हो सकता है, और टर्नओवर 5 करोड़ तक हो सकता है लेकिन तब भी आप माइक्रो यूनिट के अंदर ही आएंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो एनपीए हैं और जो लॉकडाउन के चलते परेशानी में हैं उन्हें इस कदम से फायदा होगा 45 लाख एमएसएमई को राहत, एक साल तक कर चुकाने से मुक्ति मिलेगी। एमएसएमई जो सक्षम हैं, लेकिन कोरोना की वजह से परेशान हैं, उन्हें कारोबार विस्तार के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा 15 विभिन्न कदमों का जिक्र होगा जिसमें 6 एमएसएमई के लिए कदम उठाएंगे दो कदम एमएसएमई के फाइनेंस से जुड़ा है और 2 पीएफ से जुड़े हैं। एमएसएमई को 3 लाख करोड़ का कर्ज बिना किसी गारंटी का मिलेगा। सूक्ष्म, लघु, मध्यम व कुटीर उद्योग के लिए 20 हजार करोड़ का प्रावधान। वहीं 50000 करोड़ का फंड एमएसएमई में डाला जाएगा।
बजट के फौरन बाद कोरोना आ गया। बजट सेशन के बाद हमने गरीब कल्याण योजना के तहत 41 करोड़ खातों में पैसा पहुंचा था। जिनके पास राशन कार्ड नहीं था उन्हें भी राशन दिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा मोदी सरकार लोगों से बातचीत और संवेदनशीलता में भरोसा रखती है और बजट के बाद तुरंत कोरोना का प्रकोप आ गया।
वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम ने सबसे पहला कदम देश के गरीबों को लेकर उठाया। एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम ने सबसे पहला कदम देश के गरीबों को लेकर उठाया। एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया। आत्मनिर्भर भारत बनाने का उसने देश के लोगों में नई ऊर्जा भर दी है। लोग संकट में अवसर देख रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का लेखाजोखा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कई मंत्रालयों की लंबी चर्चा के बाद पैकेज पर फैसला हुआ है। इस पैकेज के सहारे देश को आत्म निर्भर बनाना है। इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है। हम जो भी योजनाओं का ऐलान करेंगे वो सीधे लोगों तक पहुंचेगे। गरीबों के खाते में सीधे पैसा पहुंच रहा है।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि मौजूदा TDS और TCS दरों में 25 प्रतिशत कटौती की जा रही है. यह कटौती कल से लागू होगी. इससे 50 हज़ार करोड़ की धनराशि लोगों को उपलब्ध होगी. यह कटौती 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगी.
