कोरोना वैक्सीन पर खुशखबरी: अंतिम चरण के ट्रायल की बड़ी चुनौती दूर… जानिए कोरोना की कौन सी वैक्सीन कब से मिलने लगेगी, कौन कितनी कारगर

नईदिल्ली 12 नवंबर 2020. दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के मामलों में एक बार फिर से बढोत्तरी देखने को मिल रही है. अमेरिका जैसे ताकतवर देश में कोरोना की नई लहर से हाहाकार मचा हुआ है. भारत में भी हर दिन कोरोना के करीब पचास हजार मामले सामने आ रहे हैं और सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है. सिर्फ भारत या अमेरिका नहीं दुनिया के कई ऐसे देश हैं, जहां कोरोना हर दिन हजारों लोगों की मौत हो रही है. ऐसे में कोरोना के इस दौर में हर कोई बस एक सवाल पूछ रहा है कि कोरोना की कारगर वैक्सीन कब आएगी?

कोरोना वायरस के कहर के बीच दुनियाभर के लोगों को इसकी एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन का इंतजार है। इस बीच भारत में आगे चल रही कोरोना वैक्सीन पर अच्छी खबर सामने आई है। देश में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ट्रायल कर रही कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल की बड़ी चुनौती पार कर ली है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और आईसीएमआर ने एलान किया है कि भारत में कोविशील्ड (COVISHIELD) के लिए क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण का एनरोलमेंट यानी पंजीकरण  हो गया है।

ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया Covishield नाम से बना रही है। देश में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की निगरानी में इसका ट्रायल चल रहा है। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने पिछले हफ्ते कहा था, “मुझे उम्मीद है कि एक सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में लॉन्च हो सकती है। उन्होंने कहा था कि अगर ट्रायल सफल होते हैं और नियामक संस्था से अप्रूवल मिल जाता है तो जनवरी 2021 में वैक्सीन आ सकती है।”

सीरम इंडिया ने कहा है कि भारत में Covishield के ट्रायल में अबतक सुरक्षा संबंधी कोई परेशानी नहीं आई है। बता दें कि देश में फेज 2/3 ट्रायल के तहत हजारों लोगों को कोविशील्ड टीका लगाया जा चुका है। हालांकि कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, वैक्सीन के लॉन्ग-टर्म इफेक्ट्स का पता लगने में दो से तीन साल भी लग सकते हैं।

कोविशील्ड वैक्सीन कितने में मिलेगी, इसको लेकर सरकार से उनकी बातचीत चल रही है। अदार पूनावाला ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वैक्सीन किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा, “हम निश्चिंत हैं कि यह वैक्सीन किफायती होगी और सबकी पहुंच में होगी।” उम्मीद जताई जा रही है कि कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत अन्य वैक्सीन की तुलना में कम होगी।

आईसीएमआर और सीरम इंस्टीट्यूट एक अन्य वैक्सीन कोवोवैक्स (COVOVAX) के क्लिनिकल डेवलपमेंट के लिए भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। कोवोवैक्स को अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स (Novavax) ने शुरुआती तौर पर तैयार किया है। यह एक स्पाइक प्रोटीन वैक्सीन है, जिसे सीरम इंस्टिट्यूट लाइफ साइंसेज (SILS) विकसित कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Novovax ने सीरम इंडिया के साथ साल 2021 में करीब एक बिलियन यानी 10 करोड़ खुराक आपूर्ति करने के लिए साझेदारी की है।

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