खुशखबरी: कोरोना वैक्सीन को भारत में इस सप्ताह मिल सकती है इस्तेमाल की मंजूरी…हर भारतीय तक पहुंचाने की मेगा तैयारी, इन 4 राज्यों में आज से ड्राई रन

नईदिल्ली 28 दिसंबर 2020. आज से देश में कोने-कोने तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने की तैयारियां शुरू हो जाएंगी. पंजाब, असम, आंध्र प्रदेश और गुजरात में कोरोना वैक्सीन से पहले तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय ड्राई रन आज से किया जाएगा. इन चारों राज्यों के दो जिलों में पांच जगहों पर यह ड्राई रन किया जाएगा. इस ड्राई रन का मकसद वैक्सिनेशन से पहले सारी तैयारियों का जायज़ा लेने और कोई कमी हो तो उसमे सुधार करना है. साथ ही प्लैनिंग, इंप्लीमेंटेशन या रिपोर्टिंग मैकेनिज्म को देखना और उसमें सुधार करना भी है. ड्राइ रन में कोरोना वैक्सीन के लिए कोल्ड स्टोरेज और परिवहन व्यवस्था, परीक्षण सत्र स्थलों पर भीड़ का प्रबंधन, सोशल डिस्टेंस जैसे अहम मुद्दे शामिल होंगे.

इस दौरान वैक्सीन देने के लिए खास तौर पर बनी Co-WIN एप की ऑपरेशनल फीसिबिल्टी, फील्ड प्लानिंग और इंप्लीमेंटेशन चेक किया जाएगा. ये तरह की मॉक ड्रिल होगी. इस दौरान सब कुछ वैसे ही किया जाएगा जैसे वैक्सिनेशन के दौरान होगा, लेकिन वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

कोरोना वैक्सीन की दिशा में तेजी से भारत आगे बढ़ रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी कंपनी को इसके इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली है। खबर आ रही है कि केंद्रीय ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसकेएससीओ) इस सप्ताह ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे सकती है। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

आपको बता दें कि सीरम भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोरोनावायरस वैक्सीन का निर्माण और परीक्षण कर रहा है। पिछले सप्ताह राष्ट्रीय ड्रग्स नियामक को अतिरिक्त डेटा जमा किया था। एक अधिकारी ने कहा, “इस सप्ताह विषय विशेषज्ञ समिति की बैठक बुलाई जाने की संभावना है। चूंकि फाइजर ने अपने एंटी-कोविदॉड-19 वैक्सीन के यूरोपीय संघ के आवेदन पर अपना मामला पेश करने के लिए एक नई तारीख की मांग की थी, समिति को उन्हें उसी तारीख को समय देने की संभावना है।”

यूके मेडिसिन एंड हेल्थकेयर उत्पाद नियामक एजेंसी (MHRA) भी ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के लिए EUA के के आंकड़ों पर विचार कर रही है और टीके उम्मीदवार के लिए इसकी मंजूरी भारत में नियामक अनुमोदन प्राप्त करने के लिए एक अतिरिक्त लाभ प्रदान करेगी।

यह संभावना है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन भारत में आपातकालीन उपयोग की मंजूरी पाने वाली वाली पहली वैक्सीन हो सकती है। Pfizer को स्थानीय आबादी के बीच वैक्सीन उम्मीदवार के प्रभाव को जानने के लिए भारतीय आबादी के बीच एक छोटा सा अध्ययन करने के लिए कहा जा सकता है। अधिकारी ने कहा, “चूंकि Pfizer ने अपने वैक्सीन उम्मीदवार के लिए भारत में ​​परीक्षण नहीं किया है, इसलिए कंपनी को पहले ऐसा करने के लिए कहा जा सकता है। उन्हें परीक्षणों से छूट भी मिल सकती है।”

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