गरियाबंद की बच्चियों को बाबा रामदेव के गुरूकुलम से छुड़ाया गया…..बच्चियों के बयान के बाद बढ़ सकती है पतंजलि की परेशानी…. NPG से बोले कलेक्टर- बच्चियां को ला रहे हैं वापस….CM ने भी किया ट्वीट

रायपुर 28 मई 2021। डाक्टरों की आलोचना और एलौपैथिक इलाज पर सवाल उठाकर विवादों में घिरे स्वामी रामदेव की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही है। IMA की तरफ से देश भर में दर्ज कराये FIR के बाद अब एक और मामले में बाबा रामदेव की मुश्किलें बढ़ने वाली है। दरअसल गरियाबंद में तीन लोगो ने बाबा रामदेव के हरिद्वार स्थित वैदिक कन्या गुरूकुलम के खिलाफ शिकायत की है। आरोप है कि चार बच्चों को गुरुकुलम में पढ़ाई के लिए भेजा गया था, इसके एवज में करीब सवा दो लाख रूपये जमा कराये गये थे, लेकिन परिजन जब उन बच्चों को वापस बुलाना चाह रहे हैं, तो गुरूकुलम प्रबंधन ने बच्चों को बंधक बना लिया और पैसे की डिमांड की जाने लगी।
इस मामले को लेकर चारों बच्चों के परिजनों ने हरिद्वार के डीईओ को भी लिखित शिकायत भेजी गयी थी, इधर पूरा मामला जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल गरियाबंद कलेक्टर को बच्चियों को तुरंत छुड़वाने का निर्देश दिया। अब खबर ये है कि बच्चियों को गुरूकुलम की तरफ से छोड़ दिया गया है और वो सभी बच्चियां गरियाबंद के लिए हरिद्वार से रवाना भी हो गयी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संदर्भ में एक ट्वीट भी किया है। …..
पतंजलि गुरुकुल स्कूल में छत्तीसगढ़ के 4 छात्रों को बंधक बनाए जाने की शिकायत मुझ तक पहुंची थी।
गरियाबंद कलेक्टर और एसपी की पहल पर बंधक बनाए गए बच्चों को छोड़ दिया गया है।
मैं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) May 28, 2021
इधर गरियाबंद कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने एनपीजी को बताया है कि ..
“मुझे इस बात की जानकारी मिली थी, जिसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से तत्काल हरिद्वार में प्रशासन से संपर्क किया गया और कुछ ही घंटे बाद बच्ची को वहां से निकाल लिया गया है, वो बच्चियां गरियाबंद लौट रही है और लौटने के बाद बच्चियों के बयान लिये जायेंगे साथ ही उनके परिजनों का भी बयान होगा और अगर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जायेगी”
क्या था पूरा मामला
गरियाबंद जिले के धौराकोट और छैलडोंगरी गांव के 3 लोगो ने अपने चार बच्चों को 05 अप्रैल 2021 को दो लाख 25 हजार रुपये जमा कर पढ़ाई के लिए पतंजलि के गुरुकुलम के सुपुर्द किया था। अब घर मे जरूरी काम होने के कारण वे अपने बच्चों को वापिस लाना चाहते है मगर गुरुकुल प्रशासन बच्चों को उनके सुपुर्द करने के बदले दो लाख रुपये की मांग कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि प्रति बच्चे 50 हजार रूपये की सिक्यूरिटी मनी मांगी जा रही है। जिसके बाद परिजनों ने हरिद्वार के जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत की गयी कि, वो पैसे देनें में सक्षम नहीं है।
