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गर्लफ्रेंड ने आशिक संग मिलकर “प्रेमी” को उतारा था मौत के घाट….. ढ़ाई साल बाद हाईप्रोफाईल मर्डर केस का खुलासा… लड़की ने पहले पिलाई शराब, फिर बॉयफ्रेंड का काट दिया गला.

राजनांदगांव 3 अप्रैल 2021। शुभम मर्डर केस का राज ढाई साल बाद खुला तो पुलिस के भी होश उड़ गये। शुभम जिस लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता था उसी ने अपने आशिक के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। मर्डर का तरीका इतना शातिरपना से भरा था कि, पुलिस को कातिल तक पहुंचने में पूरे ढाई साल लग गये। पुलिस इस मामले में अबतक शुभम की कथित गर्लफ्रेंड मेघा तिवारी और उसके आशिक नितिन नेपाली और उसके दोस्त दिनेश मारवाड़ी को गिरफ्तार किया है।

दरअसल मृतक शुभम नामेदव एवं उसके पिता रविन्द्र नामदेव बलात्कार के आरोप में जेल में थे। इस दौरान नितिन नेपाली एवं दिनेश मारवाड़ी से जेल में मुलाकात हुई थी, उस दौरान दोनों ने उन्हें जमानत पर बाहर निकलने की बात कही थी। बाहर निकालने के एवज में मृतक शुभम और उसके पिता से पांच लाख रूपये भी लिया थे। जमानत में बाहर आने के बाद शुभम नामदेव अपने पैसे वापस करने को लेकर लगातार दिनेश नेपाली और दिनेश मारवाड़ी के ऊपर दबाव बना रहा था। साथ ही नितिन नेपाली की महिला मित्र मेघा तिवारी को शुभम नामदेव मैसेज एवं कॉल करके नजदीकी बढ़ाने का भी दबाव बना रहा था। शुभम की इस हरकत से तंग आकर तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी थी।

इस तरह से दिया था घटना को अंजाम….
आरोपियों ने इस हत्या को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग पहले से तैयारी कर ली थी। मेघा के बाॅयफ्रेंड नितिन नेपाली ने पैसे वापस करने के बहाने और मेघा से मिलाने का झांसा देकर शुभम को वाॅटसअप काल कर पेंड्री पेट्रोल पंप के पास बुलाया, जिसके बाद 10 सितंबर 2018 की शाम को सात बजे के बीच शुभम अपने घर से कार लेकर निकला। शुभम वहां 7ः30 बजे पहुंचा। नितिन, दिनेश और मेघा पहले से ही वहां पर मौजूद थे। शुभम को शराब पीने के बहाने मेघा ने अंधेरे में चलने को कहा, जिसके बाद नितिन कार के पीछे बैठ गया। जैसे ही शराब पी कर शुभम कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा तभी खुखरीनुमा धारदार हथियार से नितिन ने उसका गला रेत दिया। इसके बाद तीनों शुभम को लहूलुहान हालत में अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे। गंभीर हालत में शुभम खुद कार चलाते हुए हाईवे किनारे स्थित होटल तक पहुंचा था, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचते ही शुभम की मौत हो गई।

मृतक के पिता ने पहले ही लगाया था आरोप…
मृतक के पिता आरके नामदेव पहले ही नितिन नेपाली, मेघा तिवारी और गोलू मारवाड़ी पर आरोप लगाया था। साथ ही पुलिस कार्रवाई में लापरवाही का भी आरोप लगाया था। पिता ने मीडिया को बताया था कि, पैसा के चलते ही उनके पुत्र की तीनों ने मिलकर हत्या कर दी थी। मीडिया से बातचीत के दौरान मृतक के पिता ने अपनी जान क खतरा भी बताया था।

300 लोगों से पूछताछ, कई कॉल डिटेल खंगाले गए….
बता दें घटना के बाद इस मामले में थाना लालबाग में हत्या का मामला दर्ज कर इसकी जांच शुरू की गई थी। लगभग 300 लोगों से पूछताछ और ढ़ाई हजार से ज्यादा लोगों के कॉल डिटेल खंगालने के बाद भी हत्या के संबंध में कोई सुराग नहीं मिल पाया था. कोरोना संक्रमण के कारण पिछले वर्ष संदेहियों का नार्को एवं ब्रेन मेपिंग टेस्ट कराने की अनुमति भी नहीं मिली थी। स्थिति सामान्य होने के बाद कुछ संदेहियों का गुजरात स्थित गांधीनगर में नार्कों एवं ब्रेन मेपिंग टेस्ट कराया गया था। टेस्ट रिर्पोट पॉजीटिव आने पर दुर्ग आईजी विवेकानन्द सिन्हा एवं राजनांदगांव एसपी डी श्रवण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर बारीकी से पूछताछ के लिए संदेहियों को फिर से बुलाया। मनोवैज्ञानिक ढंग से पूछताछ करने पर तीन आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया । अपराधियों में नितिन लिम्बु उर्फ मुक्कू नेपाली उम्र 40 वर्ष गौरी नगर, दिनेश माहेश्वरी उर्फ गोलू मारवाड़ी उम्र 37 वर्ष किलापारा एवं मेघा तिवारी उम्र 24 वर्ष सृष्टि कालोनी राजनांदगांव शामिल है।

 

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