फेसबुक में दोस्ती…फिर महिलाओं को ये नाईजीरियन बनाता था शिकार, रायपुर पुलिस ने दिल्ली से पकड़ा….इसके किस्से जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान….

रायपुर 1 फरवरी 2021। राजधानी पुलिस ने महिलाओं से ठगी करने वाले एक नाइजीरिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक के माध्यम से महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें अपना शिकार बनाता था। आरोपी को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
दरअसल मामला न्यू राजेन्द्र नगर थाने का है। पीड़ित महिला ने खुद के साथ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि कुछ महीनों पहले उसके फेसबुक में डाॅ0 रोनाल्ड क्रिस्टोफर नामक व्यक्ति का फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था, जिसके बाद महिला ने उस व्यक्ति के साथ फेसबुक के माध्यम से बातचीत शुरू की। दोनों में बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला का नंबर लेकर उससे कहा कि वो एक डॉक्टर है और उसे कुछ गिफ्ट भेज रहा है, जिसे वो रिसीव कर लें। थोड़े दिन बाद आरोपी फोन कर पीड़िता को कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट में कस्टम ऑफिसर को पार्सल छुड़ाने के नाम पर कुछ नगदी देने होंगे, जिसके बाद आरोपी ने अलग अलग बैंक एकाउंट में महिला से लगभग पांच लाख रुपये ऑनलाईन ट्रांजेक्शन से जमा करवा लिये। जब महिला को पैसे देने के बाद भी पार्सल नहीं मिला और आरोपी डाॅ0 रोनाल्ड क्रिस्टोफर का काल करने पर उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया तो खुद को ठगा हुआ महसूस कर महिला ने इसकी शिकायत राजेंद्र नगर थाने में दर्ज कराई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुये एसएसपी अजय यादव ने एडिशनल एसपी लखन पटले और क्राइम एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को जांच के आदेश दिये गये। जांच के दौरन आरोपी के काॅल डिटेल, फेसबुक एकाउंट और बैंक डिटेल को खंगालना शुरू किया तो पता चला कि आरोपी दिल्ली के भरत विहार ककरोला में रहता है। आरोपी का लोकेशन मिलने के बाद सायबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर दिल्ली रवाना किया गया। टीम ने कैंप कर आरोपी नाइजीरियन इग्नातुस चुकवजेक्वउ नौरूका 35 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
ऐसे देता था वारदात को अंजाम :- आरोपी नाइजीरियन ने अलग अलग नामों से फेसबुक पर लगभग 50 से ज्यादा आईडी बना रखी थी। आरोपी इन आईडी से महिलाओं को फ्रेण्ड रिक्वेस्ट भेजकर उनसे दोस्ती करता था, फिर धीरे – धीरे उन्हें अपने झांसे में लेकर ठगी करता था। आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए सिम व मोबाईल उपयोग करने के बाद उसे तोड़कर फ़ेंक देता था। साथ ही फेसबुक आई डी को भी डि-एक्टिवेट कर देता था।

 

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