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रेड में 175 करोड़ की संपत्ति मिली : स्टील निर्माता के 44 ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड…… 175.5 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा

रेड में 175 करोड़ की संपत्ति मिली : स्टील निर्माता के 44 ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड…… 175.5 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा
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By NPG News

नई दिल्ली 28 अगस्त 2021। आयकर विभाग ने एक मशहूर स्टील निर्माता के 44 ठिकानों पर छापेमारी की है. महाराष्ट्र और गोवा के अलग-अलग शहरों में की गई छापेमारी में अब तक 175.5 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति का पता चला है. इसके अलावा बेहिसाब नकदी और आभूषण भी बरामद हुए हैं.आयकर विभाग के मुताबिक छापेमारी में 3 करोड़ कैश और 5.20 करोड़ के आभूषण जब्त किए गए हैं. छापेमारी में बेहिसाब निवेश का भी पता तला है. इनके यहां से फर्जी चालान भी बरामद किए गए हैं. तलाशी अभियान और जांच अभी भी जारी है. छापेमारी में 194 किलोग्राम की बेहिसाब चांदी की वस्तुएँ मिली हैं जिसका मूल्य लगभग 1.34 करोड़ रुपये हैं.

आयकर विभाग के अधिकारियों ने बुधवार 25.08.2021 को महाराष्ट्र और गोवा स्थित एक व्यापारिक समूह के पुणे, नासिक, अहमदनगर और गोवा के ठिकानों की तलाशी ली. यह समूह गोवा का एक प्रमुख इस्पात निर्माता और व्यापारी घराना है. तलाशी और जब्ती अभियान के दौरान, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं.तलाशी के दौरान मिले सबूतों से पता चला कि समूह विभिन्न ‘फर्जी चालान’ से स्क्रैप और स्पंज आयरन की फर्जी खरीद की बुकिंग की धोखाधड़ी में लिप्त है. तलाशी के दौरान फर्जी चालान जारी करने वालों के परिसर को भी खंगाला गया.

ऐसे चालान जारीकर्ताओं ने स्वीकार किया है कि उन्होंने केवल बिल की आपूर्ति की, लेकिन कोई सामान की सप्लाई नहीं की. जांच में पता चला कि वास्तविक खरीद के रूप में दिखाने और जीएसटी इनपुट क्रेडिट का दावा करने के लिए नकली ई-वे बिल भी बनाए गए.

आयकर विभाग के अधिकारियों ने बुधवार 25.08.2021 को महाराष्ट्र और गोवा स्थित एक व्यापारिक समूह के पुणे, नासिक, अहमदनगर और गोवा के ठिकानों की तलाशी ली. यह समूह गोवा का एक प्रमुख इस्पात निर्माता और व्यापारी घराना है. तलाशी और जब्ती अभियान के दौरान, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं.तलाशी के दौरान मिले सबूतों से पता चला कि समूह विभिन्न ‘फर्जी चालान’ से स्क्रैप और स्पंज आयरन की फर्जी खरीद की बुकिंग की धोखाधड़ी में लिप्त है. तलाशी के दौरान फर्जी चालान जारी करने वालों के परिसर को भी खंगाला गया.ऐसे चालान जारीकर्ताओं ने स्वीकार किया है कि उन्होंने केवल बिल की आपूर्ति की, लेकिन कोई सामान की सप्लाई नहीं की. जांच में पता चला कि वास्तविक खरीद के रूप में दिखाने और जीएसटी इनपुट क्रेडिट का दावा करने के लिए नकली ई-वे बिल भी बनाए गए.

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