पूर्व IAS को एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया… प्रयागराज से जबरन भेजा गया वापस, दिल्ली की फ्लाइट में बैठाया गया… ट्वीट कर पूर्व अफसर ने खुद दी जानकारी

प्रयागराज 19 जनवरी 2020। केरल के पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ( के प्रयागराज में एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी. गोपीनाथन शनिवार को दिल्ली से यहां ‘नागरिकता बचाओ, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के मुद्दे पर अखिल भारतीय जनवादी मंच द्वारा आयोजित दो घंटों की संगोष्ठी को संबोधित करने के लिए पहुंचे थे. गोपीनाथन द्वारा उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकलने से रोकने के बारे ट्वीट करने के बाद उन्हें हिरासत में लिए जाने की बात प्रकाश में आई.
पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा, ‘मेरे फ्लाइट से निकलकर निकास की ओर जाते ही, दस पुलिसकर्मी मेरे पास आए और मुझसे मेरी पहचान पूछी. जब मैंने उन्हें अपना नाम बताया तो वे मुझे वीआईपी लाउंज में लेकर गए और इसके बाद वहां से मुझे किसी सिक्योरिटी कमरे में ले जाया गया.’
Not allowed to get out of Allahabad airport and put on a flight to Delhi.
Independent Banana Republic of Uttar Pradesh offers free Delhi travel every time.@myogiadityanath is so afraid of free speech.
Will be coming again. Make your bookings in advance this time @Uppolice https://t.co/588cXVYbiP
— Kannan Gopinathan (@naukarshah) January 18, 2020
इसकी जानकारी ख़ुद ही कन्नन गोपीनाथन ने ट्वीट कर दी, उन्होंने लगातार दो ट्वीट किए- पहले ट्वीट में डिटेन किए जाने की बात बताई और दूसरे ट्वीट में उन्होंने इलाहाबाद एयरपोर्ट लिखा.
इलाहाबाद के पुलिस अधीक्षक एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बीबीसी को बताया, “कन्नन गोपीनाथन जी को हम लोगों ने समझाया कि क़ानून-व्यवस्था के लिहाज़ से आपका वहां जाना संवेदनशील हो सकता है. वे ख़ुद नौकरशाह रहे हैं. उन्होंने हमलोगों की बातों को समझा और वापस लौट गए.”
कन्नन गोपनाथन ने ट्वीट किया है कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और दिल्ली की फ़्लाइट में बिठा दिया गया. गोपीनाथन ने लिखा है, “इलाहाबाद एयरपोर्ट से बाहर निकलने की अनुमति नहीं मिली और दिल्ली की फ्लाइट में बिठाया गया. उत्तर प्रदेश के ‘इंडिपेंडेंट बनाना रिपब्लिक’ मुफ़्त में दिल्ली की यात्रा करवाता है. योगी आदित्यनाथ को अभिव्यक्ति की आज़ादी से डर लगता है. मैं फिर आऊंगा. यूपी पुलिस मेरे लिए पहले से बुकिंग करा कर रखे.”
यह कैसा आयोजन था और इसको लेकर क़ानून व्यवस्था की मुश्किल क्या थी?
