पूर्व कोच ने कहा, तेज गेंदबाजों के लिए अपना फिटनेस बनाए रखना बहुत बड़ी चुनौती

नईदिल्ली 14 अप्रैल 2020. पूर्व कोच शंकर बासु का मानना है कि मैदान पर बिना रनिंग के फिटनेस कायम रखना चुनौती है। साथ ही सलाह दी है कि लॉकडाउन के दौरान क्रिकेटरों को योजनाबद्ध तरीके से फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही कहा कि ज्यादा समय स्क्रीन (टीवी) के सामने न बिताने की भी सलाह दी।
बासु 2015 से लेकर 2019 तक भारतीय टीम से जुड़े रहे। उन्होंने जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी जैसे तेज गेंदबाजों के साथ फिटनेस पर काम किया है। इस समय आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के साथ जुड़े शंकर ने माना कि यह ब्रेक बल्लेबाजों के मुकाबले गेंदबाजों के लिए ज्यादा बड़ी चुनौती है। असल चुनौती तो तब मैच फिटनेस की होगी जब क्रिकेट फिर से बहाल होगा। अचानक अभ्यास के दबाव के अलावा तेज गति से दौड़ना गेंदबाजों के लिए थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि आधुनिक क्रिकेटर काफी जागरूक हैं। उन्हें मालूम है कि फिटनेस को कैसे कायम रखना है। हर खिलाड़ी मौजूदा फिटनेस कोच निक वेब की वर्कआउट योजना पर काम कर रहा होगा। ज्यादातर के पास घर पर ही जिम है। दमखम को लेकर वह काम कर रहे होंगे लेकिन अनुकूलन पर भी ध्यान देने की जरूरत होगी।

बासु ने कहा कि भारतीय पेस अटैक फिटनेस को लेकर काफी गंभीर है और वह फिट रहने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सब कुछ करेंगे लेकिन मैदान में असल ट्रेनिंग की भरपाई नहीं हो सकती। पूरे दिन सिर्फ लेटे रहने और टीवी के चैनल बदलते रहने भर से आप दर्द को ही न्योता देंगे।
आपको तय करना है कि आपको जल्दी सोना है या देर से दिनचर्या उसी हिसाब से बनाएं।
घर पर बैठकर ज्यादा ध्यान खान पान पर रहता है लेकिन संतुलित और पौष्टिक आहार होना चाहिए।

 

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