राजधानी पुलिस को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सौंपा लिखित जवाब..टूलकिट को लेकर लिखा “संलग्न दस्तावेज पब्लिक डोमेन पर पर उपलब्ध होकर प्रसारित हो रहे थे..मेरे विचारों की अभिव्यक्ति है..कांग्रेस सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चला दिग्भ्रमित कर रही है”

रायपुर,23 मई 2021। टूलकिट मसले पर राजधानी की सिविल लाईंस पुलिस निर्धारित समय पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के निवास पर पहुँच गई और पंद्रह मिनट के भीतर लिखित जवाब लेकर लौट गई। पुलिस टीम में एसडीओपी नसर सिद्दकी और टीआई रामकृष्ण मिश्रा के साथ सायबर सेल शामिल थी।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह के घर ठीक बारह बजकर तैंतीस मिनट पर पुलिस टीम पहुँची और क़रीब दो मिनट से भी कम इंतज़ार के बाद SDOP नसर सिद्दकी और टीआई आर के मिश्रा को डॉ रमन सिंह के कक्ष में बुलवा लिया गया। जहां क़रीब पंद्रह मिनट ठहरने के बाद पुलिस टीम लिखित जवाब लेकर वापस रवाना हो गई।
डॉक्टर रमन सिंह से जो सवाल सबसे अहम पुलिस के पास था वह यही था कि वे यह बताएँ कि उन्हें टूल किट किससे मिला उसके जवाब में लिखित जवाब में बताया गया है
“18 मई को मेरे द्वारा किया गया ट्वीट के साथ संलग्न दस्तावेज मेरे ट्वीट करने के पूर्व से सार्वजनिक रुप से उपलब्ध हैं.. और प्रसारित हो रहे थे”
डॉ रमन सिंह ने लिखित जवाब में FIR और किए गए सवालों का उल्लेख भी लिखित जवाब में किया है। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में लिखा है –
“पुलिस ने जल्दबाज़ी में दबाववश शिकायत कर्ता के दबाव में शिकायतकर्ता का कथन दर्ज किए बिना एवं उसकी शिकायत की सत्यता को परखें बिना ही प्राथमिकी दर्ज की गई है और जिस प्रकार के प्रश्न पूछे गए उससे प्रतीत होता है कि मेरे अभिव्यक्ति के अधिकार और मेरी आवाज़ को दबाने के लिए पूरी कार्यवाही कांग्रेस पार्टी की साख को बचाने के लिए पुलिस की शक्तियों के दुरपयोग कर के किया गया है।यह FIR राजनैतिक द्वेष से मेरी छवि धूमिल करने के लिए की गई है”
रायपुर पुलिस अब इस जवाब का अध्ययन करेगी और संकेत है कि जवाब से असंतुष्ट अथवा और विस्तार से जानकारी के लिए फिर से कोई नोटिस जारी किया जाए।
