कंगना रनौत और बहन रंगोली के खिलाफ FIR दर्ज, सांप्रदायिक नफरत फैलाने और मुख्यमंत्री को बदनाम करने का आरोप

मुंबई 17 अक्टूबर 2020. दोनों बहनों पर सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगा है। दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295(a) 153 (a) और 124(a) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि इससे पहले बांद्रा कोर्ट ने कास्टिंग डायरेक्टर साहिल अशरफ सय्यद की शिकायत के बाद हाल ही में कंगना और उनकी बहन के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुन्ना वराली और साहिल अशरफ सैयद नाम के याचिकाकर्ताओं ने अदालत में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें कंगना के ट्वीट को भड़काऊ बताते हुए उनपर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो याचिका में आरोप लगाया गया है कि कंगना अपने ट्वीट और टीवी चैनलों पर इंटरव्यू के जरिए हिन्दू और मुस्लिम कलाकारों के बीच खाई पैदा कर रही हैं। कोर्ट के इस आदेश और एफआईर दर्ज होने के बाद कंगना की मुसीबत और बढ़ सकती है।

इस पूरे प्रकरण पर कंगना रनौत के वकील रिजवान सिद्दकी ने कहा, ‘मुझे उन ट्वीट्स को चेक करनी होगा जिनका उल्लेख कोर्ट में किया गया है. जिन ट्वीट्स के बारे में बात की गई है, हो सकता है कि उनकी व्याख्या गलत तरीके से की गई हो. मुल्ला का मतलब धार्मिक प्रमुख होता है. आदेश की प्रतिलिपि मिलने के बाद ही इस पर कुछ टिप्पणी कर सकूंगा.

वकील रिजवान ने कहा, ‘ऐसा कुछ नहीं है जिससे लगे कि वह सांप्रदायिक नफरत फैला रही हैं. मैं मुस्लिम हूं और पिछले 10 साल से कंगना के साथ जुड़ा हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं उनके ट्वीट पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हूं. एक बार जब मुझे पूरी ऑर्डर कॉपी मिल जाएगी तो मैं इसके बारे में बोल सकूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘सांप्रदायिक घृणा के लिए मेरे क्लाइंट के ट्वीट्स जिम्मेदार नहीं हैं. इसके लिए यह साबित करना होगा कि वे ट्वीट्स सांप्रदायिक घृणा के लिए जिम्मेदार हैं. मुल्ला के खिलाफ उनका ट्वीट इस्लाम समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि धार्मिक प्रमुख के खिलाफ है, यह पैगंबर मुहम्मद या मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. कंगना किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं.’

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