Begin typing your search above and press return to search.

vijaya ekadashi 2026 : विजया एकादशी से मिली थी भगवान राम को लंका में विजय, जानिए आज के शुभ योग, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, विशेष उपाय एक Click में

vijaya ekadashi 2026 : विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है. शत्रुओं से विजय प्राप्त होती है. जो लोग करियर, व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है. आइये जानें विजया एकादशी को लेकर अभिजीत मुहूर्त से लेकर धार्मिक महत्व और पूजा विधि और कुछ सरल उपाय.

vijaya ekadashi 2026  : विजया एकादशी से मिली थी भगवान राम को लंका में विजय, जानिए आज के शुभ योग, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, विशेष उपाय एक Click में
X
By Meenu Tiwari

Vijaya Ekadashi Vrat 2026 : आज फाल्गुन माह की पहली एकादशी है. आज विजया एकादशी है. ‘विजया’ शब्द का अर्थ है विजय यानी जीत. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति को जीवन की बाधाओं पर विजय मिलती है. कहा जाता है कि इस व्रत से पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है. मान्यता अनुसार विजया एकादशी की कथा भगवान राम से जुड़ी हुई है.


पुराणों के अनुसार जब भगवान राम माता सीता को रावण की कैद से मुक्त कराने के लिए समुद्र तट पर पहुंचे, तब उनके सामने समुद्र पार करने की बड़ी समस्या थी. इस कठिनाई का समाधान जानने के लिए वे वकदालभ्य मुनि के पास गए. मुनि ने उन्हें फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी.

कहा जाता है कि भगवान राम ने विधि-विधान से यह व्रत किया, जिसके प्रभाव से उन्हें लंका विजय में सफलता मिली. तभी से इस एकादशी को विजया एकादशी कहा जाने लगा.


साथ ही आज कुंभ संक्रांति भी मनाई जाएगी। इसी दिन विजया एकादशी का व्रत भी रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पिछले जन्मों के पाप धुल जाते हैं। वहीं, एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की असीम कृपा दिलाता है। इन दोनों का एक साथ होना इस दिन की शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है।

आज के दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है. शत्रुओं से विजय प्राप्त होती है. जो लोग करियर, व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है. आइये जानें विजया एकादशी को लेकर व्रत का महत्व, अभिजीत मुहूर्त से लेकर धार्मिक महत्व और पूजा विधि और कुछ सरल उपाय.


विजया एकादशी 2026 पर पूजन का शुभ मुहूर्त

साल 2026 में एकादशी तिथि का आरंभ 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से हुआ है और इसका समापन 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर 13 फरवरी को विजया एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही विजय मुहूर्त भी दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से 3 बजकर 12 मिनट तक है। इन मुहूर्तों में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति मानी जाती है।




विजया एकादशी का धार्मिक महत्व

‘विजया’ शब्द का अर्थ है विजय यानी जीत. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से व्यक्ति को जीवन की बाधाओं पर विजय मिलती है. कहा जाता है कि इस व्रत से पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. शास्त्रों में इसे बड़े यज्ञ के समान फल देने वाला व्रत बताया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति सच्चे मन से यह व्रत करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उसे हर कार्य में सफलता मिलती है. इस व्रत को करने से शत्रुओं पर विजय, कोर्ट-कचहरी के मामलों में राहत, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और मानसिक बाधाओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही यह व्रत पापों का क्षय कर आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खोलता है।


विजया एकादशी के दिन खास उपाय


विजया एकादशी के मौके पर आज हम आपको कुछ सरल उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें करने से धन-धान्य और सुख-शांति में वृद्धि होती है। साथ ही कई हर तरह की बाधाएं दूर होती हैं।


  • विजया एकादशी के दिन केसर मिश्रित दूध से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। - इस दन गन्ने के रस से भगवान विष्णु का अभिषक करना बेहद शुभ होता है। इस उपाय को करने से सुख-सौभाग्य और आय में वृद्धि होगी, कारोबार संबंधी परेशानी दूर होगी। आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। - इसके अलावा मिश्री वाले दूध से और गंगाजल से भी भगवान विष्णु का अभिषेक कर सकते हैं।
  • मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से जीवन में आनी वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है। साथ ही इस व्रत को करने से सभी पापों का नाश होता है और अक्षय पुण्यफल की प्राप्ति होती है। व्रत के दौरान संयम और नियमों का पालन करें। अगर आप व्रत नहीं रख पा रहे हैं, तो इस दिन पूरी तरह सात्विक भोजन करें और चावल का त्याग करें।
  • कलश स्थापना इस दिन आप कलश स्थापना कर सकते हैं। कलश को स्थापित करने के लिए एक वेदी बनाकर उस पर सप्तधान्य यानी सात प्रकार के अनाज रखें। फिर उस पर जल से भरा कलश स्थापित करें और भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखकर उनकी पूजा करें। मान्यता है कि सारे अधूरे कार्य पूरे होते हैं। साथ ही धन-धान्य में वृद्धि होती है।
  • विजया एकादशी पर पीपल के पेड़ की पूजा करना बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और पितरों का वास होता है। ऐसे में एकादशी के दिन पीपल के जड़ में जल अर्पित करें और शुद्ध घी का दीपक जलाएं। ऐसे मं इसकी पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा बरसेगी। साथ ही पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और भाग्य का साथ मिलता है।
  • विजया एकादशी पर पीले रंग की चीजों का दान करने से पुण्य मिलता है। क्योंकि भगवान विष्णु को यह रंग बेहद प्रिय है। ऐसे में इस दिन जरूरतमंद को पीले वस्त्र, केले, चने की दाल या केसरिया मिठाई का दान करें। इससे पाप नष्ट होते हैं और जीवन में खुशियों व धन का अच्छा तालमेल रहता है।


Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

Read MoreRead Less

Next Story